वो वाली गाड़ियां देखे हो, जो जमीन से बिल्कुल चिपक के चलती हैं. ऐसा लगता है जैसेसांप के जोंक जितने बड़े पैर उग आए हों और वो सरपटाया जा रहा हो. इंडिया में जब भीकोई वैसी वाली महंगी गाड़ी लेकर सड़क पर निकलता है तो देखने वाला हर आदमी यही कहताहै कि देखना, अभी ब्रेकर पर अटक जाएगी. बाकियों का तो नहीं पता, लेकिन रियो ओलिंपिकमें पूरे देश की मुंडी शान से उठवाने वाली दीपा कर्मकार के साथ इसकी मिलती-जुलतीसमस्या हो गई है.रियो से लौटने के बाद दीपा, पीवी सिंधु और साक्षी मलिक को BMW कार गिफ्ट में दी गईथी. गिफ्ट देने के लिए खुद सचिन तेंदुलकर आए थे. सिंधु और साक्षी को तो कोई दिक्कतन हुई, लेकिन दीपा अपने जनपद में गाड़ी नहीं चला पा रही हैं. वो रहती हैं अगरतलामें. वहां रोड न तो बड़े हैं और न ही स्वस्थ हैं. वहां के लोग अक्सर गाते रहते हैं,'यहां भी खुदा है... वहां भी खुदा है.' जवाब में नगर पालिका वाले कहिते हैं कि जहांनहीं खुदा है, वहां कल खोदेंगे.ऊपर से इत्ती महंगी कार की मेंटीनेंस में भी दीपा को दिक्कत आ रही है. इंडिया केखिलाड़ियों को खुद का मेंटीनेंस करने में तो पहले से इतनी परेशानी होती है. ऊपर सेऐसी महंगी कार थमा दो तो कौन चलाना चाहेगा. तो दीपा ने अपनी BMW इसके ओरिजनल मालिकवी. चामुंडेश्वरनाथ को वापस करने का फैसला ले लिया है. चामुंडेश्वरनाथ हैदराबादबैडमिंटन असोसिएशन के प्रेसिडेंट हैं.दीपा के कोच बिश्वेश्वर नंदी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'ये दीपा का अकेले काडिसीजन नहीं है. कार लौटाने का फैसला दीपा, उसकी फैमिली और मैंने मिलकर लिया है.इसके पीछे दो कारण हैं. एक तो ये कि अगरतला में BMW का कोई सर्विस सेंटर नहीं है औरऐसी कार चलाने लायक रोड भी नहीं हैं. दूसरा ये कि दीपा को एक महीने बाद जर्मनी मेंहोने वाले चैलेंजर कप की प्रैक्टिस पर फोकस करना है.'नंदी ने हैदराबाद बैडमिंटन असोसिएशन से कहा है कि अगर वो चाहे तो कार की जितनी कीमतहै, उतना पैसा दीपा को दे सकता है. ऐसा नहीं होता है तो भी असोसिएशन जितना पैसादेगा, दीपा को उसमें भी कोई दिक्कत नहीं है. और जर्मनी में जो चैलेंजर कप होने वालाहै, उसमें हर देश को अपने 6 खिलाड़ी भेजने होते हैं. ऐसे में नंदी अगर इतने खिलाड़ीतैयार नहीं कर पाए तो दीपा भी इवेंट में नहीं खेल पाएंगी. बेस्ट ऑफ लक दीपा.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: दीपा कर्मकार को स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री का तोहफ़ा! प्रिय दीपा कर्मकार,कुछ लोग आपका खेल चौपट करने की फिराक में हैं दीपा का दूसरा सबसे यादगार पल कौन साहै दीपा, इन लोगों के लिए मेडल कीमती है, तुम्हारी जान नहीं