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नागपुर: देवेंद्र फडणवीस पर केस करने वाले वकील को ईडी ने किया गिरफ्तार

वकील सतीश उके पर क्या आरोप हैं? जानिए

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1 अप्रैल 2022 (अपडेटेड: 1 अप्रैल 2022, 08:03 AM IST)
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ईडी ने वकील सतीश उके को किया गिरफ्तार (फोटो: एएनआई )
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ईडी (Enforcement Directorate) ने गुरुवार, 31 मार्च को नागपुर (Nagpur) से वकील सतीश उके (Satish Uke) और उनके भाई प्रदीप को मनी लॉन्ड्रिंग के एक केस में गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों के मुताबिक, दोनों भाइयों को धन शोधन निवारण कानून (PMLA) के तहत हिरासत में लिया गया है. गिरफ्तारी से पहले ईडी ने सतीश उके के नागपुर स्थित घर पर छापेमारी भी की. बात दें कि सतीश उके वही वकील हैं, जिन्होंने महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के खिलाफ बीते कुछ सालों में कई याचिकाएं दायर की हैं. क्यों हुई गिरफ्तारी? इंडिया टुडे दिव्येश सिंह के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक टीम ने गुरुवार की सुबह 6 बजे नागपुर के पार्वती नगर इलाके में स्थित सतीश उके के घर छापा मारा. इस दौरान ईडी के साथ सीआरपीएफ (CRPF) की एक टीम भी थी. इस मामले में पुलिस अधिकारी बताया कि सतीश उके और उनके भाई प्रदीप ने कुछ समय पहले नागपुर की एक प्राइम लोकेशन पर 1.5 एकड़ जमीन खरीदी थी. इस जमीन को खरीदने में इस्तेमाल हुए दस्तावेज कथित रूप से फर्जी हैं. इसी सिलसिले में ईडी ने ये कार्रवाई की है. कई घंटों तक चली छापेमारी के बाद ईडी ने दोनों भाइयों को सुबह करीब 11 बजे गिरफ्तार कर लिया. दोनों को पूछताछ के लिए नागपुर के सेमनेरी हिल्स इलाके में स्थित ईडी के ऑफिस में लाया गया. साथ ही सतीश का लैपटॉप, कुछ दस्तावेज और उनके परिजनों के चार मोबाइलों को जांच के लिए ईडी ने जब्त कर लिया. कौन हैं सतीश उके? सतीश उके महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले के वकील हैं. पूर्व में सतीश देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ कई याचिकाएं भी दायर कर चुके हैं. एक याचिका में उके ने फडणवीस पर आरोप लगाया था कि 2014 में चुनावी हलफनामे में फडणवीस ने अपने खिलाफ 1996 और 1998 के आपराधिक मामलों का खुलासा नहीं किया है. उके के मुताबिक तब फडणवीस के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के केस दर्ज हुए थे. इसके अलावा सतीश उके ने बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में जज बीएच लोया की मौत को लेकर भी याचिका दायर की थी. जज लोया सोहराबुद्दीन शेख के कथित फर्जी एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे थे. 2014 में लोया की नागपुर में संदिग्ध परस्थितियों में मौत हो गई थी, पुलिस ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया था. इसके अलावा कथित फोन टैपिंग मामले में कांग्रेस नेता नाना पटोले ने भी महाराष्ट्र की पूर्व खुफिया प्रमुख व आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला के खिलाफ 500 करोड़ रुपए का मानहानि का केस किया था.

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