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Dior और Armani के लखटकिया हैंडबैग्स की असली कीमत जान माथा पीट लेंगे!

Dior को एक बैग को बनाने में 53 यूरो (4,778 रुपये) का खर्च आता है. जिसे वह दुकानों में 2,600 यूरो (2.34 लाख रुपये) में बेचता है. खुलासा सिर्फ डियोर ब्रांड को लेकर नहीं हुआ. जानकारी Giorgia Armani के बारे में भी सामने आई.

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4 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 4 जुलाई 2024, 07:54 PM IST)
dior bag price news
डियोर दुनिया के बड़ी लग्जरी ब्रांड्स में से एक है. ये रेडी-टू-वियर क्लेशन बनाने के लिए फेमस है.
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Dior और Giorgia Armani. नामी ब्रांड्स हैं ये. इतने बड़े ब्रांड्स कि आम दुकानों में इनके सामान मिलते ही नहीं. कभी कोई फिल्म स्टार्स इनके प्रोडक्ट्स के साथ दिख जाए तो सोशल मीडिया पर कीमत को लेकर हो-हल्ला मचना तय. खासकर बात जब हैंडबैग्स की हो. लेकिन अब डियोर और अरमानी के Handbags को लेकर ऐसा खुलासा हुआ है कि अगली बार से आप जब भी किसी शख्स को महंगे हैंडबैग के साथ देखेंगे तो यही सोचेंगे कि कंपनी ने अच्छा चूना लगाया है. दरअसल, एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन ब्रांड्स के हैंडबैग के उत्पादन में बहुत कम पैसा लगता है. लेकिन बाद में उन्हें लाखों की कीमत पर बेचा जाता है.

वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट में बताया गया है कि डियोर को एक बैग को बनाने में 53 यूरो (4,778 रुपये) का खर्च आता है. जिसे वह दुकानों में 2,600 यूरो (2.34 लाख रुपये) में बेचता है. खुलासा सिर्फ डियोर ब्रांड को लेकर नहीं हुआ. जानकारी अरमानी के बारे में भी सामने आई. बताया गया कि इस कंपनी के बैग को पहले सप्लायर्स से 93 यूरो (8,385 रुपये) में खरीदा जाता है. बाद में इसे ब्रांड को 250 यूरो (22,540 रुपये) में बेचा जाता है और फिर ब्रांड इसे लगभग 1,800 यूरो (1.62 लाख रुपये) में बेचती है.

अब आपके मन में सवाल उठेगा कि ये बात सामने आई कैसे? दरअसल, इटली में कई फैक्ट्रियों पर मजदूरों के वर्किंग कंडीशन के बारे में जानने के लिए छापेमारी की गई. इनमें से कुछ फैक्ट्रियों में डियोर और अरमानी ब्रांड्स के हैंडबैग्स व चमड़े के अन्य प्रोडक्ट्स बन रहे थे. इस छापेमारी के दौरान यह भी पता चला कि इन फैक्ट्रियों में बाहर से आए लोगों को सस्ते मजदूर के तौर पर काम कराया जा रहा था.

यह भी पढ़ें: प्रियंका चोपड़ा का कमाल, कबाड़ की बोतलों से बना दिया 38000000000 रुपये का ब्रांड

WSJ की रिपोर्ट में आगे कहा गया कि बैग की डिज़ाइन, डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग में खर्च कंपनी को अलग से उठाना पड़ता है. वैसे एक बात बता दें कि इटली के जांच अधिकारियों ने ये भी साफ कर दिया है कि इस जांच से सामने आई जानकारियों के आधार पर इन ब्रांड्स को किसी तरह के आरोप का सामना नहीं करना पड़ेगा.

रिपोर्ट में बताया गया है कि डियोर ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. लेकिन अरमानी ने कहा है कि वो लोग सप्लाई चेन को एक बार चेक करेंगे. इसका कुछ उपाय निकालने की कोशिश करेंगे.

बता दें कि Dior दुनिया के बड़ी लग्जरी ब्रांड्स में से एक है. ये रेडी-टू-वियर कलेक्शन बनाने के लिए फेमस है. दशकों से, डियोर में यवेस सेंट लॉरेंट, जॉन गैलियानो और मारिया ग्राज़िया चिउरी जैसे बड़े-बड़े डिजाइनर्स ने काम किया है.

1975 में जॉर्जियो अरमानी ने अपने दोस्त और बिज़नेस पार्टनर सर्जियो गेलोटी के साथ मिलकर अरमानी ब्रांड को बनाया. इस ब्रांड ने पहले पुरुषों और महिलाओं के लिए रेडी-टू-वियर कपड़े बनाने शुरू किए थे. लेकिन उसके बाद बैग, जूते, घड़ी, चश्में और भी कई चीज़ें बनानी शुरू कर दी.

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