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दिलीप कुमार का कोर्ट कचहरी चक्कर हुआ खत्म

18 साल से चल रहा था चेक बाउंस का केस. हर पेशी पर खुद आने से मना कर दिया था.

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23 फ़रवरी 2016 (अपडेटेड: 23 फ़रवरी 2016, 09:14 AM IST)
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Source: twitter
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लीजेंडरी एक्टर दिलीप कुमार पर एक कोर्ट केस चल रहा था. पिछले 18 साल से. कोर्ट ने इस मामले में दिलीप कुमार और विमल कुमार को बरी कर दिया है. एस सेतुरमन और गोपाल कृष्ण राठी को दोषी पाया है. दिलीप कुमार कोर्ट नहीं पहुंचे. जज जज बीएस खरडे ने केस खत्म करने का ऑर्डर दिया. क्या था मामला एक कंपनी थी जी के एक्जिम इंडिया लिमिटेड. दिलीप कुमार को उसका ऑनरेरी चेयरमैन बनाया गया था. कंपनी का एक्सपोर्ट का बिजनेस था. भूतपूर्व पेट्रोलियम सेक्रेटरी एचए खान भी उसके डायरेक्टर्स में शामिल थे. गोपाल कृष्ण राठी थे उसके मैनेजिंग डायरेक्टर. अपने कारोबार के लिए इनवेस्ट करने वालों से उधार लिया. ये इन्वेस्टर्स पूरे देश से थे. उनको पेमेंट करने के लिए कंपनी ने चेक देने का रास्ता निकाला. 1998 में कंपनी चकरिया गई. चेक बाउंस के केस ठोंके गए कंपनी के हर अधिकारी के नाम. उसी में दिलीप कुमार भी फंस गए. उन्होंने ये जुगाड़ कर लिया कि उनको हर दिन पेशी पर जाने से राहत मिल जाए. ये आखिरी कोर्ट कचहरी का मामला था उन पर. दिलीप कुमार की वाइफ सायरा बानो की तरफ से ये ट्वीट किया गया था. https://twitter.com/TheDilipKumar/status/701661915798319105

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