बिहार में बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी कोरोना संक्रमित, डॉक्टरों ने बयां किया दर्द...
डॉक्टर, नर्स और लैब असिस्टेंट्स को हुआ कोरोना.
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फोटो - thelallantop
देश में कोरोना वायरस (Coronavirus Updates) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे में ज़रूरी है कि हमें भरपूर मेडिकल फैसिलिटी मिले. लोगों को सही समय पर सही चीज़ें मुहैया करवायी जाएं. लेकिन बिहार (Coronavirus In Bihar) में इस बुनियादी ढांचे की कमी नज़र आ रही है. वहां मरीज़ों के इलाज की क्षमता में कमी आई है. दरअसल बीते दो हफ्तों में बिहार में करीब 450 डॉक्टर्स, नर्स, लैब टेक्नीशियन और दूसरे स्टाफ को कोरोना हो गया है. जिसकी वजह से स्वास्थ्य सेवाओं में रुकावटें आईं. सिर्फ यही नहीं, बिहार में 200 से ज़्यादा पुलिस वालों को भी कोरोना हो गया है.
बीते दिनों हाईकोर्ट ने एम्स से एक रिपोर्ट सब्मिट करने को कहा था. जिसमें ये बताया जाए कि हॉस्पिटल में काम कैसे हो रहा है. साथ ही डॉक्टर्स और दूसरे स्टाफ की सेहत के बारे में भी जानकारी दी जाए. इसी रिपोर्ट को देते हुए एम्स पटना के डायरेक्टर डॉक्टर पीके सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि करीब 248 स्टाफ कोरोना से संक्रमित हैं.
रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉक्टर विनय कुमार ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया,
पटना के एम्स ने पिछले हफ्ते अपने अस्पताल में कोविड बेड्स की संख्या भी बढ़ाई है. पहले यहां कोविड मरीज़ों के लिए सिर्फ 130 बेड थे. जिसे बढ़ाकर अब 210 कर दिया गया है.
अन्य अस्पतालों में भी यही हाल
बिहार के नालंदा मेडिकल कॉलेज का हाल भी कुछ ऐसा ही है. यहां भी अस्पताल के करीब 70 स्टाफ को कोरोना हो गया है. पटना में ये एकमात्र ऐसा अस्पताल है जो पूरी तरह से कोविड के इलाज के लिए है. यहां भी कोरोना के लिए बेड बढ़ाए गए हैं. पहले इनकी संख्या सिर्फ 160 थी. अब इसे बढ़ाकर 500 कर दिया गया है.
वहीं पटना मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में भी कोविड के मरीजों का इलाज किया जा रहा है. यहां के 130 कर्मचारियों को भी कोरोना हो गया है. बिहार में कोविड के करीब 50 हज़ार एक्टिव केस हैं. जिनमें से बीते 15 दिनों में लगभग 150 लोगों की जानें चली गई. आंकड़ों के मुताबिक बिहार में एक लाख सैंपल्स की रोज़ाना टेस्टिंग की जा रही है.
ऑक्सीजन की कमी की शिकायतों के बाद, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने बताया,
वहीं पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि उन्होंने भी केंद्रीय रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया से बिहार के अस्पतालों में रेमेडिसिविर के स्टॉक की भरपाई करने के लिए भी बात की थी.

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