The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Doctor Ki Bhadaas Unlimited - S01 -EP01 web series scriptors lab scripting company

यहां देखिए, क्या कहते हैं डॉक्टर जिनको आप देवता समझते हैं

बोलते सब हैं, सुनता कोई नहीं.

Advertisement
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
pic
ऋषभ
10 नवंबर 2016 (Updated: 10 नवंबर 2016, 11:20 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
दुनिया में 7 अरब लोग हैं. हजारों भाषायें हैं. बोलने वालों की संख्या बहुत ज्यादा हो गई है. सुनने वालों की संख्या कम होते जा रही है. बोलने वाले धर-धर के सुनाते हैं. सामने वाला थोड़ी देर तक तो सुनता है, फिर वो भी धरने लगता है. तो संघर्ष शुरू हो जाता है. स्किल इसी में है कि आपका कंटेंट इतना तगड़ा हो कि सामने वाले को लगे कि भाई इसका दुख ज्यादा है सुन लो. और ज्यादा सुनाने वालों को बकचोद कहा जाता है. इसी मुद्दे पर योहान भार्गव एक वेब सीरीज लेकर आए हैं. योहान एक फ्री-लांस फिल्म क्रिटिक हैं. फिल्मों से लगाव है. मौका मिला, अपने जैसे लोग मिले तो वेब सीरीज बना डाली. तो इनकी पहली सीरीज आ गई है. इस सीरीज की एक विशेषता है. इसमें सुनचोद नाम का एक कैरेक्टर है. ये सबकी बातें सुनता है. चाहे मन से सुने, चाहे मजबूरी में. सुनता है. तो सीरीज के पहले एपिसोड में एक डॉक्टर और सुनचोद की कहानी है. डॉक्टर को तो समाज में देवता माना जाता है. सुख-दुख से परे. उसे किसी चीज से घिन नहीं आती. कोई अपनी फुंसी से लेकर कहीं पर के घाव दिखाएगा. मरीज चाहेगा कि डॉक्टर बड़ी तसल्ली और चाव से घाव को देखे. घबराये नहीं. घिनाये नहीं. फिर मरीज बार-बार ये भी पूछे कि दवाई ना खाऊं तो चलेगा क्या. Doctor Ki Bhadaas Unlimited - S01 -EP01 https://www.youtube.com/watch?v=ZNnqqvSRgBU इससे पहले डॉक्टर को अपनी पढ़ाई में भी तो झेलना पड़ता है. 20 साल का लड़का कोटा जाता है तैयारी करने और जब होश संभालता है तो 30 का हो गया होता है. तैयारी करता है. पढ़ता है. फिर तैयारी करता है. फिर पढ़ता है. तो इस एपिसोड में डॉक्टर अपने मन की बात करता है. सुनचोद के साथ. अब क्या-क्या बोलता है, ये दिलचस्प है. क्योंकि जनता को डॉक्टरों के बारे में ज्यादा पता नहीं है. तो काफी चीजें नई लगेंगी. कि जिसके सामने जा के नाड़ी पकड़वाते थे, उस गंभीर इंसान की ये हालत होगी अंदर से. इस सीरीज में और भी कई लोग हैं. सौरभ भारत हैं, जो सुनचोद बने हैं. पहली सीरीज में कुल 6 एपिसोड हैं. जिसके दो तो सौरभ ने डायरेक्ट किये हैं. एक योहान ने किया है. योहान प्रोड्यूसर हैं. तो जब मन तब किसी को धकिया के डायरेक्ट कर ही लेंगे. अजय शर्मा भी हैं जो प्यार का पंचनामा से जुड़े थे. थियेटर के बलजीत रंधावा भी इस टीम का हिस्सा हैं. इस सीरीज के बाकी 5 एपिसोड में भी चुन-चुन के किरदार लिये गये हैं. एक में मोस्ट एलिजिबल बैचलर की भड़ास है. बंदा शादी नहीं करना चाहता. कमा रहा है तो क्या हुआ. पर समाज उसे जीने नहीं देता. जहां जाता है, लोग पीछे पड़े रहते हैं कि शादी कब करोगे. फिर एक एपिसोड में इंट्रोवर्ट इंसान के मन की भड़ास है. जिसे लोग हर जगह तंग करते रहते हैं कि क्या सोच रहे हो. तो यहां वो बताता है कि क्या सोचता है वो. जिसे सुन के शायद लोगों के दिमाग की नसें फट जायें. एक एपिसोड में पोस्ट-ग्रेजुएट लड़की की भड़ास है. जो अपनी मम्मी के सीरियल्स से तंग है. मां क्राइम पेट्रोल देख-देख के बच्ची का जीना हराम कर देती है. फिर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के बिना कहानी अधूरी ही होगी. हालांकि इनका कॉन्सेप्ट तो पब्लिक में है. लोग इनके दुख-दर्द से परिचित हैं. पर वक्त गुजरने के साथ उनके दुख भी तो बदल गये हैं. तो ये एपिसोड लायेगा उनके बारे में नई चीजें. आखिरी एपिसोड में एक बहू की कहानी है. बहू की कहानियां तो बहुत आई हैं. लोग चट चुके हैं. पर चट जाने से कहानी खत्म तो हो नहीं जाती. अब बहुओं की स्थिति काफी बदल गई है. समस्यायें भी उसी लिहाज से बदल गई हैं. तो इसमें है एक बहू के मन की बात.

Advertisement

Advertisement

()