हमारी धरती तकरीबन 4.567 बिलियन(456 करोड़) साल पहले बनी थी. धरती के बनने के 10करोड़ साल बाद ही चंद्रमा का जन्म हुआ. तब से दोनों लंगोटिया यार की तरह एक साथ हैं.तमाम नज़ारे बदले मगर चांद ने कभी धरती का साथ नहीं छोड़ा. चांद. धरती का इकलौताउपग्रह. हमारे सोलर सिस्टम में कुल आठ ग्रह हैं. धरती इकलौती जगह है जहां पर जीवनआकार लेता है.चांद का जन्म. इसकी थ्योरी है कि धरती और मंगल के आकार के किसी खगोलीय पिंड के बीचएक जोरदार टकराव हुआ और इस टकराव की वजह से चांद बना. ये थ्योरी शुरुआत से चलती आरही है. ऐसी स्थिति में चांद की संरचना का केवल 1/5 हिस्सा धरती की संरचना के समानहोना चाहिए. लेकिन ऐसा नहीं है, धरती और चांद की संरचना लगभग समान है. ये संरचना एकटक्कर वाली थ्योरी से मेल नहीं खाती. इस थ्योरी को अब टक्कर मिल रही है. इजराइल केवैज्ञानिकों से. चांद बनने के संबंध में एक नई थ्योरी दी गई है. इसके अनुसार, धरतीके पास एक नहीं बल्कि कई चांद थे. ये छोटे-छोटे चांद कई बार आपस में टकराए और इननिरंतर टकरावों के कारण एक बड़े चांद ने आकार लिया. स्टडी के अनुसार, ये टक्कर लगभग20 बार हुई होगी. WEIZMANN INSTITUTE OF SCIENCE. 1934 में स्थापित. इजराइल की एकप्रसिद्ध विज्ञान संस्था है. यहां रिसर्चरों की टीम ने एक शोध किया है. NatureGeoscience नाम की पत्रिका में उनकी स्टडी पब्लिश हुई है. चांद के निर्माण के संबंधमें. इसके सह-लेखक रालुका रुफु कहते हैं, ‘अनेक टकरावों वाली थ्योरी चांद केनिर्माण की प्रक्रिया को समझने का सबसे बेहतर तरीका है.’ भीमकाय टक्कर वाली थ्योरी70 के दशक के बीच में दी गई थी. जबकि 80 के दशक में तमाम टक्करों वाली थ्योरी कीसुगबुगाहट शुरू हो गई थी. चांद की उत्पत्ति के नए सिद्धांत पर बहस दूर तलक जाएगी.लेकिन इससे विज्ञान की अनेकों धारणाएं अधिक पुख्ता होकर सामने आ सकती हैं.--------------------------------------------------------------------------------ये स्टोरी अभिषेक ने की है.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: कैसे बने धरती पर सात महाद्वीप?