ये गलियों के आतंकी बदनाम कुत्ते
आवारा कुत्तों का आतंक सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. कोर्ट ने आदेश जारी किए हैं कि जल्दी से जल्दी इनकी स्थाई दवाई की जाए.
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फोटो - thelallantop
गली के कुत्तों का मामला सुप्रीम कोर्ट जा पहुंचा है. बुधवार को कोर्ट ने ऑर्डर जारी किए हैं. कि सभी राज्यों के चीफ सेक्रेट्री और प्रशासन लग कर आवारा कुत्तों का हिसाब करें. उनका वैक्सीनेशन कराएं. रैबीज खत्म करने के लिए. बढ़ती तादाद को कंट्रोल करने का जुगाड़ लगाए. एनिमल बर्थ कंट्रोल डॉग्स रूल 2001 के हिसाब से. इससे संबंधित खबरें टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी हैं. आप पढ़ लो अगर काम की लगे.
अब देखो ये मामला इत्ती दूर पहुंचा कैसे?

केरल की एक विधवा
केरल में एक आदमी दिहाड़ी मजदूरी करता था. उसे गली के कुत्ते ने काट लिया. जिससे उसकी मौत हो गई. अब वो विधवा अपने छोटे अंधे बच्चे के साथ घर में रहती है. बच्चा कुत्तों की आवाज से डरता है. घर से बाहर नहीं निकलता. उसका जिक्र करते हुए वकील वीके बीजू ने कहा सुप्रीम कोर्ट को ये डिसाइड करना चाहिए. कि गली का कुत्ता काटने पर नुकसान की भरपाई किसकी तरफ से होगी. एनिमल लवर्स जो हैं इन कुत्तों के लिए बहुत काम करते हैं. उनके लिए खाना, रहने का जुगाड़ करते हैं. सर्दियों में कपड़े देते हैं. लेकिन उनके वैक्सीनेशन में हेल्प नहीं करते. और जो कुत्ते लोगों को काट लेते हैं उसके लिए कुछ नहीं करते.

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