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राहुल गांधी ने US में महाराष्ट्र चुनाव को लेकर जो आरोप लगाए, ECI ने उनका ये जवाब दिया था

राहुल गांधी ने जो आरोप बॉस्टन में लगाए हैं, उन पर चुनाव आयोग ने दिसंबर, 2024 में ही जवाब दे दिया था.

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21 अप्रैल 2025 (पब्लिश्ड: 11:36 PM IST)
Rahul Gandhi
राहुल गांधी ने अमेरिका के बॉस्टन में बयान दिया. (India Today)
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका के बॉस्टन में महाराष्ट्र चुनाव को लेकर बयान दिया. उन्होंने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए. इस खबर पर 21 अप्रैल की सुबह से शुरू हुआ राजनीतिक हंगामा रात तक चला. बीजेपी की तरफ से संबित पात्रा ने मोर्चा संभाला और कांग्रेस सांसद पर देश को बदनाम करने का आरोप लगाया. लेकिन राहुल गांधी ने बॉस्टन में जो आरोप लगाए, उनपर जवाब तो इलेक्शन कमीशन चार महीने पहले ही दे चुका है.

राहुल गांधी ने बॉस्टन में क्या कहा?

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी दो दिन के अमेरिका के दौरे पर हैं. 20 अप्रैल की शाम वो भारतीय प्रवासियों को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने भारत के निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए. कहा,

मैं कई बार कह चुका हूं कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जितने बालिग नहीं हैं, उससे ज़्यादा वोटिंग हुई है. चुनाव आयोग ने हमें साढ़े पांच बजे तक की वोटिंग का आंकड़ा दिया था. जबकि 5:30 से शाम 7:30 के बीच 65 लाख वोटिंग हुई. लेकिन 2 घंटे में 65 लाख वोटिंग मुमकिन ही नहीं है.

एक वोटर को वोट डालने में लगभग 3 मिनट लग जाते हैं. अगर आप गणित लगाएंगे, तो पता चलेगा कि वोटर्स की लाइन तो रात 2 बजे तक लगी होनी चाहिए थी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ था. हमने चुनाव की वीडियोग्राफी मांगी, तो आयोग ने मना कर दिया. इतना ही नहीं, उन्होंने कानून भी बदल दिया. ताकि हम आगे वीडियो के बारे में सवाल ही न कर पाएं.

कांग्रेस और उनके नेता काफी समय से चुनाव आयोग पर ऐसे आरोप लगा रहे हैं. पिछले साल के आखिरी महीनों में महाराष्ट्र में चुनाव हुए. इस दौरान बीजेपी गठबंधन को प्रचंड जीत मिली. नतीजों के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर यही आरोप लगाए थे जो बॉस्टन में राहुल ने लगाए. कांग्रेस के इन आरोपों पर 24 दिसंबर, 2024 को चुनाव आयोग ने बिंदुवार जवाब दिए थे.

Election Commission का जवाब

चुनाव आयोग ने मतदान के शाम 5 बजे तक के आंकड़े और अंतिम आंकड़ों के बीच अंतर को लेकर कांग्रेस की आपत्ति पर जवाब दिया था. आयोग ने कहा था,

आंकड़ों की सीधी तुलना करना गलत है. शाम 5 बजे से रात 11:45 बजे तक मतदान में वृद्धि वोटर टर्नआउट का डेटा इकट्ठा करने की प्रक्रिया का एक सामान्य हिस्सा है. "डाले गए वोट" और "गिने गए वोटों" के बीच अंतर मौजूद हो सकता है. लेकिन ये अंतर अक्सर महत्वहीन होता है. और किसी भी तरह की गड़बड़ी को नहीं दर्शाता है.

महाराष्ट्र चुनाव में ECI के आंकड़ों के मुताबिक, मतदान के दिन 20 नवंबर को शाम 5 बजे तक 58.22% मतदान हुआ. हालांकि, रात 11.30 बजे यह बढ़कर 65.02% हो गया और अंततः अगले दिन 21 नवंबर तक 66.05% तक पहुंच गया, जो लगभग 76 लाख अतिरिक्त वोटों की वृद्धि को दर्शाता है.

कांग्रेस की शिकायतों के जवाब में, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की तैयारी और वोटर टर्नआउट डेटा के संग्रह में शामिल चरणों को भी स्पष्ट किया. आयोग ने कहा कि मतदान केंद्रों से डेटा एकत्र किया गया और VTR ऐप के माध्यम से आगे बढ़ा. VTR ऐप वास्तविक समय में मतदान रुझानों को शेयर करने का जरिया है. किसी भी मतदान केंद्र पर डाले गए कुल मतों का आधिकारिक स्रोत फॉर्म 17सी है, जो कानूनी रूप से बाध्यकारी है और मतदान केंद्र बंद होने से पहले उपलब्ध होता है. 

सरल भाषा में समझें तो शाम 5 बजे तक मतदान का डेटा चुनाव आयोग ने जारी तो किया, लेकिन उस समय तक पड़े सारे वोटों तब तक गिने नहीं गए थे. यानी आयोग कहना चाह रहा है कि जो 76 लाख वोट गिने गए वो सभी 5 बजे के बाद के नहीं थे, उनमें पिछले वोटों का 'बैकलॉग' भी था जो पांच बजे तक गिने नहीं गए थे. इसलिए अंतिम डेटा में अंतर दिखा.

चुनाव आयोग ने कांग्रेस के इस दावे का भी खंडन किया कि जुलाई से नवंबर 2024 के बीच 50 विधानसभा क्षेत्रों (एसी) में 50,000 मतदाताओं की कथित वृद्धि हुई है, जिनमें से 47 पर कथित तौर पर महायुति (BJP+) गठबंधन ने जीत दर्ज की थी. आयोग ने स्पष्ट किया कि इस अवधि के दौरान केवल छह विधानसभा क्षेत्रों में 50,000 से अधिक मतदाताओं की वृद्धि देखी गई. इसलिए, यह मानना गलत है कि 47 विधानसभा क्षेत्रों के परिणाम इस कारक से प्रभावित थे. 

बीजेपी ने क्या कहा?

BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा,

राहुल गांधी संविधान की दुहाई देते रहते हैं. लेकिन साथ ही, वो इसकी रक्षा करने वाली संस्थाओं का अपमान भी करते हैं. ये राहुल गांधी की पहचान बन गई है. वो विदेश जाकर कहते हैं कि भारत में लोकतंत्र खत्म हो गया है. इससे पता चलता है कि कुछ मोदी विरोधी लोग अब भारत विरोधी हो गए हैं.

पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, 

एक नहीं अनेक चुनाव हारने के बाद भी कुछ राजनीतिक दल और राजनेता सीखते नहीं हैं. वो केवल ईवीएम, इलेक्शन कमीशन और लोकतांत्रिक प्रणाली पर सवाल उठाते रहते हैं.

ठाकुर ने कहा कि राहुल भारत को बदनाम करने का काम दुनियाभर के देशों में जाकर करते हैं.

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: क्या अब केंद्र सरकार चलाएगी चुनाव आयोग?

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