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गधों को जमकर खिलाए गुलाब जामुन, वजह जान लोग बोले- 'इंसान अपने मतलब के लिए क्या नहीं करता'

मारे खुशी के लोगों ने गधों को खिलाए सवा किलो गुलाब जामुन!

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21 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 21 अगस्त 2023, 08:37 PM IST)
Donkeys were fed gulab jamuns in Mandsaur
गधों को सवा किलो गुलाब जामुन खिलाया गया. (फोटो: आजतक)
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मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मंदसौर में गधों को गुलाब जामुन खिलाए गए. बारिश होने की खुशी में गधों को ये दावत दी गई. लोगों ने गधों को जमकर गुलाब जामुन (Gulab Jamuns To Donkeys) खिलाए. पशुपतिनाथ मंदिर के सामने इलाके के लोगों ने पहले दो गधों को माला पहनाई. इसके बाद उन्हें सवा किलो गुलाब जामुन खिलाया. आजतक के आकाश चौहान की रिपोर्ट के मुताबिक मंदसौर में लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण लोग परेशान थे. शनिवार, 19 अगस्त को यहां बारिश हुई. इसी खुशी में गधों का मुंह मीठा कराया गया.

बारिश के लिए गधों से चलवाया हल! 

मध्यप्रदेश के मालवा इलाके में आने वाले मंदसौर में बारिश के मौसम में भी कई दिनों से बारिश नहीं हो रही थी. किसान अपनी फसलों के लिए परेशान थे. इलाके के लोग अच्छी बारिश के लिए अपनी-अपनी मान्यता के मुताबिक तमाम टोटके और उपाय कर रहे थे.

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक इलाके के लोगों ने बताया कि बारिश के लिए उन्होंने पहले गधों से बुवाई कराई थी. यहां की मान्यता है कि ऐसा करने से बारिश जरूर होती है. गधों को गुलाब जामुन खिलाने वालों में शामिल एक शख्स ने बताया कि उन लोगों ने 17 अगस्त को गधों से हल चलवाया था. लोगों का कहना है कि इसके तीन दिन के अंदर मंदसौर में बारिश हो गई.

बारिश हुई तो गधों को मिला गुलाब जामुन 

इलाके के वार्ड नंबर 26 में रहने वाले शैलेन्द्र गिरी गोस्वामी ने बताया,

"जब भी हमारी मनोकामना पूरी होती है, हम गधों को गुलाब जामुन खिलाते हैं. इसलिए गधों को पशुपतिनाथ मंदिर के पास लाकर उनको गुलाब जामुन खिलाया. भगवान पशुपतिनाथ का प्रसाद खिलाया ताकि गधे प्रसन्न रहें और ऐसी कृपा सब पर बरसती रहे."

मंदसौर में गधों को गुलाब जामुन खिलाने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया जा रहा है. लोगों की इस पर तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं. 

नदीम नाम के यूजर ने लिखा,

“गधों की तो मौज हो गई इसी बहाने. अब बताओ कौन बड़ा गधा है इनमें.”

एक यूजर ने लिखा,

“MP (मध्यप्रदेश) गजब है, सबसे अलग है.”

पवन नाम के एक यूजर ने लिखा,

"कहावत सुनी थी 'गधे गुलाब जामुन खा रहे हैं', लेकिन आज देख भी लिया. इंसान अपने मतलब के लिए क्या-क्या नहीं करता."

सोशल मीडिया पर अपनी-अपनी टिप्पणियों में कुछ लोग इसे ‘बेवकूफी’ या ‘अंधविश्वास’ भी बता रहे हैं, तो कुछ लोग ‘क्षेत्रीय मान्यता वाले टोटके'. आप इस बारे में क्या सोचते हैं, हमें कॉमेंट कर जरूर बताइएगा.

ये भी पढ़ें- BJP सांसद मेनका गांधी का 'गधे के दूध वाले साबुन के फायदे' बताते वीडियो वायरल

वीडियो: तारीख़: 700 गधों के दूध से नहाती थी दुनिया की सबसे सुंदर रानी?

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