नोटबंदी को लेकर हर दिन कोई न कोई नई रिपोर्ट आती रहती हैं. कुछ मतलब की होती हैं,कुछ सिर्फ रिपोर्ट होती हैं. लेकिन आज की रिपोर्ट महत्वपूर्ण है. इंडियन एक्सप्रेसमें छपी इस रिपोर्ट के मुताबिक 8 नवंबर तक देश में कुल 17.50 लाख करोड़ रुपए के नोटथे. इनमें से 15.50 लाख करोड़ रुपए के नोट पांच सौ और हजार के थे, जो उस समय कुलकरेंसी का लगभग 88% थी. इस समय बैंकों के पास पांच सौ और हजार के लगभग 14.50 लाखकरोड़ रुपए के नोट हैं, जबकि 75000 करोड़ रुपए के पांच सौ और हजार के नोट बैंकिंगसिस्टम में वापस नहीं लौटे. जब बड़े नोटों को बंद करने का फैसला लिया गया था, तबसरकार का अनुमान था कि मार्केट में मौजूद बंद की गई पुरानी करेंसी का 20 प्रतिशतहिस्सा यानी लगभग 3 लाख करोड़ रुपए वापस नहीं लौटेंगे. सरकार के एक अधिकारी नेबताया, 'हमें ये पता है कि जब पीएम नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का फैसला घोषित कियाथा, तो 500 और 1000 की पुरानी करंसी के रूप में 50 हजार करोड़ रुपये बैंकों के पासमौजूद थे.' अधिकारी ने बताया कि RBI के पास 60 बड़ी मशीनें हैं, जो वापस आई करेंसीमें असली और नकली का पहचान बताती हैं. सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि अगर ये 60मशीनें 12 घंटें भी काम करें, तब भी इस काम में 600 दिनों का समय लग जाएगा.उन्होंने कहा कि सरकार इस प्रक्रिया का डीसेंट्रलाइज करने पर भी विचार कर रही है.यानी इसमें बाकी बैंकों को भी शामिल किया जा सकता है, ताकि काम जल्दी खत्म हो जाए.अधिकारी ने बताया कि 10 लाख करोड़ की नई करेंसी बैंकों को सप्लाई हो चुकी है.नोटबंदी से लोगों को हो रही परेशानी से निजात पाने के लिए सरकार ने RBI से रायमांगी है कि क्या वो अपने मुद्रा-भंडार से 75 हजार करोड़ रुपए जारी कर सकता है? RBIका कहना है कि स्थिति अगले दो से तीन हफ्ते में सामान्य होने के करीब पहुंच जाएगी.RBI ने कहा कि 2-2.5 लाख करोड़ की नई करंसी छापी जा चुकी है और उसे बैंकों तकपहुंचने की कवायद जारी है.--------------------------------------------------------------------------------ये स्टोरी आदित्य प्रकाश ने की है --------------------------------------------------------------------------------'जुदाई' की श्रीदेवी की तरह 2000 के 'नोट गद्दे' पर ऐशनोटबंदी कालेधन पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' नहीं, काले को सफ़ेद करने का खेल