मोहाली मैच में कोहली किस बात पर तमतमाए और फिर मैच हार गए
भुक्तभोगी न पंत थे न जाधव. कुछ और था.
Advertisement

नाराज़ विराट कोहली (हॉटस्टार स्क्रीनशॉट)
Quick AI Highlights
Click here to view more
भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया से वन-डे सीरीज़ का चौथा मैच हार गई. मैच हारने के साथ ही सीरीज़ 2-2 की बराबरी पर पहुंच गई. सीरीज़ का आख़िरी मैच 13 मार्च को खेला जाना है. जो भी टीम इस मैच को जीतेगी सीरीज़ भी जीत जाएगी. मगर ये सीरीज पहले ही भारत के हाथ में आ जाती, अगर कुछ गलतियां न होतीं. मगर असली गलती जिस पर विराट कोहली को सबसे ज्यादा गुस्सा आया वो घटी मैच में आखिर में.
बात ऑस्ट्रेलिया की पारी के 43वें ओवर की है. युजवेंद्र चाहल बॉलिंग कर रहे थे. ओवर की चौथी गेंद. टर्नर थे स्ट्राइक पर. टर्नर ने शॉट लगाना चाहा पर गेंद बल्ले पर सही से आई नहीं. इस गेंद पर ऋषभ ने बॉल भी लपका और स्टंप्स भी उड़ा दिए, लेकिन अंपायर ने इग्नोर कर दिया. साथी खिलाड़ियों को समझ ही नहीं आया कि वे कैच के लिए अपील कर रहे हैं या फिर स्टंप्स के लिए. फिर ऋषभ ने कैच के लिए रिव्यू लेने की मांग की. कोहली ने ले भी लिया. लेकिन थर्ड अंपायर ने नॉट आउट दिया.

स्निकोमीटर में जो दिखा.
टीवी रीप्ले पर देखने से साफ नहीं पता चल रहा था तो स्निकोमीटर की मदद ली गई. जिसके जरिए कम से कम ऑडियो का भी पता चल जाता है. थर्ड अंपायर ने स्निकोमीटर के साथ रीप्ले देखा. स्निकोमीटर में साफ दिखा कि गेंद जब बल्ले के पास से गुजरी तब आवाज़ हुई थी और वह आवाज़ बैट और बॉल के संपर्क की ही थी, लेकिन थर्ड अंपायर ने नॉटआउट बता दिया.
मैच के बाद इस पर और खराब फील्डिंग पर कोहली ने कहा-
कुलदीप यादव की एक गेंद पर एलबीडब्लू की अपील हुई तो अंपायर ने एरोन फिंच को आउट दे दिया. फिंच को लगा कि आउट नहीं हैं तो उन्होंने रिव्यू ले लिया. रीप्ले में हॉक आई टेक्निक से दिखा कि गेंद ठीक मिडिल स्टंप पर गिरी. इसके बाद जब थर्ड अंपायर ने रीप्ले देखा तो गेंद हॉक आई की लेग लाइन के अंत पर गिरती दिखाई दी. दोनों ही मामले में फिंच आउट थे. डीआरएस और हॉक आई में एक ही गेंद अलग-अलग तरीके से कैसे नजर आई, इस बात पर बहुत बहस हुई. पहले भी इस तरह के विवादों पर चर्चा होती रही है.
वीडियो- एस्टन टर्नर: ऑस्ट्रेलिया का वो खिलाड़ी जिसने अपने दम पर टीम इंडिया को हरा दिया
बात ऑस्ट्रेलिया की पारी के 43वें ओवर की है. युजवेंद्र चाहल बॉलिंग कर रहे थे. ओवर की चौथी गेंद. टर्नर थे स्ट्राइक पर. टर्नर ने शॉट लगाना चाहा पर गेंद बल्ले पर सही से आई नहीं. इस गेंद पर ऋषभ ने बॉल भी लपका और स्टंप्स भी उड़ा दिए, लेकिन अंपायर ने इग्नोर कर दिया. साथी खिलाड़ियों को समझ ही नहीं आया कि वे कैच के लिए अपील कर रहे हैं या फिर स्टंप्स के लिए. फिर ऋषभ ने कैच के लिए रिव्यू लेने की मांग की. कोहली ने ले भी लिया. लेकिन थर्ड अंपायर ने नॉट आउट दिया.

स्निकोमीटर में जो दिखा.
टीवी रीप्ले पर देखने से साफ नहीं पता चल रहा था तो स्निकोमीटर की मदद ली गई. जिसके जरिए कम से कम ऑडियो का भी पता चल जाता है. थर्ड अंपायर ने स्निकोमीटर के साथ रीप्ले देखा. स्निकोमीटर में साफ दिखा कि गेंद जब बल्ले के पास से गुजरी तब आवाज़ हुई थी और वह आवाज़ बैट और बॉल के संपर्क की ही थी, लेकिन थर्ड अंपायर ने नॉटआउट बता दिया.
मैच के बाद इस पर और खराब फील्डिंग पर कोहली ने कहा-
स्टंपिंग के मौके अहम होते हैं और मैदान पर खराब फील्डिंग के कारण अंतिम कुछ ओवर में 5 मौके गंवाने की बात पचाना मुश्किल है. हम मैदान पर थोड़े ढीले थे. डीआरएस से हम सभी सरप्राइज हुए, इसमें रत्ती भर भी कंसिस्टेंसी नहीं है.रांची वनडे में भी हुआ था झोल
कुलदीप यादव की एक गेंद पर एलबीडब्लू की अपील हुई तो अंपायर ने एरोन फिंच को आउट दे दिया. फिंच को लगा कि आउट नहीं हैं तो उन्होंने रिव्यू ले लिया. रीप्ले में हॉक आई टेक्निक से दिखा कि गेंद ठीक मिडिल स्टंप पर गिरी. इसके बाद जब थर्ड अंपायर ने रीप्ले देखा तो गेंद हॉक आई की लेग लाइन के अंत पर गिरती दिखाई दी. दोनों ही मामले में फिंच आउट थे. डीआरएस और हॉक आई में एक ही गेंद अलग-अलग तरीके से कैसे नजर आई, इस बात पर बहुत बहस हुई. पहले भी इस तरह के विवादों पर चर्चा होती रही है.
वीडियो- एस्टन टर्नर: ऑस्ट्रेलिया का वो खिलाड़ी जिसने अपने दम पर टीम इंडिया को हरा दिया

