नफरतों के दौर में नफरती शब्द भी पॉपुलर हो जाते हैं. ऐसा ही एक शब्द हैXenophobia. इस शब्द को Dictionary.com ने 2016 का Word of the year (साल का सबसेमशहूर शब्द) घोषित किया है. तो क्यों है Xenophobia नफरती शब्द? कब इसका यूज कियाजाता है? जर्मनी में एक छोटी मूंछों वाला तानाशाह था. हिटलर. उसने लोगों में छिपीनफरतों का जमकर इस्तेमाल किया था. यहूदियों के खिलाफ लोगों के दिमाग में ज़हर भरदिया था. उन्हें होलोकॉस्ट के दौरान गैस चैम्बर में डाल कर मार दिया गया. और ये सबकिया गया 'शुद्ध आर्य नस्ल' के नाम पर. हिटलर ने उग्र राष्ट्रवाद का कॉकटेल लोगोंको पिलाया था. उसकी हर स्पीच में We the Germans का जिक्र ज़रूर होता था. उसका माननाथा सिर्फ जर्मन ही शुद्ध नस्ल वाले हैं. यहूदी उनके दुश्मन है. उनकी हर चीज जर्मंससे अलग है. वो 'बाहरी' हैं, इसलिए उनका ख़त्म होना ज़रूरी है ताकि हम राज कर सकें.हिटलर ने यहूदियों के खिलाफ जो नफरत फैलाई, यही Xenophobia है. Xenophobiaविदेशियों या अजनबियों को लेकर पैदा होने वाला डर है. इसमें कोई एक ग्रुप दूसरेग्रुप से नफरत करता है. एक ग्रुप खुद को सुपीरियर मानता है. ये आइडेंटिटी क्राइसिससे भी जुड़ा है. लोग अपनी आइडेंटिटी को लेकर घबराए रहते हैं और इसकी वजह दूसरीआइडेंटिटी के लोगों की मौजूदगी को मानते हैं. नेता भी उनके इस डर का फायदा उठातेहैं. ऐसा दुनिया के कई कोनों में आज कल हो रहा है. अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप कीजीत के पीछे भी इसी को वजह माना गया. ट्रंप ने नेटिव और मुसलमान लोगों के खिलाफलोगों के अन्दर नफरत पैदा की. कई बार लोग xenophobia और racism के बीच कंफ्यूज करजाते हैं. लेकिन रेसिज्म एक ही देश के लोगों के बीच हो सकता है, क्योंकि एक ही देशमें अलग-अलग तरह के लोग रहते हैं. लेकिन xenophobia सिर्फ बाहरियों से नफरत के लिएइस्तेमाल किया जाता है. ये एक पॉलिटिकल टर्म है. इसका मेडिकल टर्म Phobia से कोईलेना-देना नहीं है. इसमें अगले को 'बाहरी' बता कर उसके रीति-रिवाजों, पहनावों औरधर्म पर भी सवाल उठाए जाते हैं. इसमें लोगों के अन्दर एक तरह का 'सुपीरिऑरिटीकाम्प्लेक्स' पैदा किया जाता है कि तुम श्रेष्ठ हो. तुम मूल निवासी हो. ये दूसरेलोग तुम्हारी जगह ले लेंगे. एक दिन इनकी संख्या तुमसे ज्यादा हो जाएगी.Dictionary.com में Xenophobia सर्च करने पर इसके रिजल्ट में दो मतलब आते हैं.'fear or hatred of foreigners, people from different cultures, or strangers' और'fear or dislike of the customs, dress, etc., of people who are culturallydifferent from oneself'. ये शब्द 2016 में Brexit vote के दौरान, सीरियन रिफ्यूजी,अमेरिका में आए दिन होने वाली पुलिस शूटिंग और चर्चा में आए गेविन ग्रिम केस मेंसबसे ज्यादा इस्तेमाल किया गया. गेविन ग्रिम का केस एक स्कूल में ट्रांसजेंडर केबाथरूम इस्तेमाल करने को लेकर था. ये शब्द पुराने समय में ग्रीक लोगों ने ईजाद कियाथा. ये शब्द xeno और phobos को मिलाकर बना है. Xeno का मतलब होता है अजनबी याविदेशी. Phobos का मतलब होता है 'डर'. पहले ग्रीक कल्चर को सुप्रीम माना जाता था.इसलिए बाहर से आए लोगों के लिए ये शब्द इस्तेमाल होता था.इससे पहले वहां दूसरेकल्चर के लोगों के लिए barbarian शब्द इस्तेमाल होता था. वो इन्हें दास मानते थे.साउथ अफ्रीका जैसे देशों में इस तरह की बातों का एक लंबा इतिहास है. भारत में भीऐसे शुद्धतावादियों की कमी नहीं है. आज तक समझ में नहीं आया किसी ख़ास जगह, समुदाय,जाति, धर्म में पैदा होने में किसी का क्या कंट्रोल है. ये सब महज एक संयोग है. फिरऐसी बातों को लेकर घमंड करना या शर्म महसूस करना अजीब बात है.--------------------------------------------------------------------------------ये स्टोरी निशान्त ने की है.