शुरुआत से ही आम आदमी पार्टी यानी AAP ने बहुत इनोवेटिव तरीके से चंदा जुटाने कीकोशिश की है. चाहे वो दिल्ली में चुनाव से पहले डिनर पार्टी के जरिए चंदा जुटाना होया मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए. AAP कहती रही है कि जब हम मिले हुए फंड को दिखाने मेंपूरा-पूरा खुलापन रखते हैं तो चंदा खुल के मांगने में हमें क्या प्रॉब्लम होगी. इसबात में सच्चाई भी है. चंदे की सारी जानकारी AAP की वेबसाइट पर एकदम अपडेट रहा करतीथी. पर इस वक्त चंदे को लेकर AAP एक बार फिर घिरी हुई है. फिर से चंदे को लेकर सवालउठे हैं और पार्टी के नेताओं ने इस पर बात करने से साफ इंकार कर दिया है.ये हैं मोटी-मोटी बातें, जिनके चलते आप को घेरा गयाआम आदमी पार्टी की वेबसाइट से चंदा देने वालों की जानकारी गायब है. वेबसाइट परपिछले 3 महीने के चंदा देने वालों का कोई हिसाब नहीं है. वेबसाइट के लास्ट अपडेट केमुताबिक आम आदमी पार्टी को अब तक 68 करोड़ 70 लाख 18 हजार 181 रुपये का चंदा मिलचुका है. चंदे का ये आंकड़ा 12 दिसंबर 2013 से 6 जुलाई 2016 तक का है. इस आंकड़े केहिसाब से कुल 1 लाख 85 हजार लोगों ने आम आदमी पार्टी को चंदा दिया है. आप कीवेबसाइट स्लीप मोड में है वेबसाइट पर चंदा देने वालों के नाम और अकाउंट की जानकारीदी जाती है. पर इस वक्त वेबसाइट के इस हिस्से में 'Under Construction' लिखा हुआहै. पिछले आंकड़ों के हिसाब से अब तक आम आदमी पार्टी को भारत में सबसे ज्यादा चंदादिल्ली से मिला है. जो कुल चंदे का 30.9 परसेंट है. जबकि दूसरे नंबर पर मुंबई है.जहां से 25 परसेंट चंदा इकट्ठा हुआ है. इंडिया में AAP को दिल्ली और मुंबई के अलावा13 राज्य हैं, जहां से पार्टी को चंदा मिलता है. अमेरिकी डॉलर सबपर पड़ रहा है भारीविदेश से आम आदमी पार्टी को चंदा भेजने वालों में यूनाइटेड स्टेट यानी अमेरिका 8.2परसेंट के साथ सबसे आगे है. आम आदमी पार्टी को चंदा देने की लिस्ट में 13 बड़े देशशामिल हैं. इनमें अमेरिका, कनाडा, अरब देश, हांगकांग, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया,न्यूजीलैंड, क़तर, सऊदी अरेबिया, जर्मनी, कुवैत, ओमान, इंडोनेशिया जैसे देश हैं.चंदा देने वालों में कुल 122 देश और भारत के 39 राज्य के 647 जिले शामिल हैं. अबaam aadmi party दिल्ली के बाद पंजाब, गोवा और गुजरात में चुनाव लड़ने के लिए चंदाजुटाने की कोशिश कर रही है. पिछले तीन महीने से ज्यादा से AAP की वेबसाइट अपडेटनहीं हुई है. इसका रीजन ये भी हो सकता है कि AAP में कोई डाटा अपडेट करने वाला नहींहो. तो अगर ये बात सही निकलती है तो वैकेंसी आनी तय है. क्योंकि AAP चुनावों सेपहले कोई ऐसा पंगा लेना नहीं चाहेगी. इसलिए CV तैयार कर लीजिए. क्योंकि इस खबर केबाद शायद इस पोस्ट के लिए AAP की तरफ से वैकेंसी आ जाए.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें -पंजाब में आप की उम्मीदोंं को बड़ा झटकासिर्फ AAP नहीं, BJP के टॉप लीडर भी दिल्ली से फुर्र हैंएक और हिंदी टीवी पत्रकार की हुई AAP के मंत्री से लड़ाईएक पत्रकार की 2 लाइनें क्यों नहीं सह पाए केजरीवाल?केजरीवाल, सिसोदिया और कुमार विश्वास एक ही लड़की के साथ: क्या है सच?