'हमें प्रतिद्वंद्वी नहीं पार्टनर होना चाहिए... ', जिनपिंग ने ट्रंप की तरफ बढ़ाया दोस्ती का हाथ
US China Relations: Xi Jinping ने Donald Trump से कहा कि China और America को एक-दूसरे की ग्रोथ को आपसी फायदे के तौर पर देखना चाहिए. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्ते ग्लोबल स्टेबिलिटी में मदद करेंगे. उन्होंने दुश्मनी के बजाय सहयोग पर जोर देने की बात कही है.

अमेरिका के प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप चीन की यात्रा पर हैं. इससे पहले ट्रंप 2017 में अपने पहले टर्म के दौरान चीन की यात्रा पर गए थे. 2026 की ट्रंप की यात्रा को ईरान की जंग से जोड़कर भी देखा जा रहा है. इस यात्रा के दौरान चीनी प्रेसिडेंट शी जिनपिंग और डॉनल्ड ट्रंप ने 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' में अहम शिखर सम्मेलन की शुरुआत की. इस दौरान प्रेसिडेंट शी ने ऐसा कुछ कहा जिसे जियोपॉलिटिक्स के जानकार ट्रंप के लिए एक नपी-तुली फटकार के तौर पर देख रहे हैं.
जिनपिंग ने ट्रंप से टकराव के बजाय संयम बरतने की अपील की. उन्होंने कहा,
‘क्या हम मिलकर वैश्विक चुनौतियों का सामना कर सकते हैं और दुनिया को और अधिक स्थिरता प्रदान कर सकते हैं? क्या हम, अपने दोनों देशों के लोगों की भलाई और मानवता के भविष्य के हित में, अपने द्विपक्षीय संबंधों के लिए मिलकर एक उज्जवल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं?’
एक साथ आगे बढ़ने में भलाईशी जिनपिंग ने आगे कहा कि चीन और अमेरिका को एक-दूसरे की ग्रोथ को आपसी फायदे के तौर पर देखना चाहिए. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्ते ग्लोबल स्टेबिलिटी में मदद करेंगे. उन्होंने दुश्मनी के बजाय सहयोग पर जोर देने की बात कही है. जिनपिंग के मुताबिक दोनों देशों को सहयोग से फायदा और टकराव से नुकसान होगा. चीन ने ट्रंप से एक ऐसा रिश्ता डेवलप करने की अपील की जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे के विकास को सपोर्ट करें और इस बदलती दुनिया में बड़ी ताकतों के तौर पर शांतिपूर्ण तरीके से साथ रहने की दिशा में काम करें.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट कहती है कि प्रेसिडेंट शी का लहजा डिप्लोमैटिक, लेकिन स्ट्रेटेजिक था. दूसरी ओर ट्रंप ने प्रेसिडेंट शी की तारीफ के साथ शुरुआत की. उन्होंने शी से कहा कि आप एक महान लीडर हैं, कभी-कभी लोगों को मेरा यह कहना पसंद नहीं आता, लेकिन मैं फिर भी कहता हूं.
वीडियो: दुनियादारी: सबसे ताकतवर ट्रंप-जिनपिंग के 'साथ' आने से भारत पर क्या असर होगा?

