'डीपफेक' पर उतर आए डॉनल्ड ट्रंप, यूरोपीय नेताओं के सामने दिखाया 'अखंड अमेरिका'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार 20 जनवरी को ट्रूथ सोशल के अपने अकाउंट पर एक फोटो शेयर किया. इसमें वह यूरोपीय देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं.
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सिर्फ बॉलिवुड फिल्म ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ वाले लकी सिंह को ‘फर्जी’ फोटो बनवाने का शौक नहीं था. अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भी को भी ये काम बढ़िया आता है. जैसे फिल्म वाले लकी सिंह बिना कभी अमेरिका गए घर बैठे जॉर्ज बुश के साथ फोटो खिंचवा लेते हैं. वैसे ही डॉनल्ड ट्रंप ने भी बिना जंग जीते दुनिया के तीन देशों को अमेरिका में मिला लिया है. ये तीन देश ग्रीनलैंड, वेनेजुएला और कनाडा हैं, जो ट्रंप के नक्शे में अमेरिका के हो गए. नहीं समझे? चलिए समझाते हैं.
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मंगलवार, 20 जनवरी को ट्रूथ सोशल के अपने अकाउंट पर एक फोटो शेयर किया. इसमें वह यूरोपीय देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं. इस सीन में जो सबसे रोचक हिस्सा है वो दुनिया के इन बड़े नेताओं का जुटान नहीं है. बल्कि वो मैप है, जो ट्रंप की बगल में थोड़ी दूर पर एक स्टैंड पर लगा है. इस मैप में कनाडा, ग्रीनलैंड और वेनेजुएला को अमेरिका के मानचित्र में दिखाया गया है. यानी ट्रंप का इशारा है कि यूरोपीय नेताओं की गवाही में ये इलाके अब अमेरिका के हुए. इन तीन देशों में से दो, ग्रीनलैंड और कनाडा पर तो ट्रंप अमेरिका का दावा बताते हैं.
वह कई बार कह चुके हैं कि कनाडा अमेरिका का 51वां राज्य है. ग्रीनलैंड को लेकर भी हाल ही में उनकी एक कथित चिट्ठी सामने आई, जो नार्वे के प्रधानमंत्री को लिखी गई थी. इसमें ट्रंप ने कहा था कि दुनिया में शांति तभी आएगी, जब ग्रीनलैंड अमेरिका का हो जाएगा.

तीसरा देश वेनेजुएला है, जहां बीते दिनों अमेरिका की आर्मी घुस गई थी और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके बेडरूम से घसीटकर उठा लिया था. हालांकि, इसके बाद वेनेजुएला के उपराष्ट्रपति ने ही वहां की सत्ता संभाली, लेकिन ट्रंप का दावा है कि वेनेजुएला का शासन भी वही चला रहे हैं.
इन तीनों देशों को अमेरिका में मिला देने वाले इस मैप की कहानी में एक ट्विस्ट है. और वो ये कि ये असली नहीं है. भले ट्रंप ने इसे शेयर किया है, लेकिन ये फोटो फेक है और बहुत ‘डीप’ फेक है.
असली फोटो तो अगस्त 2025 की है, जब रूस-यूक्रेन के बीच चल रही जंग पर चर्चा के लिए वॉइट हाउस में यूरोपीय नेताओं का जमावड़ा हुआ था. इस चर्चा में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की, नाटो महासचिव मार्क रूट, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शामिल हुए थे. इसकी फोटो भी सोशल मीडिया पर आई थी.
उस फोटो में जो मैप लगा था, उसमें यूक्रेन का मानचित्र दिखता था. नए फेक फोटो में उसी मैप को नॉर्थ अमेरिका के मानचित्र से रिप्लेस कर दिया गया है, जिसमें कनाडा, ग्रीनलैंड और वेनेजुएला को अमेरिकी क्षेत्रों के रूप में दिखाया गया है.

यह फोटो पोस्ट करने के बाद ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर ही एक और फोटो लगाई है. ये फोटो तो और ‘कलात्मक’ है. इसमें ट्रंप के साथ उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो हैं. दोनों ट्रंप के साथ ग्रीनलैंड में अमेरिकी झंडा गाड़ते हुए दिख रहे हैं.

ये दोनों पोस्ट उस वक्त शेयर की गई हैं जब अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बीच टेंशन बना हुआ है. रूस और चीन से खतरे का डर दिखाकर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर अपना दावा कर दिया है. यूरोपीय देशों ने इस दावे का विरोध किया तो ट्रंप ने उन पर अतिरिक्त टैरिफ थोपने की धमकी दे दी.
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