'16 दिसंबर दोहराए जाने के डर से रेप के दौरान स्ट्रगल नहीं किया'
महमूद फारूकी पर रेप का इल्जाम लगाने वाली अमेरिकी औरत ने दिया बयान.
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फोटो - thelallantop
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फिल्मकार महमूद फारूकी पर रेप का इल्जाम लगाने वाली अमेरिकी औरत ने अपने बयान में कहा है कि रेप के समय उसने किसी तरह का विरोध नहीं जताया क्योंकि उसे डर था कि उसके साथ 16 दिसंबर वाला कांड दोहरा न दिया जाए.
लड़की की वकील वृंदा ग्रोवर ने बताया कि लड़की ने 'निर्भया' केस के बाद बनी डाक्यूमेंट्री देखी थी. जिसमें रेपिस्ट ने कहा था कि अगर निर्भया रेप के दौरान खुद को छुड़ाने के लिए स्ट्रगल न करती, तो आज वो जिंदा होती. जब आरोपी यानी फारूकी ने लड़की को जबरन नीचे ढकेला, उसे लगा कि इसका विरोध करने पर उसकी जान जा सकती है. इसलिए वो चुप रही.
वृंदा के मुताबिक कोर्ट के लिए जरूरी है कि केस का कल्चरल बैकग्राउंड समझा जाए. "वो एक अमेरिकी लड़की है. उसे रजामंदी से किए गए एक किस और जबरन किए गए रेप के बीच फर्क पता है. उसने कोर्ट से कुछ भी नहीं छिपाया है."
फारूकी के डिफेंस में कहा गया कि लड़की का दिमागी संतुलन ठीक नहीं था. जिसके जवाब में वृंदा का कहना है कि लड़की यहां स्कॉलरशिप पर रिसर्च के लिए आई थी. स्कॉलरशिप कभी किसी 'डिस्टर्ब्ड' दिमाग वाली लड़की को नहीं मिल सकती.
19 जून 2015 को इस अमेरिकी रिसर्च स्कॉलर ने फिल्मकार और दास्तानगो महमूद फारूकी के खिलाफ FIR लिखवाई थी. फारूकी पर लड़की को रेप करने का इल्जाम था. सितंबर में केस पर सुनवाई शुरू हो गई थी.

