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'ईरान के साथ मीटिंग अच्छी रही, लेकिन... ', ट्रंप ने बातचीत फेल होने की पूरी वजह अब बताई

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ज्यादातर बातों पर सहमति बन गई थी, लेकिन एक बात पर बातचीत अटक गई. उन्होंने Strait of Hormuz को लेकर फिर धमकी दी है. इस पर ईरान का जवाब भी आया है.

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13 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 13 अप्रैल 2026, 10:39 AM IST)
donald trump on Iran-US Islamabad Talk
ट्रंप ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को लेकर धमकी दी है. (फोटो: रॉयटर्स)
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अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत ‘अच्छी’ रही. उन्होंने कहा कि ज्यादातर बातों पर सहमति बन गई थी, लेकिन दोनों पक्ष परमाणु मुद्दे पर सहमत नहीं हो पाए. ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी धमकी दी है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना तुरंत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की नाकाबंदी शुरू कर देगी.

एक सोशल मीडिया पोस्ट में, डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें बातचीत के बारे में जानकारी दी गई थी, जो लगभग 20 घंटे तक चली. उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे. ट्रंप ने धमकी देते हुए कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह से तैयार है और ईरान का जो थोड़ा-बहुत बचा है, उसे भी खत्म कर देगी. इसी के साथ उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि वो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का इस्तेमाल दुनिया से वसूली करने के लिए कर रहा है. ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने रास्ते में जो माइंस बिछा दी हैं, उन्हें हटाया जाएगा.

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(फोटो: ट्रुथ सोशल)

इस बीच, US सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकी सेना सोमवार, 13 अप्रैल की सुबह 10 बजे (पूर्वी समय) से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी जहाजों की नाकाबंदी करना शुरू कर देगी. X पर एक बयान में कहा गया,

“ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों में आने-जाने वाले सभी देशों के जहाजों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के नाकाबंदी की जाएगी, जिसमें अरब की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी ईरानी बंदरगाह भी शामिल हैं.”

बयान में यह भी कहा गया कि अमेरिकी सेना गैर-ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों के लिए ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में कोई रुकावट नहीं डालेगी. US सेंट्रल कमांड ने कहा कि नाकाबंदी शुरू होने से पहले एक औपचारिक नोटिस के जरिए कमर्शियल नाविकों को अतिरिक्त जानकारी दी जाएगी.

'मुझे फर्क नहीं पड़ता'

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार, 12 अप्रैल को कहा कि पाकिस्तान में बातचीत फेल हो जाने के बाद ईरान अमेरिका के साथ बातचीत पर लौटता है या नहीं, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 

"मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे वापस आते हैं या नहीं. अगर वे वापस नहीं आते हैं, तो भी मुझे कोई दिक्कत नहीं है."

इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इस्लामाबाद में सीजफायर बातचीत के दौरान ईरान ने संकेत दिया कि वह परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा, 

"वे अब भी इसे चाहते हैं और पिछली रात उन्होंने यह बात साफ कर दी थी. ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे."

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ईरान ने क्या कहा?

अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 12 अप्रैल को चेतावनी दी है कि आम जहाज तो कुछ नियमों के तहत गुजर सकते हैं, लेकिन अगर कोई सैन्य जहाज आया तो उसे सीजफायर का उल्लंघन माना जाएगा और सख्ती से निपटा जाएगा. ईरान ने यह भी कहा है कि अमेरिका जो माइंस हटाने की बात कर रहा है, वो गलत है. ऐसा कुछ हुआ ही नहीं.

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