इंसान तो क्या भगवान की हालत भी पतली है नोट बैन होने के बाद. बैंक से रकम नहींनिकल रही. भगवान की शादी खटाई में पड़ गई है. ये तब है जब सरकार ने शादी वाले घरोंको अलग से कुछ सुविधाएं दी हैं. वो ढाई लाख रुपए तक निकलवा सकते हैं. रतलाम केनामली में कुमावत सोसाइटी तुलसी और चारभुजानाथ की शादी का आयोजन करती है हर साल. इससाल 1 दिसंबर की तारीख तय पाई गई है. लेकिन दिक्कत ये है कि बैंक से पैसा नहीं निकलरहा. खाता सोसाइटी की ओर से मंदसौर ग्रामीण बैंक में खुला हुआ है. इस शादी के लिएवो ढाई लाख निकलवाना चाहते हैं. इसके लिए शादी का कार्ड भी छपा है. वर की जगहचारभुजानाथ और वधू की जगह तुलसी का नाम लिखा है. लेकिन बैंक की मांग है कि रकम वरया वधू के माता पिता को ही मिल सकती है. फंस गया है पेंच. सोसाइटी ये डिमांड कैसेपूरी करे? सोसाइटी के मेंबर भेरूलाल बताते हैं कि कलेक्टर तक से गुहार लगाई जा चुकीहै. लेकिन अभी कोई समाधान निकला नहीं है. सालों से चली आ रही परंपरा किनारे न लगजाए. पूरे शहर को भोज कराया जाता है इस दिन. सजावट वगैरह सब होती है. हर काम चेक सेथोड़ी हो सकता है. बैंक के ब्रांच मैनेजर कह रहे हैं कि ऊपर से आदेश साफ साफ आए तोहम कुछ करें.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: नोटबंदी की चोट से बचने के लिए गोरखपुरिया मजदूरों ने तरीका निकालामेहमान हमारे भगवान, वापसी के लिए पैसे नहीं बचे तो ये तरीका निकाला