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क्या किरायेदारों को किराये पर 18% GST देना होगा? पूरी बात ये है

ऐसे किरायेदार जो कि GST रजिस्टर्ड हैं, उनके लिए ये अच्छी खबर नहीं है.

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12 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 12 अगस्त 2022, 11:28 PM IST)
GST on tenant
प्रतीकात्मक तस्वीर.
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GST एक बार फिर से खबरों में है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब किरायेदारों को भी GST देना होगा. इसी साल के बीते जून महीने में वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन की अगुवाई में GST परिषद की 47वीं बैठक हुई थी. इसमें तमाम नई चीजों पर GST लगाने का फैसला लिया गया था. ये बदलाव 18 जुलाई 2022 से लागू कर दिए गए हैं. इसमें एक खास प्रावधान ये किया गया था कि GST रजिस्टर्ड किरायेदार को आवासीय संपत्ति किराए पर लेते समय 18% की दर से माल और सेवा कर का भुगतान करना होगा. यानी कि उन किरायेदारों को GST देना होगा, जिनका GST रजिस्ट्रेशन हुआ है.

पहले क्या थे नियम

लाइव लॉ के मुताबिक, 18 जून 2022 से पहले आवासीय संपत्ति किसी भी प्रकार के टैक्स के दायरे में नहीं थी, चाहे किरायेदार GST रजिस्टर्ड हो या फिर न हो.

हालांकि कमर्शियल प्रॉपर्टी पर पहले भी GST लगता था और यह 18 जून 2022 के बाद भी लागू होती रहेगी. कमर्शियल प्रॉपर्टी पर तब GST लगती है जब मकान मालिक GST रजिस्टर्ड हो. ऐसे मकान मालिकों को GST के लिए रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है जिनकी सेवा संबंधित सप्लाई 20 लाख रुपये से अधिक है और माल की सप्लाई 40 लाख रुपये से अधिक है.

अगर मकान मालिक GST रजिस्टर्ड है और अपनी कमर्शियल प्रॉपर्टी को किराये पर देता है तो मकान मालिक किरायेदार से 18 फीसदी GST लेगा, चाहे किरायेदार GST रजिस्टर्ड हो या न हो.

आवासीय प्रॉपर्टी पर GST

अब नए नियम, जो कि 18 जून 2022 से लागू हैं, उनके मुताबिक अगर आवासीय प्रॉपर्टी का किरायेदार GST रजिस्टर्ड है तो उसे 18 फीसदी GST देना होगा, भले ही मकान मालिक GST रजिस्टर्ड हो या न हो. इस GST का भुगतान रिवर्स चार्ज मेकेनिज्म (RCM) के तहत होगा, यानी कि किरायेदार सीधे सरकार को GST का भुगतान करेगा.

किस पर पड़ेगा भार?

इन नए नियमों का प्रभाव सभी किरायेदारों पर नहीं पड़ेगा. ऐसे किरायेदारों पर GST का भार पड़ेगा जो कि GST रजिस्टर्ड हैं. जैसे कि अगर कोई कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए किराये पर गेस्टहाउस बुक कराती है या फिर वे किराये पर कोई आवासीय प्रॉपर्टी लेते हैं तो उस कंपनी को 18 फीसदी GST देना होगा. वहीं अगर कोई कर्मचारी किसी आवासीय प्रॉपर्टी को किराये पर लेता है तो उसे GST नहीं चुकाना पड़ेगा. 

इस तरह किरायेदार कोई कंपनी, कोई छोटी कंपनी या बिजनेस प्रोफशनल्स जैसे कि वकील, वास्तुकार, बिजनेस कंसल्टेंट इत्यादि हैं और वे GST रजिस्टर्ड हैं, तो उन्हें आवासीय प्रॉपर्टी पर भी GST देना होगा. हालांकि सैलरी प्राप्त करने वाले लोगों को इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है. उन्हें किराये पर घर लेने पर GST नहीं देना होगा.

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