कर्नाटक में डेंगू को महामारी घोषित किया गया, जरूरी उपाय नहीं करने पर मकान मालिकों को देना होगा जुर्माना
Karnataka में Dengue के 25,408 मामले सामने आए हैं. ख़बर लिखे जाने तक सूबे में 12 लोगों की मौत हो चुकी है. हासन, धारवाड़ और शिवमोग्गा में दो-दो मौतें हुई हैं और मैसूर, हावेरी और दावणगेरे में एक-एक मौत हुई है.

डेंगू (Dengue) के बढ़ते मामलों को देखते हुए कर्नाटक (Karnataka) सरकार ने इसे महामारी घोषित किया है. एक अधिसूचना जारी करते हुए राज्य सरकार ने डेंगू को स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर सार्वजनिक चिंता का विषय बताया है. और कहा है कि इसको नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे. कर्नाटक सरकार ने 'महामारी रोग विनियम 2020' में भी बदलाव किया है. इन बदलावों के अनुसार, घर मालिकों को पानी की टंकियों, पार्क या प्ले ग्राउंड में मच्छर पैदा होने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे. ऐसा नहीं करने पर उन पर जुर्माना लगाया जाएगा.
शहरी क्षेत्रों में इसके लिए 400 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 200 रुपये का जुर्माना देना होगा. वहीं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, रेस्टोरेंट, छोटी दुकानें, वेंडर्स अगर स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, तो उन पर शहरी क्षेत्रों में 1,000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नाटक में डेंगू के 25,408 मामले सामने आए हैं और 12 लोगों की मौत हो चुकी है. हासन, धारवाड़ और शिवमोग्गा में दो-दो मौतें हुई हैं और मैसूर, हावेरी और दावणगेरे में एक-एक मौत हुई है.
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2 सितंबर तक, बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) के अंतर्गत आने वाले बेंगलुरु से डेंगू बुखार के सबसे ज्यादा 11,590 मामले सामने आए हैं. इस क्षेत्र में डेंगू के कारण तीन मौतें भी हुई हैं. मांड्या में 872, हासन में 835, मैसूर में 820 और कालबुर्गी में 793 डेंगू केस सामने आए हैं.
सरकार ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने, सैनिटेशन प्रोटोकॉल को लागू करने और प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है. स्वास्थ्य कर्मियों को मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए पानी स्टोर करने वाले कंटेनरों या ओवरहेड टैंकों को ढक्कन से ढकने का निर्देश दिया गया है. अधिकारियों को खाली जगहों, भवनों, पानी की टंकियों पार्कों और खेल के मैदानों का समय-समय पर निरीक्षण करने को कहा गया है. साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के दिशा-निर्देशों को भी लागू कराने के निर्देश दिए गए हैं.
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