The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • eknath shinde expelled gauri lankesh murder accused srikant pangarak from shiv sena party

गौरी लंकेश हत्याकांड के आरोपी को शिवसेना ने पार्टी से निकाला, पहले चुनाव की जिम्मेदारी दी थी

18 अक्टूबर को पूर्व राज्य मंत्री अर्जुन खोतकर की मौजूदगी में गौरी लंकेश की हत्या के आरोपी श्रीकांत पार्टी ज्वाइन की थी.

Advertisement
pic
20 अक्तूबर 2024 (अपडेटेड: 20 अक्तूबर 2024, 08:33 PM IST)
eknath shinde expelled gauri lankesh murder accused srikant pangarak from shiv sena party
शिवसेना ने एक लेटर जारी कर आरोपी श्रीकांत पंगारकर ने सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है. (तस्वीर-इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के आरोपी श्रीकांत पंगारक को शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है. 18 अक्टूबर को पूर्व राज्य मंत्री अर्जुन खोतकर की मौजूदगी में आरोपी श्रीकांत पार्टी ज्वाइन की थी. इसके बाद से शिवसेना निशाने पर थी. ऐसे में 2 दिन बाद 20 अक्टूबर को पार्टी ने एक लेटर जारी कर आरोपी श्रीकांत पंगारकर ने सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है.

आरोपी श्रीकांत पंगारकर को पार्टी द्वारा जालना विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी भी दी गई थी. जिसके बाद शिवसेना नेता और पूर्व राज्य मंत्री अर्जुन खोतकर ने मीडिया से कहा था कि पंगारकर पार्टी के पुराने कार्यकर्ता थे और अब फिर से पार्टी में वापस आ गए. खोतकर ने कहा कि पंगारकर को कोर्ट ने जमानत दे दी. और वो न्यायिक कार्यवाही पूरी करने के बाद जेल से बाहर आ गए. खोतकर से पूछा गया था कि क्या पंगारकर को भी विधानसभा चुनाव के लिए टिकट मिलेगा? जवाब में उन्होंने कहा कि वो जालना में पार्टी के लिए काम करेंगे.

Latest and Breaking News on NDTV
शिवसेना ने आरोपी श्रीकांत पंगारकर ने सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है.

शिवसेना पहले शिंदे और UBT गुट में नहीं बंटा था. तब 2001 से 2006 तक श्रीकांत पंगारकर जालना नगरपालिका में पार्षद थे. 2011 के नगर निगम चुनाव के दौरान पार्टी ने उन्हें निकाल दिया था. इसके बाद वो हिंदू जनजागृति समिति में शामिल हो गए थे.

Gauri Lankesh की कर दी गई थी हत्या 

5 सितंबर, 2017 को बेंगलुरु में गौरी लंकेश को उनके घर के बाहर गोली मार दी गई थी. कर्नाटक पुलिस की SIT ने इस मामले में 17 लोगों को गिरफ्तार किया था. इनमें से 11 को जमानत मिल चुकी है.

पंगारकर को लंकेश की हत्या मामले में कर्नाटक पुलिस की SIT ने गिरफ्तार किया था. इस मामले में उन पर साजिश रचने, वाहन और हथियारों की व्यवस्था करने के साथ एक ट्रेनिंग कैंप में भाग लेने का आरोप लगा था. वहीं नालासोपारा हथियार बरामदगी मामले में उन्हें महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने गिरफ्तार किया था. साल 2018 में महाराष्ट्र के नालासोपारा में पिस्तौल, एयरगन और देसी बम जब्त किए गए थे. ATS ने दावा किया कि इन हथियारों को खरीदने के लिए पंगारकर ने पैसे दिए थे. पंगारकर समेत 12 आरोपियों पर साजिश रचने के आरोप लगाए गए थे.

ये भी पढ़ें- IAS को ट्रेनिंग देने वाले LBSNAA में मिला युवक का शव, शरीर पर साड़ी, चेहरे पर मेकअप था

ATS ने ये दावा भी किया था कि आरोपियों ने दिसंबर 2017 में पुणे में आयोजित सनबर्न संगीत समारोह में पेट्रोल बम फेंकने की साजिश रची थी. क्योंकि उन्हें लगा था कि ये हिंदू संस्कृति के खिलाफ है. ATS ने कहा था कि एक आरोपी ने देखा कि वो CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है. इसके बाद वो पीछे हट गए. हालांकि, ATS ने दावा किया कि आरोपियों ने कुछ प्रमुख लोगों के घरों की रेकी भी की थी.

वीडियो: कांग्रेस पार्टी ने प्रेस कांफ्रेंस में शिवसेना नेता पर क्या कहा?

Advertisement

Advertisement

()