लगता है कि बसपा की विरोधी पार्टी भाजपा या कांग्रेस नहीं ईवीएम है. क्यूंकिउन्होंने हमेशा की तरह इस बार भी उसको ही दोष देना शुरू कर दिया है. अबकी उन्होंनेट्वीट के माध्यम से कहा है कि - सत्ताधारी बीजेपी को इस लोकसभा चुनाव में आमजनताद्वारा बुरी तरह से नकारे जाने का ही परिणाम है कि अब - बीजेपी वोट से नहीं बल्किनोटों से - ईवीएम की धांधली से - पुलिस/प्रशासन तंत्र के दुरुपयोग सेे - ईवीएम मेंचुनाव कर्मचारियों से ही बटन दबवाकर आदि धांधलियों से चुनाव जीतना चाहती है. सत्ताधारी बीजेपी को इस लोकसभा चुनाव में आमजनता द्वारा बुरी तरह से नकारे जाने काही परिणाम है कि अब * बीजेपी वोट से नहीं बल्कि नोटों से * ईवीएम की धांधली से *पुलिस/प्रशासन तंत्र के दुरुपयोग सेे * ईवीएम में चुनाव कर्मचारियों से ही बटनदबवाकर आदि धांधलियों से चुनाव जीतना चाहती है।— Mayawati (@Mayawati) April 12, 2019 हमारा ये मानना है कि अगर आप जानते ही हैं(या अगर मानते भी हैं) कि ईवीएम के गड़बड़झाले से चुनाव जीते जा सकते हैं तो फिर आपचुनाव में इतने जी जान से क्यों लगे हुए हैं. गोया ये तो वही बात हो गयी कि चित भीमेरी, पट भी मेरी. चुनाव जीते तो खुद की पीठ थपथपा लो. हारे तो ईवीएम के ऊपर ठीकराफोड़ दो. आपको पता ही होगा कि भारत के सबसे बड़े सूबे की मुख्यमंत्री रह चुकींमायावती अबकी सपा, यानी अखिलेश यादव की पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही हैं.--------------------------------------------------------------------------------वीडियो देखें: औरंगाबाद दंगे में जेल गए अनिल सिंह ने बताया, क्यों हुआ था रामनवमीका दंगा -