ग्रीनलैंड कब्जाने के लिए ट्रंप ने 'अपनों' पर ही लगा दिया टैरिफ, फ्रांस बोला- 'डरेंगे नहीं, डटे रहेंगे... '
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने डेनमार्क समेत कई यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. यूरोपीय संघ (EU) ने भी ट्रंप की टैरिफ धमकियों का खुलकर जवाब दिया है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी साफ़ कहा है कि वो डरने वाले नहीं हैं.

ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा फैसला लिया है (Greenland Issue). राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने डेनमार्क समेत कई यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका 1 फरवरी, 2026 से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड और फिनलैंड से आने वाली वस्तुओं पर 10 फीसदी टैरिफ लगाएगा.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने शनिवार, 17 जनवरी को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ सोशल पर इसकी जानकारी दी. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ग्रीनलैंड पर कोई समझौता नहीं हुआ तो 1 जून, 2026 से टैरिफ बढ़कर 25 प्रतिशत हो जाएगा. राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका सदियों से यूरोपीय देशों को ‘सब्सिडी’ देता आ रहा है और अब डेनमार्क के लिए भी कुछ वापस देने का समय आ गया है, क्योंकि ‘विश्व शांति दांव पर लगी है!’
टैरिफ धमकी पर EU सख्तयूरोपीय संघ (EU) ने ट्रंप की टैरिफ लगाने की धमकियों पर कड़ा रुख अपनाया है. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने साफ कहा है कि यूरोपीय संघ अंतरराष्ट्रीय कानून और देशों की संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोस्टा ने कहा,
यूरोपीय संघ हमेशा अंतरराष्ट्रीय कानून की रक्षा करेगा, खासकर अपने सदस्य देशों के मामलों में. इस मुद्दे पर हम सभी सदस्य देशों की एकजुट प्रतिक्रिया तैयार कर रहे हैं.
वहीं, यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने कहा कि इस तरह के टैरिफ से चीन और रूस ‘बेहद खुश होंगे’. उन्होंने कहा,
अगर सहयोगी देशों के बीच दरार बढ़ती है, तो इसका फायदा हमारे विरोधियों को मिलेगा. टैरिफ से यूरोप और अमेरिका दोनों को आर्थिक नुकसान होगा.

उन्होंने यह भी कहा कि अगर ग्रीनलैंड की सुरक्षा का सवाल है, तो उसे नाटो के भीतर बातचीत से सुलझाया जा सकता है. ट्रंप के टैरिफ ऐलान के बाद EU ने आज इमरजेंसी बैठक भी बुलाई है.
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी की आलोचना की. उन्होंने कहा,
इस तरह के कदम ट्रांसअटलांटिक रिश्तों को कमजोर करेंगे. क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता अंतरराष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांत हैं.

उन्होंने यह भी साफ किया कि यूरोपीय संघ डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और अमेरिका के साथ बातचीत के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में है.
फ्रांस ने किया तीखा विरोधफ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप के फैसले पर लिखा, 'फ्रांस यूरोप और दुनिया के दूसरे हिस्सों में देशों की संप्रभुता और स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध है. इसी आधार पर फ्रांस यूक्रेन का समर्थन करता है और आगे भी करता रहेगा. इसी वजह से फ्रांस ने ग्रीनलैंड में डेनमार्क द्वारा आयोजित सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेने का फैसला किया. फ्रांस इस फैसले की पूरी जिम्मेदारी लेता है, क्योंकि आर्कटिक क्षेत्र और यूरोप की बाहरी सीमाओं की सुरक्षा दांव पर है.' मैक्रों ने आगे लिखा, 'फ्रांस को न तो धमकियों से डराया जा सकता है और न ही दबाव में लाया जा सकता है. चाहे मामला यूक्रेन का हो, ग्रीनलैंड का हो या दुनिया के किसी भी हिस्से का.'
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डॉनल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और यूरोप पहले से ही ग्रीनलैंड को लेकर असहज स्थिति में हैं. एक दिन पहले ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि जो देश ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की उनकी कोशिशों का समर्थन नहीं करेंगे, उन पर टैरिफ लगाए जा सकते हैं. ट्रंप ने जिन यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, उनमें से ज्यादातर अमेरिका के करीबी हैं.
वीडियो: दुनियादारी: ट्रंप के ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के बाद यूरोप क्या करेगा?

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