हम अक्सर देखते हैं कि ट्रेन के डिब्बों पर, बसों पर, घरों की दीवारों पर औरअखबारों में किस शख्स की गुमशुदगी के पोस्टर लगे होते हैं. जाहिर सी बात है कि किसीगुमशुदा को ढूंढने में इससे मदद मिलती है. पर कभी सुना है कि किसी तोते को ढूंढनेके लिए गुमशुदगी का पोस्टर लगा हो. नहीं भी सुना होगा तो अब सुन लीजिए. मामला मध्यप्रदेश के बैतूल का है. जहां अखबारों में गुमशुदगी के इश्तहार छपे हैं और सोशलमीडिया में भी गुमशुदगी की सूचना वायरल हो रही है.अखबार में निकले इश्तहार के मुताबिक ढ़ूंढ़ कर लाने वाले को 5,100 रुपए का नकद इनामभी दिया जाएगा. इस गुमशुदा तोते का नाम टुन्नू है. और खंगाला तो पता चला है किटुन्नू मिल भी गया है. मदन मोहन समर जी ने अपने फेसबुक वाल पर पोस्ट किया है कि "10किलोमीटर दूर पिंजरे में कैद टुन्नू मिला. आप सब की दुआओं का असर हुआ." उनके मित्रबिंदु कंवर ने लिखा है, "हम सबका टुन्नू वापस आ गया अपने परिवार के पास.....चलिएखुशी मनाते है दीप जलाते है अपने इष्ट देवता के पास."अखबार में निकला टुन्नू के लिए इश्तहारचौधरी मदन मोहन बैतूल के अजाक थाने के डीएसपी हैं. लोग कहते हैं कि पुलिस वालेसख्त होते हैं. पर मदन ने इस बात को गलत साबित किया है. उसके साथ ही खास बात ये भीहै कि मदन कवि भी है. और कवि हृदय कैसा होता है ये तो सबको पता ही है. वो इस तोतेकी परवरिश पिछले बारह सालों से कर रहे हैं. इसे अपने बच्चे की तरह प्यार करते हैं.जबतक टुन्नू कुछ खाता नहीं है, तब तक वो भी नहीं खाते हैं. टुन्नू उनकी जिंदगी बनगया हैं.दो दिन पहले टुन्नू सुबह-सवेरे घर से बाहर सैर के लिए उड़ा था. उसके बाद से उसका कोईअता-पता नहीं मिल रहा था. टुन्नू को याद करके मदन का बुरा हाल हो गया था और उनकापूरा परिवार सदमे में था. सभी लोग टुन्नू की तलाश में लगे हुए थे. ये नन्हा तोता नाकेवल इंसानों की तरह दाल-रोटी खाने का शौकीन है बल्कि रोज नहाना और सैर करने बाहरजाना भी टुन्नू की दिनचर्या में शामिल है. लोग अपने पोपट को पिंजरे में रखते हैं.कैदी की तरह, पर मदन उसे खुला रखते हैं. टुन्नू को घुमने-फिरने की पूरी आजादी मिलीहुई है.मदन मोहन अपने तोते टुन्नू के साथसबसे मजेदार बात ये है कि टून्नू को ढूंढ़कर लाने वाला शख्स एक पानवाला है. उसका नामहै गजानन पानवाला. वैसे भी पानवाला हमेशा से सबकी खोज-खबर रखने के लिए जाना जातारहा है. जब सोशल मीडिया का इतना भौकाल नहीं था तब पान की दुकान ही तो होती थी, जहांलोग इकट्ठे होकर दस तरह की बातें करते रहते थे. इसलिए तो पान की दुकान को लोकलराजनीति का अड्डा और पानवाले को CID कहा जाता है. खैर टुन्नू आखिरकार मिल ही गया.टुन्नू के मिलने की खुशी में तो कुछ लड़कियों ने फेसबुक पर लिखा है कि टुन्नू मिलजाए इसके लिए हमने भगवान से मन्नत मांगी, अब जब टुन्नू मिल गया है तो मंदिर जाकरप्रसाद चढ़ाऊंगी. विपिन कुमार ने मदन को बधाई देते हुए लिखा है, "बधाई हो दादा.टुन्नू को भी बधाई हो. ईश्वर सदैव टुन्नू को स्वस्थ रखे और उसकी रक्षा करे." एकबंदे ने टुन्नू पर लिखा है कि "टुन्नू अब जवान हो गया है. और जवानी पर किस का बसचला है." उसका इशारा था कि टुन्नू को भी कहीं कोई टुन्नी मिल गई है. जिसकी वजह सेटुन्नू दो दिनों से गायब था.टुन्नू के मिलने की खुशी में केक कटते मदन और उनके परिवार वालेआखिर में जाते-जाते सुनिए गुलजार साहब का लिखा हुआ ये गाना (तोते उड़ गए फुर्रफुर्र करके..)https://www.youtube.com/watch?v=vig_KcB8g60--------------------------------------------------------------------------------फोटो मिसिंग है पर काली को खोजना हैये स्टोरी आदित्य प्रकाश ने की है