क्या डॉनल्ड ट्रंप ने जेडी वेंस को 'बलि का बकरा' बना दिया?
JD Vance: अमेरिका में नवंबर 2026 में मिडटर्म इलेक्शन होने हैं. अगर डेमोक्रेट्स को जीत मिली, तो Donald Trump के खिलाफ महाभियोग चलाकर उन्हें राष्ट्रपति पद से हटाया जा सकता है. ऐसे में ट्रंप को अपना रसूख बचाने के लिए कोई ‘बलि का बकरा’ तो चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के लिए ईरान एक ऐसा दलदल बन गया है, जिसमें जितना उतरते हैं, उतना फंसते चले जाते हैं. किरकिरी अलग से हो रही है. उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को पाकिस्तान भेजा, ताकि ईरान से समझौता हो सके. लेकिन नेगोशिएशन पूरी तरह से फेल हो गई और वेंस को खाली हाथ लौटना पड़ा. ईरान से कोई डील हासिल ना करना वेंस के राजनीतिक करियर पर भारी पड़ सकता है, क्योंकि अब ट्रंप ईरान मामले में अपनी हर नाकामी का सेहरा वेंस के सिर बांध सकते हैं.
डॉनल्ड ट्रंप का ट्रैक रिकॉर्ड कहता है कि वे ऐसा बिल्कुल कर सकते हैं. लगातार पाला बदलने में ट्रंप को 'महारत' हासिल है. उनकी ये अदा अमेरिकी युद्ध मंत्री (रक्षा मंत्री) पीट हेगसेथ भी झेल चुके हैं. ट्रंप ने ईरान पर हमला करने का ठीकरा हेगसेथ के सिर फोड़ा था. 23 मार्च को डॉनल्ड ट्रंप ने कहा था,
"पीट हेगसेथ मुझे लगता है कि तुम ही वो पहले व्यक्ति थे जिसने सैन्य कार्रवाई के लिए दबाव डाला था. तुमने कहा था कि तुम ईरान को परमाणु संपन्न देश नहीं बनने देना चाहते और हमला करने के लिए तैयार हो."
पिछले महीने डॉनल्ड ट्रंप ने पॉलिसी पर विरोध के बाद होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम को भी निकाल दिया. एपस्टीन फाइल्स को जारी करने का मामला संभालने में नाकाम रहने के आरोप में अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को भी निकाल दिया.
कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक, फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के हेड काश पटेल और नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड समेत दूसरे लोग भी कथित तौर पर निकाले जाने की कगार पर हैं.
जब ट्रंप अपने वफादार युद्ध मंत्री और अन्य नेताओं और अधिकारियों के साथ ऐसा कर सकते हैं, तो जेडी वेंस को ‘बलि का बकरा’ क्यों नहीं बना सकते? उनके लिए तो वेंस को 'टारगेट' बनाना और भी आसान माना जाता है. वाइट हाउस पर जेडी वेंस की पकड़ कमजोर होती जा रही है. एक समय था जब रिपब्लिकन खेमे में जेडी वेंस को डॉनल्ड ट्रंप का उत्तराधिकारी माना जाता था.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, वाशिंगटन में जेडी वेंस की इमेज खराब होने का बड़ा कारण उनकी आजाद सोच और दखल ना देने वाले विचार हैं. वाइट हाउस के एक अधिकारी ने अमेरिकी न्यूज आउटलेट MSNOW को बताया,
"असल में जेडी वेंस ने अपनी नाइत्तफाकी की वजह से वाइट हाउस में अपनी पकड़ खो दी है."
अमेरिका में नवंबर 2026 में मिडटर्म इलेक्शन होने हैं, जिसमें डेमोक्रेटिक पार्टी सत्तारूढ़ डॉनल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को कड़ी टक्कर दे सकती है. अगर डेमोक्रेट्स को जीत मिली, तो ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाकर उन्हें राष्ट्रपति पद से हटाया जा सकता है. ऐसे में ट्रंप को अपना रसूख बचाने के लिए कोई ‘बलि का बकरा’ तो चाहिए. वो भी ऐसे ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ (MAGA) वोटर बेस के सामने, जो युद्ध विरोधी है, और जिसने ट्रंप को बंपर वोट देकर दूसरी बार राष्ट्रपति बनाया.
जहां अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ जैसे लोगों ने ट्रंप के प्रति पक्की वफादारी दिखाई है, वहीं वेंस का बार-बार प्रेसिडेंट से टकराव हुआ है. वेंस वाइट हाउस की वो आवाज हैं, जो डॉनल्ड ट्रंप से टक्कर लेती है. इसका दंश उन्हें झेलना भी पड़ा है.
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने वाले ऑपरेशन की चर्चा और प्लानिंग से जेडी वेंस को साइडलाइन कर दिया गया था. जब ईरान पर हमला करने का सवाल उठा तो वेंस अकेले असहमति जताने वाले शख्स भी थे.
अब ट्रंप ने उन्हें इस्लामाबाद में ईरान से बातचीत को लीड करने के लिए भेज दिया. यह शायद उनके करियर का सबसे मुश्किल काम था. यह बात अलग है कि उन्हें अपने बॉस ट्रंप से भी ज्यादा सब्र रखने वाले दुश्मन ईरानी नेताओं से डील फाइनल करनी थी.
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इस्लामाबाद टॉक्स फेल हो गई, जेडी वेंस ईरान से कोई भी डील नहीं कर सके. डॉनल्ड ट्रंप ने अलग पूरे मामले में 'बेतरतीब' बयानों से कंफ्यूजन फैला रखी है. कभी उनका रुख ईरान के 10-पॉइंट प्लान के कुछ हिस्सों को कुछ समय के लिए मानना होता है, तो कभी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में माइंस खत्म करने के ऑपरेशन के लिए US वॉरशिप तैनात करने और जहाजों की आवाजाही रोकने की धमकी देते हैं.
उपराष्ट्रपति होने के नाते जेडी वेंस को आसानी से वाइट हाउस से बाहर का रास्ता नहीं दिखाया जा सकता. ब्रिटेन के अखबार द टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि डॉनल्ड ट्रंप, ईरान युद्ध का दोष जेडी वेंस पर डालकर रिपब्लिकन पार्टी में वेंस के भविष्य के राष्ट्रपति बनने के सपने को बुरी तरह से पटरी से उतार सकते हैं. एक ऐसा आरोप है जिसे उनके समर्थक शायद मान लेंगे.
आने वाले हफ्तों में यह देखना होगा कि क्या जेडी वेंस, डॉनल्ड ट्रंप के साथ-साथ अब खुद को मुंह दिखाने लायक जंग से बाहर निकलने का रास्ता दे पाते हैं. और 'इस्लामाबाद टॉक्स' के फेल होने का दाग धो पाते हैं या नहीं.
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