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पाकिस्तान के कोढ़ियों के लिए 'मसीहा' है ये औरत

सालों पहले इंडिया के लिए निकली थीं. वीजा इश्यू की वजह से कराची में रुकना पड़ा. और बस कमाल कर दिया.

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विकास टिनटिन
1 अप्रैल 2016 (अपडेटेड: 31 मार्च 2016, 02:32 AM IST)
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आज इंडिया गर्व से कहता, हमारे नसीब में दो मदर टेरेसा रहीं. लेकिन मार्च 1960 में वीजा के इश्यू की वजह से दूसरी मदर टेरेसा इंडिया आते-आते रह गईं. पर फिर वो रुकी कहां? अरे वही, आपके पसंदीदा मुल्क पाकिस्तान में.
अब से 20 साल पहले पाकिस्तान ने कोढ़ पर कंट्रोल कर लिया था. साल था 1996. पर अगर आप इस बेहतरीन काम के लिए अपनी सरकार को कोसते हुए पाकिस्तानी सरकार की तारीफ करने की सोच रहे हैं, तो रुकिए. तारीफ की असली हकदार कोई पाकिस्तानी नहीं, जर्मनी की एक बूढ़ी औरत है. नाम डॉक्टर रुथ फॉ, वही जो निकली तो थीं इंडिया के सफर पर, लेकिन रुक गईं कराची में ही. जिस पाकिस्तान के डेरा गाज़ी खान इलाके में कभी 10 में से 8 लोग कोढ़ की बीमारी से जूझ रहे थे. अब वहां इस बीमारी से बमुश्किल सिर्फ 10 मरीजों का इलाज चल रहा है. थैंक्स टू डॉक्टर रुथ फॉ. dr raufकौन हैं रुथ फॉ? जब वर्ल्डवॉर-2 चल रहा था. उस दौरान 1929 में जर्मनी में पैदा हुई थीं रुथ फॉ. रूस ने ईस्ट जर्मनी पर कब्जा कर लिया था. रूथ फैमिली के साथ वेस्ट जर्मनी चली गईं. बड़ी हुईं तो तय किया, मेडिकल की पढ़ाई करूंगी. पर समाजसेवा इस कदर भरी हुई थी कि सिर्फ मेडिकल में भी मन नहीं लगा. और बन गईं नन, समाजसेवा करने के लिए. Dr ruth Pfau-2पाकिस्तान कनेक्शन? कोढ़ बीमारी के खिलाफ रुथ की लड़ाई शुरू हुई 1960 में. कराची की लेपरोसी (कुष्ठ या कोढ़) कॉलोनी गईं. वहां जाकर देखा तो लोगों का बुरा हाल था कोढ़ की बीमारी से. बस रुथ ने वहीं छोटा सी झोपड़ी बसाई. और लोगों का इलाज करना शुरू कर दिया. The Marie Adelaide Leprosy Centre बनाया. साथ दिया डॉक्टर आईके गिल ने. ये सब 1963 की बात है, साल 1965 में इंडिया और पाकिस्तान की लड़ाई से दो साल पहले वाला टाइम. क्लीनिक में लोगों का इत्ते अच्छे से इलाज हुआ कि कराची के अलावा पूरे पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भी लोग इलाज कराने जाने लगे. dr ruth pfauकित्ता मिला सम्मान? डॉक्टर रुथ फॉ पूरे पाकिस्तानी घूमीं. जर्मनी से डोनेशन का जुगाड़ करवाया. फॉ की इस लगन और नेकी को देखते हुए पाकिस्तान ने साल 1988 में अपने मुल्क की सिटीजनशिप दे डाली. पाकिस्तान का सबसे बड़ा अवॉर्ड निशां-ए-कायद-ए-आजम अवॉर्ड भी फॉ को मिला. लोग इस कदर मुहब्बत करते हैं कि प्यार से पाकिस्तान की मदर टेरेसा कहने लगे. रुथ फॉ की कोशिशों से 1996 में पाकिस्तान एशिया का पहला ऐसा देश बन गया था, जिसने कोढ़ की बीमारी पर कंट्रोल पा लिया था. ये हम नहीं, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन कह रहा है. 'द डॉन' ने रुथ फॉ पर एक बढ़िया वीडियो बनाया है. हम यहां चेपे दे रहे हैं, ताकि आप थोड़ा और करीब से जान सकें इस पाकिस्तानी मदर टेरेसा को: रुथ की कहानी, उन्ही की जुबानी
Dr Ruth Pfau: Light to Pakistan's lepers from Dawn.com on Vimeo.

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