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‘भारत-पाकिस्तान न्यूक्लियर हमला करने वाले थे’, दूसरे टर्म की पहली एनिवर्सरी पर ट्रंप के बड़े दावे

Donald Trump के दूसरी बार US President बनने के एक साल पूरे हो गए. इस मौके पर उन्होंने प्रेस ब्रीफिंग में अपने अंदाज में फिर कई बड़े दावे किए. India-Pakistan से लेकर Greenland, Venezuela, Nobel Prize और Board of Peace पर काफी कुछ कहा. पढ़िए उनके प्रेस कॉन्फ्रेंस की खास बातें.

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दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरा होने पर व्हाइट हाउस प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बोलते हुए ट्रंप. (Photo: X)
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सचिन कुमार पांडे
21 जनवरी 2026 (Published: 09:18 AM IST)
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20 जनवरी 2025, डॉनल्ड ट्रंप दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने. उसके बाद दुनिया कभी वैसी नहीं रही, जैसी पहले हुआ करती थी. ट्रंप ने आने के बाद एक के बाद एक ऐसे फैसले लिए कि पूरी विश्व व्यवस्था ही उलट-पुलट हो गई है. कोई नहीं जानता कि ट्रंप किस देश के खिलाफ क्या बोल देंगे और किसे धमकी दे देंगे या फिर किस पर टैरिफ लगा देंगे.

बहरहाल, अनिश्चितताओं से भरे उनके दूसरे कार्यकाल को एक साल पूरे हो गए हैं. इस मौके पर 20 जनवरी 2026 को डॉनल्ड ट्रंप 'स्पेशल गेस्ट' के तौर पर खुद व्हाइट हाउस प्रेस ब्रीफिंग में आए. यहां भी उन्होंने अपने अंदाज में सभी मुद्दों पर बात की. फिर भारत-पाकिस्तान समेत 8 युद्ध रुकवाने का दावा. ग्रीनलैंड को लेने की जिद, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर खीझ, नोबेल प्राइज पर दर्द, वेनेजुएला और टैरिफ के मुद्दों पर भी ट्रंप ने बहुत कुछ कहा. आइए एक-एक कर जानते हैं ट्रंप ने क्या-क्या कहा.

दूसरे कार्यकाल की पहली एनिवर्सरी

ट्रंप ने कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में अपने दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरे होने पर बात की. कहा,

यह पहली सालगिरह है, 20 जनवरी. यह बहुत शानदार समय रहा है. ये हमारी उपलब्धियां हैं, जो हमने हासिल की हैं. मैं यहां खड़े होकर इसे एक हफ़्ते तक पढ़ सकता हूं और यह खत्म नहीं होगा. हमने अब तक किसी भी दूसरी सरकार से कहीं ज़्यादा काम किया है. मिलिट्री के मामले में, युद्ध खत्म करने के मामले में, युद्ध पूरे करने के मामले में, ऐसा पहले किसी ने नहीं देखा है.

वेनेजुएला 

ट्रंप ने आगे वेनेजुएला का उदाहरण देते हुए कहा,

उदाहरण के लिए, वेनेजुएला ने अमेरिका के लिए अपनी जेलें खोल दीं. यही एक वजह थी कि मैं वेनेजुएला के इतने खिलाफ था. अब, मुझे वेनेजुएला बहुत पसंद है. वे हमारे साथ बहुत अच्छा काम कर रहे हैं. यह बहुत अच्छा रहा है. एक अविश्वसनीय रूप से अच्छी महिला (मारिया कोरिना मचाडो) ने भी कुछ दिन पहले एक बहुत ही शानदार काम किया. शायद हम उन्हें इसमें शामिल कर सकें. मुझे ऐसा करना बहुत अच्छा लगेगा. तेल कंपनियां वहां बहुत बड़ा इन्वेस्टमेंट करने की तैयारी कर रही हैं. उनके पास सऊदी अरब से भी ज़्यादा तेल है.

भारत-पाकिस्तान

अब ट्रंप बोल रहे थे तो ऐसा हो ही नहीं सकता कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र न करें और उसे खत्म करवाने का क्रेडिट न लें. एक साल के स्पेशल मौके पर स्पेशल दावा भी बनता था. लिहाजा उन्होंने इस बार न्यूक्लियर हमले को भी जोड़ दिया. कह दिया कि भारत-पाकिस्तान एक दूसरे पर न्यूक्लियर हमला करने वाले थे. इस रुकवाने का क्रेडिट देने के लिए पाकिस्तान के पीएम शाहबाज शरीफ शहबाज शरीफ का भी विशेष उल्लेख किया. ट्रंप ने फिर वही पुराना राग अलापते हुए कहा,

मैंने 10 महीनों में 8 ऐसी लड़ाइयां खत्म कीं, जो खत्म नहीं हो सकती थीं. पाकिस्तान और भारत. वे सच में एक-दूसरे से लड़ रहे थे. आठ प्लेन गिरा दिए गए थे. मेरे हिसाब से वे न्यूक्लियर हमला करने वाले थे. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यहां थे और उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने 10 मिलियन लोगों की जान बचाई और शायद उससे भी ज़्यादा.”

ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का पर्सनल मैसेज भी सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया था. मैसेज में मैक्रों ने ट्रंप को 22 जनवरी को पेरिस में G7 समिट कराने का प्रस्ताव दिया था.  जब पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या वह G7 की इस इमरजेंसी मीटिंग में शामिल होंगे, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इससे साफ इनकार कर दिया. उन्होंने मैक्रों को भी निशाने पर लिया और कहा कि वह ज्यादा दिनों तक राष्ट्रपति नहीं रहने वाले हैं. साथ ही कहा कि फ्रांस में कोई स्थिरता नहीं है.

ग्रीनलैंड

अब ट्रंप की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ग्रीनलैंड से जुड़ा कोई सवाल न हो, ऐसा संभव नहीं है. एक रिपोर्टर ने पूछा कि ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए वह किस हद तक जाने को तैयार हैं. इस पर ट्रंप ने दो टूक जवाब देते हुए कहा, "आपको पता चल जाएगा."

बोर्ड ऑफ पीस

सवाल ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस पर भी उठ रहे हैं. आशंका जताई जा रही है कि यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र की जगह ले लेगा. इससे जुड़ा सवाल ट्रंप से पूछा गया तो उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को भी धता बता दिया. कहा,

UN (संयुक्त राष्ट्र) ज्यादा मददगार नहीं रहा है. मैं UN की क्षमता का बहुत बड़ा फैन हूं, लेकिन इसने कभी अपनी क्षमता के हिसाब से काम नहीं किया. मैंने जितनी भी लड़ाइयां सुलझाईं, वे सभी UN को सुलझानी चाहिए थीं. मैं कभी उनके पास नहीं गया. मैंने उनके पास जाने के बारे में सोचा भी नहीं. आपको UN को चलने देना चाहिए, क्योंकि इसकी क्षमता बहुत ज़्यादा है. हमने अभी-अभी बोर्ड ऑफ पीस बनाया है, जो मुझे लगता है कि बहुत अच्छा होगा. काश यूनाइटेड नेशंस और ज़्यादा कुछ कर पाता. काश हमें बोर्ड ऑफ पीस की ज़रूरत ही नहीं पड़ती. जितने भी युद्ध उन्होंने सुलझाए, यूनाइटेड नेशंस ने किसी भी युद्ध में मेरी मदद नहीं की.

NATO

ट्रंप ने NATO पर भी बात की और कहा कि उन्हें लगता कि NATO के देश अमेरिका की मदद के लिए आएंगे. उन्होंने कहा,

मैंने NATO के लिए किसी भी जिंदा या मरे हुए इंसान से ज्यादा काम किया है, लेकिन NATO को भी हमारे साथ सही बर्ताव करना होगा. मुझे NATO को लेकर सबसे बड़ा डर यह है कि हम NATO पर बहुत ज़्यादा पैसा खर्च करते हैं और मुझे पता है कि हम उनकी मदद के लिए जाएंगे, लेकिन मुझे सच में इस बात पर शक है कि वे हमारी मदद के लिए आएंगे या नहीं.

नोबेल प्राइज

अब जब ट्रंप बोल रहे हों और नोबेल पीस प्राइज न मिलने का दर्द न छलके, यह भी कैसे संभव है. ट्रंप ने फिर नोबेल न मिलने का दुखड़ा सुनाया. कहा,

मुझे हर युद्ध के लिए नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए था. लेकिन मैं ऐसा नहीं कहता. मैंने लाखों-लाखों लोगों की जान बचाई. किसी को यह नहीं कहना चाहिए कि नॉर्वे सब कुछ कंट्रोल नहीं करता, ठीक है? यह नॉर्वे में है. नॉर्वे सब कुछ कंट्रोल करता है. इसीलिए जो मारिया (वेनेजुएला की विपक्षी नेता) ने किया, उसके लिए मैं उनकी खूब रिस्पेक्ट करता हूं. उसने कहा, मैं नोबेल पुरस्कार के लायक नहीं हूं. वह हैं (ट्रंप).

टैरिफ

ट्रंप ने अमेरिकी टैरिफ और उस पर आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी बात की. ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि कोर्ट का क्या फैसला आने वाला है, लेकिन टैरिफ से अमेरिका को बहुत फायदा हुआ है. ट्रंप ने कहा,

मुझे नहीं पता कि सुप्रीम कोर्ट क्या करने वाला है. टैरिफ शायद लाइसेंस से कम गंभीर है. मुझे नहीं पता कि वहां कोई केस भी है या नहीं, लेकिन हमने सैकड़ों अरबों डॉलर कमाए हैं. अगर हम वह केस हार जाते हैं, तो हो सकता है कि हमें इसे चुकाने के लिए अपनी पूरी कोशिश करनी पड़े. मुझे नहीं पता कि बहुत से लोगों को नुकसान पहुंचाए बिना यह इतनी आसानी से कैसे किया जाएगा. लेकिन हम उस केस का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. टैरिफ की वजह से हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा बहुत अच्छी है और इनकम भी बहुत ज़्यादा है.

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ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका को वेनेजुएला और ईरान पर हमला करने पर गर्व है. दावा किया कि दोनों देशों की न्यूक्लियर क्षमता खत्म कर दी गई. दावा किया कि कासिम सुलेमानी, जो रोडसाइड बम का जनक था, और अल बगदादी, जो ISIS का जनक था, वे ISIS को फिर से बना रहे थे. हमने उन्हें खत्म कर दिया. बहुत अच्छा काम किया.
 

वीडियो: दुनियादारी: ट्रंप की ग्रीनलैंड सनक के खिलाफ पूरा यूरोप एकजुट

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