ईडी (Enforcement Directorate) ने गुरुवार, 31 मार्च को नागपुर (Nagpur) से वकीलसतीश उके (Satish Uke) और उनके भाई प्रदीप को मनी लॉन्ड्रिंग के एक केस मेंगिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों के मुताबिक, दोनों भाइयों को धन शोधन निवारण कानून(PMLA) के तहत हिरासत में लिया गया है. गिरफ्तारी से पहले ईडी ने सतीश उके केनागपुर स्थित घर पर छापेमारी भी की. बात दें कि सतीश उके वही वकील हैं, जिन्होंनेमहाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) केखिलाफ बीते कुछ सालों में कई याचिकाएं दायर की हैं.Maharashtra | Enforcement Directorate detains advocate Satish Uke following araid at his residence in NagpurHe had filed an election petition against former CM and now Leader of Oppositionin State Assembly, Devendra Fadnavis. pic.twitter.com/wk0yM63vTz — ANI (@ANI)March 31, 2022 क्यों हुई गिरफ्तारी? इंडिया टुडे दिव्येश सिंह के मुताबिक प्रवर्तननिदेशालय (ED) की एक टीम ने गुरुवार की सुबह 6 बजे नागपुर के पार्वती नगर इलाके मेंस्थित सतीश उके के घर छापा मारा. इस दौरान ईडी के साथ सीआरपीएफ (CRPF) की एक टीम भीथी. इस मामले में पुलिस अधिकारी बताया कि सतीश उके और उनके भाई प्रदीप ने कुछ समयपहले नागपुर की एक प्राइम लोकेशन पर 1.5 एकड़ जमीन खरीदी थी. इस जमीन को खरीदने मेंइस्तेमाल हुए दस्तावेज कथित रूप से फर्जी हैं. इसी सिलसिले में ईडी ने ये कार्रवाईकी है. कई घंटों तक चली छापेमारी के बाद ईडी ने दोनों भाइयों को सुबह करीब 11 बजेगिरफ्तार कर लिया. दोनों को पूछताछ के लिए नागपुर के सेमनेरी हिल्स इलाके में स्थितईडी के ऑफिस में लाया गया. साथ ही सतीश का लैपटॉप, कुछ दस्तावेज और उनके परिजनों केचार मोबाइलों को जांच के लिए ईडी ने जब्त कर लिया. कौन हैं सतीश उके? सतीश उकेमहाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले के वकील हैं. पूर्व में सतीश देवेंद्रफडणवीस के खिलाफ कई याचिकाएं भी दायर कर चुके हैं. एक याचिका में उके ने फडणवीस परआरोप लगाया था कि 2014 में चुनावी हलफनामे में फडणवीस ने अपने खिलाफ 1996 और 1998के आपराधिक मामलों का खुलासा नहीं किया है. उके के मुताबिक तब फडणवीस के खिलाफधोखाधड़ी और जालसाजी के केस दर्ज हुए थे. इसके अलावा सतीश उके ने बॉम्बे हाईकोर्टकी नागपुर खंडपीठ में जज बीएच लोया की मौत को लेकर भी याचिका दायर की थी. जज लोयासोहराबुद्दीन शेख के कथित फर्जी एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे थे. 2014 में लोयाकी नागपुर में संदिग्ध परस्थितियों में मौत हो गई थी, पुलिस ने मौत का कारण हार्टअटैक बताया था. इसके अलावा कथित फोन टैपिंग मामले में कांग्रेस नेता नाना पटोले नेभी महाराष्ट्र की पूर्व खुफिया प्रमुख व आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला के खिलाफ 500करोड़ रुपए का मानहानि का केस किया था.