The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Dhruv Rathee Real fruit juice Calcutta High Court slams Dabur

यूट्यूबर ध्रुव राठी को डांटने वाले कोर्ट ने अब क्यों कहा- महाभारत ना करो!

ध्रुव राठी के खिलाफ डाबर कोर्ट में अड़ा हुआ है...

Advertisement
pic
3 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 3 अप्रैल 2023, 02:44 PM IST)
Dhruv Rathee Real fruit juice Calcutta High Court slams Dabur
कोर्ट के आदेश के बाद ध्रुव राठी ने वीडिया प्राइवेट कर दिया था. (फोटो: फेसबुक)
Quick AI Highlights
Click here to view more

Dabur India vs Dhruv Rathee. इस मामले में अब तक ध्रुव राठी को कोलकाता हाई कोर्ट से फटकार लगाई जा रही थी. लेकिन अब कोर्ट ने डाबर इंडिया को कड़े शब्दों में संदेश दिया है. कोलकाता हाईकोर्ट ने डाबर इंडिया कंपनी (Kolkata High Court Dhruv Rathee case) पर अपनी नाराज़गी व्यक्त की है. इसकी वजह डाबर का बार-बार अपने प्रोडक्ट रियल फ्रूट जूस को लेकर ध्रुव राठी द्वारा बनाए गए वीडियो के सभी URL को हटाने के लिए ज़ोर देना है.

24 मार्च को कोर्ट ने ये आदेश दिया था कि यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर अपने प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद उन सभी वीडियो पर पाबंदी लगाएं, जिनमें ध्रुव राठी ने दिखाया है कि कैसे रियल जूस लोगों, खासकर बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है.

इस मामले में ध्रुव राठी के वकील नकुल गांधी ने बेंच को बताया कि ध्रुव राठी ने शुरुआत में ही कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए वीडियो को प्राइवेट कर दिया था. नकुल गांधी ने कहा,

“मेरे क्लाइंट ने वीडियो प्राइवेट कर दिया था. इसका मतलब यह है कि अगर कोई यूजर URL से वीडियो डाउनलोड करता और उसे अपने चैनल पर अपलोड करता, तो मेरे क्लाइंट को इससे जुड़ी नोटिफिकेशन मिल जाती और वह सीधे उस वीडियो को डिलीट कर सकते थे. लेकिन ओरिजनल वीडियो को हटाने की स्थिति में उन्हें किसी अन्य सोर्स के जरिये वो वीडियो अपलोड होने की कोई जानकारी नहीं मिलती. हालांकि, अब हमने अदालत के आदेश का पालन किया है और वीडियो को हटा दिया है.”

वहीं दूसरी तरफ, डाबर के वकील ने इसी चीज़ के खिलाफ़ अपनी आपत्ति दर्ज कराई और जस्टिस रवि किशन कपूर से बाकी चैनल्स पर भी अपलोड किए गए ऐसे वीडियो को हटाने का आदेश जारी करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि ये वीडियोज़ भी राठी द्वारा ही बनाए गए थे. इधर बेंच ने इस दलील पर विचार करने से साफ मना कर दिया. जज ने इस मामले में कहा,

“आप (डाबर) दिखाइए कि उन्होंने (राठी) किसी गलत इरादे से काम किया है. अगर आप ये साबित कर सकते हैं कि उन्होंने वो सभी वीडियो अपलोड किए हैं तो हम (राठी के खिलाफ) ऑर्डर्स पास करेंगे. नहीं तो मैं किसी मल्टीनेशनल कंपनी को किसी व्यक्ति के खिलाफ इस तरह का मामला चलाने की अनुमति नहीं दे सकता.”

लेकिन इसके बाद भी जब डाबर कंपनी के वकील ने जस्टिस से आदेश देने का आग्रह किया तो जस्टिस ने गुस्से में कहा,

“मिस्टर घोष, ये सब चीज़ें मेरे साथ मत कीजिए. आप इस तरह महाभारत शुरू नहीं कर सकते. वह (ध्रुव राठी) एफिडेविट दाखिल करें.”

इसके बाद कोर्ट ने ध्रुव राठी को एफिडेविट फाइल करने के लिए चार हफ्तों को वक्त देते हुए. इस मामले की सुनवाई को आठ मई तक के लिए टाल दिया.

इससे पहले इस मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने यूट्यूबर ध्रुव राठी (Dhruv Rathee) के एक वीडियो को हटाने का आदेश दिया था. ध्रुव राठी ने पैकेज्ड जूस के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर एक वीडियो बनाया था. उस वीडियो में रियल फ्रूट जूस को भी दिखाया गया था. इसके खिलाफ रियल जूस बनाने वाली कंपनी डाबर कोर्ट पहुंच गई. डाबर की याचिका पर हाई कोर्ट ने 15 मार्च को ध्रुव राठी से कहा था कि वो वीडियो से आपत्तिजनक हिस्से को हटा लें. लेकिन इसके बावजूद वीडियो अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर मौजूद रहा. इसके बाद 27 मार्च को जस्टिस रवि कृष्ण कपूर ने कहा था कि 15 मार्च को कोर्ट ने आदेश दिया था कि विवादित वीडियो में आपत्तिजनक हिस्से को हटाकर अपलोड किया जाए. जस्टिस ने कहा कि उन्हें पता चला कि इस निर्देश का पालन अब तक नहीं हुआ है.

ध्रुव राठी ने कहा क्या था?

ध्रुव राठी ने अपने वीडियो में पैकेज्ड जूस की तुलना कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स से की थी. जैसे पेप्सी, कोका कोला के सॉफ्ट ड्रिंक्स. राठी ने अपने व्यूअर्स को सलाह दी थी कि वे पैकेज्ड जूस का इस्तेमाल ना करें. इससे टाइप-2 डायबिटीज और बाल झड़ने जैसी समस्या होती है. ध्रुव राठी ने वीडियो में किसी कंपनी का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने पैकेज्ड जूस की तस्वीरों को दिखाया था. राठी ने वीडियो में रियल जूस के डिब्बे पर दिख रहे डाबर के लोगो (Logo) को ब्लर कर दिया था.

इसी वीडियो पर डाबर ने आपत्ति जताई. डाबर ने दावा किया कि ध्रुव राठी ने वीडियो में कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स और पैकेज्ड जूस की “गलत तुलना” की. कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो में डाबर के प्रोमोशनल ऐड की स्लाइड का इस्तेमाल किया गया.

हाई कोर्ट ने 15 मार्च को कहा था कि वीडियो में रियल जूस के प्रोडक्ट को बार-बार टारगेट किया गया है. इसके अलावा कोर्ट ने ये भी कह दिया कि राठी ने वीडियो पब्लिश कर ट्रेड मार्क कानून की धारा-29(9) और कॉपीराइट एक्ट, 1957 के प्रावधानों का उल्लंघन किया है क्योंकि वीडियो में प्रोडक्ट की पैकेजिंग और लोगो का इस्तेमाल किया गया था.

वीडियो: ध्रुव राठी को हाई कोर्ट से झटका, यूट्यूब को आदेश, 'रियल जूस वाला वीडियो हटाओ'

Advertisement

Advertisement

()