दुनिया में 7 अरब लोग हैं. हजारों भाषायें हैं. बोलने वालों की संख्या बहुत ज्यादाहो गई है. सुनने वालों की संख्या कम होते जा रही है. बोलने वाले धर-धर के सुनातेहैं. सामने वाला थोड़ी देर तक तो सुनता है, फिर वो भी धरने लगता है. तो संघर्ष शुरूहो जाता है. स्किल इसी में है कि आपका कंटेंट इतना तगड़ा हो कि सामने वाले को लगेकि भाई इसका दुख ज्यादा है सुन लो. और ज्यादा सुनाने वालों को बकचोद कहा जाता है.इसी मुद्दे पर योहान भार्गव एक वेब सीरीज लेकर आए हैं. योहान एक फ्री-लांस फिल्मक्रिटिक हैं. फिल्मों से लगाव है. मौका मिला, अपने जैसे लोग मिले तो वेब सीरीज बनाडाली. तो इनकी पहली सीरीज आ गई है. इस सीरीज की एक विशेषता है. इसमें सुनचोद नाम काएक कैरेक्टर है. ये सबकी बातें सुनता है. चाहे मन से सुने, चाहे मजबूरी में. सुनताहै. तो सीरीज के पहले एपिसोड में एक डॉक्टर और सुनचोद की कहानी है. डॉक्टर को तोसमाज में देवता माना जाता है. सुख-दुख से परे. उसे किसी चीज से घिन नहीं आती. कोईअपनी फुंसी से लेकर कहीं पर के घाव दिखाएगा. मरीज चाहेगा कि डॉक्टर बड़ी तसल्ली औरचाव से घाव को देखे. घबराये नहीं. घिनाये नहीं. फिर मरीज बार-बार ये भी पूछे किदवाई ना खाऊं तो चलेगा क्या. Doctor Ki Bhadaas Unlimited - S01 -EP01https://www.youtube.com/watch?v=ZNnqqvSRgBU इससे पहले डॉक्टर को अपनी पढ़ाई मेंभी तो झेलना पड़ता है. 20 साल का लड़का कोटा जाता है तैयारी करने और जब होश संभालताहै तो 30 का हो गया होता है. तैयारी करता है. पढ़ता है. फिर तैयारी करता है. फिरपढ़ता है. तो इस एपिसोड में डॉक्टर अपने मन की बात करता है. सुनचोद के साथ. अबक्या-क्या बोलता है, ये दिलचस्प है. क्योंकि जनता को डॉक्टरों के बारे में ज्यादापता नहीं है. तो काफी चीजें नई लगेंगी. कि जिसके सामने जा के नाड़ी पकड़वाते थे, उसगंभीर इंसान की ये हालत होगी अंदर से. इस सीरीज में और भी कई लोग हैं. सौरभ भारतहैं, जो सुनचोद बने हैं. पहली सीरीज में कुल 6 एपिसोड हैं. जिसके दो तो सौरभ नेडायरेक्ट किये हैं. एक योहान ने किया है. योहान प्रोड्यूसर हैं. तो जब मन तब किसीको धकिया के डायरेक्ट कर ही लेंगे. अजय शर्मा भी हैं जो प्यार का पंचनामा से जुड़ेथे. थियेटर के बलजीत रंधावा भी इस टीम का हिस्सा हैं. इस सीरीज के बाकी 5 एपिसोडमें भी चुन-चुन के किरदार लिये गये हैं. एक में मोस्ट एलिजिबल बैचलर की भड़ास है.बंदा शादी नहीं करना चाहता. कमा रहा है तो क्या हुआ. पर समाज उसे जीने नहीं देता.जहां जाता है, लोग पीछे पड़े रहते हैं कि शादी कब करोगे. फिर एक एपिसोड मेंइंट्रोवर्ट इंसान के मन की भड़ास है. जिसे लोग हर जगह तंग करते रहते हैं कि क्यासोच रहे हो. तो यहां वो बताता है कि क्या सोचता है वो. जिसे सुन के शायद लोगों केदिमाग की नसें फट जायें. एक एपिसोड में पोस्ट-ग्रेजुएट लड़की की भड़ास है. जो अपनीमम्मी के सीरियल्स से तंग है. मां क्राइम पेट्रोल देख-देख के बच्ची का जीना हराम करदेती है. फिर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के बिना कहानी अधूरी ही होगी. हालांकि इनकाकॉन्सेप्ट तो पब्लिक में है. लोग इनके दुख-दर्द से परिचित हैं. पर वक्त गुजरने केसाथ उनके दुख भी तो बदल गये हैं. तो ये एपिसोड लायेगा उनके बारे में नई चीजें.आखिरी एपिसोड में एक बहू की कहानी है. बहू की कहानियां तो बहुत आई हैं. लोग चट चुकेहैं. पर चट जाने से कहानी खत्म तो हो नहीं जाती. अब बहुओं की स्थिति काफी बदल गईहै. समस्यायें भी उसी लिहाज से बदल गई हैं. तो इसमें है एक बहू के मन की बात.