'ईरान परमाणु बम बना रहा, इसका कोई सबूत नहीं... ' यूएन में ट्रंप-नेतन्याहू के दावे की धज्जियां उड़ीं
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के डायरेक्टर और UN न्यूक्लियर चीफ राफेल ग्रॉसी ने ऐसा बयान दिया है जिससे डॉनल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू का ईरान को लेकर किया गया दावा गलत साबित होता दिख रहा है. अब इस मसले पर ट्रंप और तुलसी गबार्ड का भी बयान आया है.

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी ने कहा है कि उन्हें ऐसा कोई सबूत नहीं दिखता कि ईरान परमाणु बम बनाने की रेस में है. IAEA संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था है. इसे ईरान की परमाणु गतिविधियों पर नज़र रखने का काम सौंपा गया है. ऐसे में राफेल ग्रॉसी के बयान की ख़ूब चर्चा है. आइए जानते हैं कि उन्होंने कहा क्या है.
IAEA प्रमुख क्या बोले?IAEA के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी ने फॉक्स न्यूज़ के साथ बातचीत में कहा,
राफेल ग्रॉसी से पूछा गया कि क्या इज़रायल के हमलों के कारण ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर प्रभाव पड़ा है. इस पर उन्होंने कहा,
उन्होंने ये भी तर्क दिया कि ईरान ने कई दशकों के परमाणु रिसर्च में जो सीखा है, उसे ख़त्म करने के लिए अकेले की सैन्य कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी. राफेल ग्रॉसी ने ये भी कहा कि इस संघर्ष को सुलझाने के लिए कूटनीतिक समाधान निकालना चाहिए. उन्होंने कहा,
ट्रंप-गबार्ड के बयानइधर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपनी ख़ुफ़िया प्रमुख तुलसी गबार्ड के एक आकलन को ख़ारिज़ कर दिया. दरअसल, अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने मार्च, 2025 में संसद में बताया था,
लेकिन डॉनल्ड ट्रंप ने शुक्रवार, 20 जून को इस बात को ठुकरा दिया. ट्रंप का कहना था- ‘वो (तुलसी गबार्ड) ग़लत हैं.’ ट्रंप के बयान के बाद तुलसी गबार्ड ने इसे लेकर फिर बात की है. उन्होंने 20 जून को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर लिखा,
तुलसी गबार्ड ने कहा कि मीडिया ने उनकी मार्च की बात का संदर्भ से बाहर मतलब निकल लिया. और ऐसा करके विभाजन पैदा करने की कोशिश की.
वीडियो: ट्रंप ने कहा 2 हफ्ते, इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने बता दिया आगे का प्लान

.webp?width=60)

