E-प्रॉपर्टी पासबुक धोखा है, बेवकूफ न बनो मौका है
अब ये मैसेज व्हाट्सऐप पर छाया है. इसकी असलियत क्या है, पढ़ लो.
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फोटो - thelallantop
EPPB का नाम सुने? अरे सुन ही लिए होगे. भटसप फेसबुक वाले सुनने से रह जाएं तो मन चुल्लू भर पानी मांगने लगता है. तो हां. EPPB माने E-Property Pass Book. पीएम मोदी ने काले धन पर एक सर्जिकल स्ट्राइक तो कर दी. हजारा और पनसौव्वा नोट बंद करके. दूसरी की तैयारी भी हो चुकी है. बेनामी संपत्ति वालों की खटिया खड़ी होगी अब. वो बेचारे रो रहे हैं अपने कर्मों को. उनके अंधेरे में इजाफा करने के लिए ऐसे फालतू मैसेज फैलाए जा रहे हैं. जिनमें लिखे हैं ये पॉइंट्स.
1. पहली अप्रैल 2017 से एक साल तक के लिए सारी अचल संपत्ति इनवैलिड हो जाएगी.
2. EPPB आपके पैन कार्ड और आधार कार्ड से ऑनलाइन लिंक रहेगा.
3. तुम न अपनी प्रॉपर्टी बेच सकते हो न किसी की खरीद सकते हो जब तक रजिस्ट्रेशन E-प्रॉपर्टी पासबुक में नहीं है.
4. सब रजिस्ट्रार के ऑफिस में जाओ. वहां एक स्पेशल अफसर बैठेगा. उसके सामने प्रॉपर्टी के प्रूफ दो. वो सारी ई प्रॉपर्टी पासबुक में भर देगा.
5. जैसे ही ये एंट्री हुई, तुम्हारी सारी प्रॉपर्टी तुम्हारी हो जाएगी.
6. एक स्पेशल काउंटर उन लोगों को लिए होगा जो अर्जेंट खरीद बिक्री वाले हैं. गिरवी संपत्ति वाले भी. लेकिन प्रूफ के साथ.
7. 31 मार्च 2018 तक सारी प्रॉपर्टी E-प्रॉपर्टी पासबुक में दर्ज होगी.
8. इसके एक दिन बाद यानी पहली अप्रैल 2018 को सरकार वो प्रॉपर्टीज जब्त कर लेगी जिनका लेखा जोखा E-प्रॉपर्टी पासबुक में नहीं है.
और नीचे सबसे जरूरी बात लिखी है. स्पेलिंग मिस्टेक्स पर ध्यान न दें.
"कृपया इस मेसिज को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहोचाए ताकीं लोगों को यह ग़लतफ़हमी के बारे में पता चल सके."
अब सुनो असली बात. वैसे तो पब्लिक समझदार है. लेकिन पीएम के राष्ट्र के नाम संदेश सुनने के बाद उसका भरोसा अपने रोएं पर भी नहीं रहा. इसलिए हर खबर के लिए वो व्हाट्सऐप या फेसबुक का रुख करता हैं. जहां झुट्ठई कदम कदम पर फैली है. ऐसा कोई भी मैसेज या आदेश सरकार ने नहीं जारी किया है. इसमें उतनी ही सच्चाई है जितना जीपीएस वाले 2 हजारा नोट की. हां, व्हाट्सऐप मैसेज से प्रभावित होकर सरकार ऐसा प्लान ले आए तो हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं. वैसे मैसेज बनाने वाले का आइडिया मारक है.ये भी पढ़ें: इन वजहों से 2000 का नया नोट दुनिया की बेस्ट करेंसी हैनई अफवाह जमीन से जुड़ी हैसब अफवाह है - जिसने मोदी जी का सूट खरीदा, उसने 6000 करोड़ नहीं जमा करवाएएटीएम की कतार में हुआ प्यार की खबर झूठी है

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