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चुनाव आयोग ने पूछा रेल टिकट और बोर्डिंग पास के पीछे पीएम मोदी की फोटो कैसे छपी

रेलवे और एविएशन मिनिस्ट्री से जवाब मांगा.

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30 मार्च 2019 (अपडेटेड: 30 मार्च 2019, 08:26 AM IST)
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17वीं लोकसभा के लिए चुनाव प्रचार अभियान जोरों पर है. सभी राजनीतिक पार्टियां जोर-शोर से चुनाव प्रचार में लगी हुईं हैं. देश में 10 मार्च से मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू है. चुनाव आयोग इसके उल्लंघन पर नजर रख रहा है. आयोग ने शनिवार (30 मार्च) को रेल मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को नोटिस जारी किया है. आयोग ने पूछा है कि आचार संहिता लागू होने के बाद भी रेलवे टिकट और एयर इंडिया के बोर्डिंग पास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो का इस्तेमाल क्यों हो रहा है. आयोग ने दोनों मंत्रालयों से 30 मार्च तक जवाब देने को कहा है. आलोचना के बाद लिया फैसला चुनाव आयोग ने 27 मार्च को रेलवे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. आयोग ने पूछा था कि मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू होने के बाद भी रेलवे टिकट पर पीएम मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर आलोचना के बाद 25 मार्च को एयर इंडिया ने फैसला किया था कि वह पीएम मोदी और गुजरात के सीएम विजय रुपाणी की तस्वीर वाले बोर्डिंग पास को वापस ले लेगी. 'मैं भी चौकीदार' कप में परोसा गया चाय शुक्रवार को काठगोदाम शताब्दी एक्सप्रेस में 'मैं भी चौकीदार' लिखे कप में यात्रियों को चाय दी जा रही थी. इस कप को एक एनजीओ ने प्रायोजित था. कप पर देश को आंतकवाद से बचाने और सैनिकों का सम्मान करने की भी बात लिखी गई थी. एनजीओ संकल्प सेवा फाउंडेशन के अध्यक्ष राजीव मित्तल और दूसरे एनजीओ उत्थान सेवा संस्थान का लोगो भी कप पर था. क्या कहना है रेलवे का सोशल मीडिया पर ट्रोल होने के बाद रेलवे ने इन कप्स को हटाने का फैसला किया है. साथी ही ठेकेदार पर एक लाख का जुर्माना भी लगाया है. यात्रियों का दावा है कि 'मैं भी चौकीदार' लिखे कप में दो बार चाय परोसी गई. आईआरसीटीसी के प्रवक्ता ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. इन कप्स में चाय परोसने के लिए आईआरसीटीसी की परमिशन नहीं ली गई थी. सुपरवाइजर और पेंट्री इंजार्च से स्पष्टीकरण मांगा गया है. आचार सहिंता उल्लंघन के लिए ठेकेदार को नोटिस भी जारी किया गया है. टैक्सपेयर्स के पैसे से किसी का प्रचार नहीं 10 मार्च को लोकसभा चुनाव के ऐलान के बाद पूरे देश में आचार सहिंता लागू है. आयोग ने कैबिनेट सचिव, राज्य के मुख्य सचिवों और सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को केंद्र और राज्य सरकारों की आधिकारिक वेबसाइटों से किसी भी मंत्री, राजनेता या राजनीतिक दल से संबंधित फोटो हटाने का आदेश दिया था. पब्लिक के पैसे पर सरकार की उपलब्धियों का बखान करने वाले विज्ञापनों पर भी चुनाव खत्म होने तक रोक लगी हुई है.
चुनावी रैली में पीएम मोदी का टेलिप्रॉम्प्टर से पढ़कर भाषण देना अच्छी बात है

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