The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Draupadi Murmu village lacks electricity connection now Odisha government orders for installing electric poles and Transformers

राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के गांव में नहीं पहुंची बिजली, राज्य सरकार ने अब दिए आदेश

ओडिशा के मयूरभंज जिले के कुसुम प्रखंड़ अंतर्गत आने वाला डूंगुरीशाही द्रौपदी मुर्मू का पैतृक गांव है. यहां पर अभी तक बिजली नहीं पहुंची है.

Advertisement
pic
26 जून 2022 (अपडेटेड: 28 जून 2022, 12:10 PM IST)
Under construction of electricity poles in Village and File photo of Draupadi Murmu
द्रौपदी मुर्मू के गांव में बिजली जल्द पहुंचने की उम्मीद है. फोटो-आजतक
Quick AI Highlights
Click here to view more

राष्ट्रपति पद के लिए NDA की ओर से उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) के नाम से अब देशभर के लोग वाकिफ होंगे. द्रौपदी मुर्मू का राजनीतिक सफर भले ही अच्छा रहा है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि उनके भी पैतृक गांव की दशा वैसी ही है, जैसे कई आदिवासी बस्तियों की होती है. उनके गांव में भी अब तक बिजली (Electricity connection) नहीं पहुंच पाई है. हालांकि, अब वहां इस संबंध में काम शुरु कर दिया गया है.

आज तक से जुड़े मोहम्मद सूफ़ियान की रिपोर्ट के मुताबिक, ओडिशा के मयूरभंज जिले के कुसुम प्रखंड़ अंतर्गत आने वाला डूंगुरीशाही द्रौपदी मुर्मू का पैतृक गांव है. ये मुर्मू के घर के अलावा करीब 20 परिवारों की एक बस्ती है. यहां आज तक बिजली का कनेक्शन नहीं पहुंचा है. हालांकि, स्थानीय लोगों ने हाल ही में इसको लेकर अपना आक्रोश जाहिर किया था. दूसरा, अब क्योंकि मुर्मू सुर्खियों में हैं, तो अब राज्य सरकार ने इस आदिवासी बहुल इलाके में बिजली के खंभे लगाने और ट्रांसफार्मर लगाने का काम युद्धस्तर पर शुरु कर दिया है.

इस गांव में रहनेवालों को रोशनी के लिए केरोसिन के दियों का इस्तेमाल करना पड़ता है. वहीं, मोबाईल चार्ज करने के लिए लोगों को एक किलोमीटर की दूरी पर बसे दूसरे गांव जाना पड़ता है.

गांव में बिजली के खंभे लगाने का काम शुरू हो रहा है. फोटो- आजतक

हालांकि, अब ग्रामीणों को बेहद गर्व है कि अब उनमें से एक को जल्द ही देश के सबसे प्रतिष्ठित और संवैधानिक पद से नवाजा जा सकता है. हालांकि, इसके बावजूद उनके अंदर नाराजगी है. क्योंकि उनके गांव को अभी तक बिजली का कनेक्शन नहीं मिला है. डूंगुरीशाही गांव की पंचायत समिति सदस्या धनमानी बासकेय ने इस बारे में बताया,

बस्ती में बिजली कनेक्शन नहीं है. गांव के स्थानीय लोगों ने भाजपा द्वारा द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाने से पहले जिले के जिलापाल के पास इस संबंध में आवेदन पत्र दिया था.

धानमानी ने बताया,

रात में अंधेरे को दूर भागने के लिए केरोसिन का दिया जलाते हैं. साथ ही मोबाईल चार्ज करने के लिए हमें पास के बस्ती बड़ाशाही में जाना पड़ता है. हालांकि राज्य सरकार ने डूंगुरीशाही आदिवासी बहुल इलाके में बिजली के खंभे लगाने और ट्रांसफार्मर लगाने का काम युद्धस्तर पर शुरु कर दिया है. अब हमें उम्मीद है कि जल्द ही हमारे घरों में बिजली का कनेक्शन होगा.

वहीं, द्रौपदी मुर्मू के छोटे भाई तारनीसेन टूडु ने भी बस्ती के हालात पर बात की. उन्होंने कहा,

जिले में कुसुम प्रखंड में दो बस्तियां है. बड़ाशाही और डूंगुरीशाही. बड़ाशाही बस्ती डूंगुरीशाही से एक किलोमीटर की दूरी पर बसी है.  बचपन में डूंगुरीशाही केवल 5 परिवारों की एक छोटा बस्ती थी, लेकिन कुछ सालों में बस्ती के घरों की संख्या बढ़ गई है. हम सभी बड़ाशाही में बड़े हुए हैं लेकिन हमारे बड़े भाई भगत चरण का बेटा बिरांची नारायण टुडू अपने परिवार के साथ डूंगुरीशाही में रहता है, जहां बिजली का कनेक्शन नहीं है.

वहीं, मीडिया से बातचीत में मयूरभंज जिले के जिलापाल विनीत भारद्वाज ने कहा कि कुसुम प्रखंड पंचायत के डूंगुरीशाही बस्ती में बिजली का कनेक्शन नहीं हुआ है. इस संदर्भ में प्रशासनिक रुप से कार्य किया जा रहा है. उम्मीद है कि जल्द ही ग्रामवासियों को बिजली कनेक्शन मिलेगा.

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, दीन दयाल उपध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत बड़ाशाही बस्ती तक बिजली का पहुंच गई थी. लेकिन, इस बस्ती से सिर्फ एक किलोमीटर की दूरी पर बसा डूंगुरीशाही बस्ती बिजली कनेक्शन से वंचित रह गई थी.

Advertisement

Advertisement

()