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साईं को लेकर ऐसा विवाद कि शिरडी ही बंद हो गया

सीएम उद्धव ठाकरे के बयान से बवाल हो गया.

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19 जनवरी 2020 (अपडेटेड: 19 जनवरी 2020, 10:26 AM IST)
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महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने साईं का जन्मस्थान पाथरी बताया था. इसके बाद विवाद बढ़ गया. तस्वीर में शिरडी बंद के बाद बंद दुकानें और सड़कों पर सन्नाटा. फोटो: ANI
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साईं बाबा के जन्मस्थान को लेकर विवाद बढ़ गया है. महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के बयान के बाद 19 जनवरी को शिरडी में बंद बुलाया गया है. हालांकि साईं मंदिर खुला है और लोग दर्शन के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं. लेकिन शिरडी बंद की वजह से सड़कों पर सन्नाटा है. दुकानें बंद हैं. विवाद बढ़ता देख उद्धव ठाकरे ने बातचीत की इच्छा जताई है. उद्धव ठाकरे ने साईं का जन्मस्थान परभणी जिले के पाथरी को बताया था. इसके विकास के लिए 100 करोड़ के पैकेज का ऐलान भी किया. इसके बाद साईं भक्त नाराज़ हो गए. शिरडी के लोग मानते हैं कि साईं का जन्मस्थान अज्ञात है, जबकि कुछ मानते हैं कि वो पाथरी में पैदा हुए थे. शिरडी के साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपक मुगलीकर ने बताया कि बंद के बावजूद मंदिर खुला रहेगा. अहमदनगर से बीजेपी विधायक राधाकृष्ण विखे पाटिल ने स्थानीय लोगों की ओर से बुलाए गए बंद का समर्थन किया है. मुगलीकर ने कहा,
मुख्यमंत्री को साईं बाबा को लेकर अपना बयान वापस लेना चाहिए. देश के कई साईं मंदिरों में एक पाथरी में भी है. सभी साईं भक्त इससे आहत हुए हैं, इसलिए यह विवाद खत्म होना चाहिए.
इससे पहले उन्होंने कहा था,
इस मुद्दे पर शिरडी निवासी ‘कानूनी लड़ाई’ भी शुरू कर सकते हैं. साईं बाबा के जन्मस्थान को लेकर कोई विवाद नहीं रहा. फिर कैसे ये मुद्दा बन गया और सरकार बदलते ही पाथरी के जन्मस्थान के सबूत कहां से आ गए? कोई नेता तय नहीं कर सकता कि साईं बाबा कहां पैदा हुए थे?
  एनसीपी नेता ने कहा- पाथरी ही है जन्मस्थान इसके उलट एनसीपी नेता दुर्रानी अब्दुल्ला खान ने दावा किया कि इस बात के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं कि साईं बाबा का जन्मस्थान पाथरी है. दुर्रानी ने कहा कि शिरडी साईं बाबा की कर्मभूमि है और पाथरी जन्मभूमि है. उन्होंने आरोप लगाया कि शिरडी निवासी अपनी कमाई बंटने के डर से विरोध कर रहे हैं. हालांकि कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने कहा कि जन्मस्थान के विवाद की वजह से पाथरी में सुविधाओं का विरोध नहीं होना चाहिए. शिरडी के लोग नाराज़ हैं सीएम उद्धव ठाकरे के बयान के बाद शिरडी गांव के निवासी नाराज़ हो गए. शिरडी साईं ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें पाथरी के विकास से दिक्कत नहीं है लेकिन उसे साईं की जन्मभूमि कहना सही नहीं है. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी साईं बाबा और उनके माता-पिता के बारे में कई ग़लत दावे किए जा चुके हैं. सीएम के बयान से आहत लोगों ने शिरडी में 19 जनवरी से बंद बुलाया. शंकराचार्य स्वरूपानंद ने सवाल उठाए थे साईं बाबा को लेकर विवाद तब शुरू हुआ था जब द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने सवाल उठाए थे कि साईं बाबा भगवान हैं या नहीं. इनकी पूजा की जा सकती है या नहीं. उस समय मुंबई में साईं धाम चैरिटेबल ट्रस्ट के रमेश जोशी ने RTI में महाराष्ट्र सरकार से जानकारी मांगी थी. जवाब में बताया गया था कि सरकार के पास साईं बाबा से संबंधित कोई भी जानकारी नही है. इसके बाद जोशी ने महाराष्ट्र सरकार से इसकी जांच कराने की मांग की थी.
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