डॉनल्ड ट्रंप G-7 समिट में रूस और चीन के समर्थन में खुलकर बोले, ईरान को चेताया
वहीं डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह बातचीत की टेबल पर लौट आए क्योंकि वह इजरायल से जंग नहीं जीत सकता. ट्रंप ने रूस को फिर से जी-7 में शामिल होने का आह्वान किया.

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को सलाह दी है कि परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर वह बातचीत की टेबल पर लौट आए. ट्रंप ने कहा कि ईरान इजरायल से युद्ध नहीं जीत सकता. इसलिए देर हो जाने से पहले उसे बातचीत पर वापस लौट आना चाहिए. बता दें कि ईरान के खिलाफ जंग में ट्रंप खुलकर इजरायल को सपोर्ट कर रहे हैं. जी-7 सम्मेलन शुरू होने से पहले उन्होंने इजरायल को अमेरिकी समर्थन का एलान किया था.
रॉयटर्स ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि सम्मेलन से पहले ट्रंप ने मिडिल-ईस्ट में टेंशन कम करने के लिए कई देशों के एक संयुक्त बयान का समर्थन करने से भी इनकार कर दिया था.
इससे पहले ट्रंप ने 12 जून को इजरायल के ईरान पर हमलों के बारे में ‘पहले से जानकारी’ होने का दावा करते हुए इसे ‘एक्सीलेंट’ और ‘काफी सफल’ बताया था. इस दौरान भी ट्रंप ने कहा था कि तेहरान के लिए अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत पर वापस लौटने में अभी बहुत देर नहीं हुई है.
'रूस को जी-7 से बाहर करना बड़ी गलती'
वहीं, जी-7 (पहले जी-8) से रूस को निकाले जाने पर ट्रंप ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की आलोचना की. ट्रंप ने कहा कि रूस को जी-7 से बाहर करना ‘गंभीर गलती’ थी. अगर वह ग्रुप का हिस्सा बना रहता तो यूक्रेन से युद्ध को टाला जा सकता था.
ट्रंप ने कहा,
ट्रंप ने जी-7 में रूस को फिर से शामिल करने का आह्वान किया और यहां तक कहा कि अगर कोई प्रस्ताव देता है तो वह जी-7 में चीन को शामिल करने पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं.
बता दें कि रूस को 1998 में जी-7 ग्रुप में शामिल किया गया था, लेकिन साल 2014 में क्रीमिया पर कब्जे के बाद उसे अनिश्चित काल के लिए ग्रुप से निलंबित कर दिया गया. ट्रंप ने इसके लिए पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और तत्कालीन कनाडाई राष्ट्रपति जस्टिन ट्रूडो को जिम्मेदार ठहराया.
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