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ट्रंप के लिए अब शांति 'किस चिड़िया का नाम है'? चिट्ठी में निकाली नोबेल वाली खुन्नस

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की एक चिट्ठी सामने आई है जो कथित तौर पर उन्होंने नॉर्वे के प्रधानमंत्री को भेजी है. इस चिट्ठी में ट्रंप को नोबेल न मिलने की शिकायत की गई है. साथ ही ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे को लेकर धमकी भी दी गई है.

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donald trump letter to Norwegian PM
ट्रंप ने नार्वे के प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी है (india today)
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राघवेंद्र शुक्ला
19 जनवरी 2026 (Published: 05:27 PM IST)
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डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) का नोबेल न मिलने का दुख खत्म क्यों नहीं होता! सोशल मीडिया पर एक चिट्ठी सामने आई है, जो ट्रंप की बताई जा रही है. नॉर्वे के प्रधानमंत्री को लिखी गई है. इस लेटर में न सिर्फ ट्रंप नोबेल न मिलने का रोना रो रहे हैं बल्कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे को लेकर धमकी भी दे रहे हैं. लेटर में लिखा है कि ‘8 युद्ध रुकवाने’ के बाद भी उन्हें नोबेल नहीं मिला तो अब वह दुनिया में शांति के बारे में सोचने को मजबूर नहीं हैं. आगे एक चेतावनी भी लिखी है कि दुनिया तभी सुरक्षित है जब ग्रीनलैंड अमेरिका का हो जाए. 

पत्रकार ने शेयर किया टेक्स्ट

इस चिट्ठी का पूरा टेक्स्ट निक शिफ्रिन नाम के पत्रकार ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर शेयर किया है. लेटर नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोर को संबोधित है. इसे राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के कर्मचारियों ने यूरोपीय देशों के राजदूतों को भेजा है और कहा है कि इसे वो अपने-अपने देश के प्रधानमंत्रियों या राष्ट्रपतियों को भेजें. ट्रंप की बताई जा रही इस चिट्ठी में सबसे पहले ही नोबेल प्राइज न मिलने का रोना रोया गया है. इसमें लिखा है, 

प्रिय जोनस. चूंकि आपके देश ने मुझे 8 युद्धों को रोकने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया, इसलिए अब मुझे शांति के बारे में गंभीरता से सोचने की मजबूरी महसूस नहीं होती. हालांकि, शांति हमेशा प्रमुख रहेगी लेकिन अब मैं अमेरिका के हितों के बारे में सोच सकता हूं. 

बता दें कि नॉर्वे की संसद एक समिति नियुक्त करती है, जो नोबेल पुरस्कार देती है. 

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ट्रंप के नाम से ये चिट्ठी नॉर्वे के प्रधानमंत्री को भेजी गई है (X)

ग्रीनलैंड पर दावा करते हुए पत्र में आगे लिखा गया है,

डेनमार्क उस भूमि (ग्रीनलैंड) को रूस या चीन से नहीं बचा सकता. फिर उनके पास ग्रीनलैंड का 'मालिकाना हक' क्यों है? उनके पास कोई लिखित दस्तावेज नहीं हैं. सिर्फ सैकड़ों साल पहले एक नाव वहां उतरी थी, लेकिन हमारे जहाज भी उतरे थे. मैंने नाटो (NATO) के लिए जितना किया, उतना इसके शुरू होने के बाद किसी ने नहीं किया. अब नाटो को अमेरिका के लिए कुछ करना चाहिए.

पत्र के अंत में एक चेतावनी दी गई है कि दुनिया तभी सुरक्षित है जब अमेरिका के पास ग्रीनलैंड पर पूरा कंट्रोल हो.

आखिर में बताया गया है कि यह लेटर प्रेसिडेंट DJT यानी डॉनल्ड जूनियर ट्रंप की ओर से है.

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