‘भारत-पाकिस्तान न्यूक्लियर हमला करने वाले थे’, दूसरे टर्म की पहली एनिवर्सरी पर ट्रंप के बड़े दावे
Donald Trump के दूसरी बार US President बनने के एक साल पूरे हो गए. इस मौके पर उन्होंने प्रेस ब्रीफिंग में अपने अंदाज में फिर कई बड़े दावे किए. India-Pakistan से लेकर Greenland, Venezuela, Nobel Prize और Board of Peace पर काफी कुछ कहा. पढ़िए उनके प्रेस कॉन्फ्रेंस की खास बातें.

20 जनवरी 2025, डॉनल्ड ट्रंप दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने. उसके बाद दुनिया कभी वैसी नहीं रही, जैसी पहले हुआ करती थी. ट्रंप ने आने के बाद एक के बाद एक ऐसे फैसले लिए कि पूरी विश्व व्यवस्था ही उलट-पुलट हो गई है. कोई नहीं जानता कि ट्रंप किस देश के खिलाफ क्या बोल देंगे और किसे धमकी दे देंगे या फिर किस पर टैरिफ लगा देंगे.
बहरहाल, अनिश्चितताओं से भरे उनके दूसरे कार्यकाल को एक साल पूरे हो गए हैं. इस मौके पर 20 जनवरी 2026 को डॉनल्ड ट्रंप 'स्पेशल गेस्ट' के तौर पर खुद व्हाइट हाउस प्रेस ब्रीफिंग में आए. यहां भी उन्होंने अपने अंदाज में सभी मुद्दों पर बात की. फिर भारत-पाकिस्तान समेत 8 युद्ध रुकवाने का दावा. ग्रीनलैंड को लेने की जिद, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर खीझ, नोबेल प्राइज पर दर्द, वेनेजुएला और टैरिफ के मुद्दों पर भी ट्रंप ने बहुत कुछ कहा. आइए एक-एक कर जानते हैं ट्रंप ने क्या-क्या कहा.
दूसरे कार्यकाल की पहली एनिवर्सरीट्रंप ने कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में अपने दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरे होने पर बात की. कहा,
वेनेजुएलाट्रंप ने आगे वेनेजुएला का उदाहरण देते हुए कहा,
भारत-पाकिस्तानअब ट्रंप बोल रहे थे तो ऐसा हो ही नहीं सकता कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र न करें और उसे खत्म करवाने का क्रेडिट न लें. एक साल के स्पेशल मौके पर स्पेशल दावा भी बनता था. लिहाजा उन्होंने इस बार न्यूक्लियर हमले को भी जोड़ दिया. कह दिया कि भारत-पाकिस्तान एक दूसरे पर न्यूक्लियर हमला करने वाले थे. इस रुकवाने का क्रेडिट देने के लिए पाकिस्तान के पीएम शाहबाज शरीफ शहबाज शरीफ का भी विशेष उल्लेख किया. ट्रंप ने फिर वही पुराना राग अलापते हुए कहा,
ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का पर्सनल मैसेज भी सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया था. मैसेज में मैक्रों ने ट्रंप को 22 जनवरी को पेरिस में G7 समिट कराने का प्रस्ताव दिया था. जब पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या वह G7 की इस इमरजेंसी मीटिंग में शामिल होंगे, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इससे साफ इनकार कर दिया. उन्होंने मैक्रों को भी निशाने पर लिया और कहा कि वह ज्यादा दिनों तक राष्ट्रपति नहीं रहने वाले हैं. साथ ही कहा कि फ्रांस में कोई स्थिरता नहीं है.
ग्रीनलैंडअब ट्रंप की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ग्रीनलैंड से जुड़ा कोई सवाल न हो, ऐसा संभव नहीं है. एक रिपोर्टर ने पूछा कि ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए वह किस हद तक जाने को तैयार हैं. इस पर ट्रंप ने दो टूक जवाब देते हुए कहा, "आपको पता चल जाएगा."
बोर्ड ऑफ पीससवाल ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस पर भी उठ रहे हैं. आशंका जताई जा रही है कि यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र की जगह ले लेगा. इससे जुड़ा सवाल ट्रंप से पूछा गया तो उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को भी धता बता दिया. कहा,
NATOट्रंप ने NATO पर भी बात की और कहा कि उन्हें लगता कि NATO के देश अमेरिका की मदद के लिए आएंगे. उन्होंने कहा,
नोबेल प्राइजअब जब ट्रंप बोल रहे हों और नोबेल पीस प्राइज न मिलने का दर्द न छलके, यह भी कैसे संभव है. ट्रंप ने फिर नोबेल न मिलने का दुखड़ा सुनाया. कहा,
टैरिफट्रंप ने अमेरिकी टैरिफ और उस पर आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी बात की. ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि कोर्ट का क्या फैसला आने वाला है, लेकिन टैरिफ से अमेरिका को बहुत फायदा हुआ है. ट्रंप ने कहा,
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ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका को वेनेजुएला और ईरान पर हमला करने पर गर्व है. दावा किया कि दोनों देशों की न्यूक्लियर क्षमता खत्म कर दी गई. दावा किया कि कासिम सुलेमानी, जो रोडसाइड बम का जनक था, और अल बगदादी, जो ISIS का जनक था, वे ISIS को फिर से बना रहे थे. हमने उन्हें खत्म कर दिया. बहुत अच्छा काम किया.
वीडियो: दुनियादारी: ट्रंप की ग्रीनलैंड सनक के खिलाफ पूरा यूरोप एकजुट

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