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ट्रंप को पता थी ईरान की 'गल्फ स्ट्रैटजी', खुफिया अफसरों ने सब बताया था लेकिन...

डॉनल्ड ट्रंप बार-बार दावा कर रहे हैं कि उनको उम्मीद नहीं थी कि ईरान अमेरिकी हमले के बदले खाड़ी देशों को निशाना बनाएगा. लेकिन अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स की मानें तो उनको पहले ही इसके बारे में चेताया गया था.

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डॉनल्ड ट्रंप को ईरान की प्रतिक्रिया के बारे में चेताया गया था. (PTI)
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आनंद कुमार
17 मार्च 2026 (अपडेटेड: 17 मार्च 2026, 09:14 PM IST)
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अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया. बदले में ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले किए. अमेरिकी राष्ट्रपति ने 16 मार्च को इन हमलों पर प्रतिक्रिया दी. दावा किया उनको उम्मीद नहीं थी कि ईरान खाड़ी देशों पर अटैक करेगा. लेकिन अमेरिकी सरकार से जुड़े कुछ सूत्रों ने बताया कि उनको पहले ही इसकी चेतावनी दी गई थी.

रॉयटर्स ने एक अमेरिकी अधिकारी और अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों के हवाले से ये दावा किया है. इन लोगों ने बताया कि ईरान पर हमले से पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति को चेतावनी दी गई थी कि बदले में ईरान खाड़ी में अमेरिकी सहयोगी देशों को निशाना बना सकता है. ईरान युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिकी खुफिया विभाग ने राष्ट्रपति ट्रंप को अपनी रिपोर्ट दी थी. इस रिपोर्ट में ईरान की प्रतिक्रिया का अनुमान लगाया गया था. नाम नहीं छापने की शर्त पर एक सूत्र ने बताया,

“खुफिया विभाग ने पक्के तौर पर ये नहीं कहा था की ईरान बदले में खाड़ी देशों पर हमला करेगा ही. लेकिन युद्ध के बाद ऐसा होने का अनुमान जरूर लगाया था. यानी खुफिया विभाग ने कहा था कि ईरान बदले में खाड़ी देशों में अमेरिकी सहयोगियों पर हमला कर सकता है.”

हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने 16 मार्च को दो बार कहा कि कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कुवैत के खिलाफ ईरान के जवाबी हमले उनको हैरान करने वाले थे. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 

“ईरान को मिडिल ईस्ट के इन देशों पर हमला नहीं करना चाहिए था. किसी को इसकी उम्मीद नहीं थी. हम उनके इस कदम से बिल्कुल हैरान थे.”

इससे पहले अमेरिकी प्रशासन ने भी कई ऐसे दावे किए हैं, जिनका जिक्र अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स में नहीं है. जैसे ट्रंप प्रशासन की ओर से दावा किया गया कि ईरान जल्दी ही एक ऐसी मिसाइल बना लेगा जो अमेरिकी धरती पर हमला करने में सक्षम होगी. दूसरा दावा था कि ईरान को परमाणु बम बनाने में दो से चार सप्ताह लगेंगे. इसके बाद वह उसका इस्तेमाल करेगा.

डॉनल्ड ट्रंप और उनके सहयोगियों ने ईरान पर किए गए हमले को सही ठहराने के लिए जो कारण गिनाए हैं, उनमें ये आरोप भी शामिल हैं. खुफिया रिपोर्ट की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों के मुताबिक, 

“ईरान के खिलाफ ऑपरेशन शुरू करने से पहले ट्रंप को ये जानकारी दी गई थी कि तेहरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद करने की कोशिश कर सकता है.”

पिछले दो हफ्तों में ईरान ने ड्रोन और मिसाइल से खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. इसके अलावा तेहरान ने इन देशों में होटल, हवाई अड्डों और एनर्जी फैसिलिटीज को भी टारगेट किया है.

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से सभी तरह के जहाजों की आवाजाही को रोक दिया है. पूरी दुनिया की तेल सप्लाई का 20 फीसदी हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है. इसके चलते दुनिया भर में तेल की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं.

ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के फैसले पर डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने सवाल उठाए हैं. ट्रंप प्रशासन ने पिछले सप्ताह युद्ध के बारे में अमेरिकी सांसदों को जानकारी दी थी. बैठक में शामिल डेमोक्रेट सांसदों ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी भी खतरे के बारे में नहीं बताया गया जिसके चलते अमेरिका को युद्ध करने की जरूरत पड़ गई हो. 

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