2000 के नकली नोट छाप रहे थे, तभी पुलिस पहुंच गई
यहां असली नोट तो अभी तक सबके पास पहुंचे नहीं हैं और इन्होंने नकली छापने भी शुरू कर दिए.
Advertisement

पुलिस ने 2000 के नकली नोटों के साथ छह लोहों को गिरफ्तार किया है.
नोटबंदी के पीछे सोच ये थी कि नकली नोटों के काले धंधे पर लगाम लगेगी, लेकिन 15 दिन पहले ही छपकर आए 2000 के नोटों के भी नकली नोट छपकर आ चुके हैं. हैदराबाद पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जो दो हजार के नकली नोट छाप रहा था. कलर प्रिंटर के साथ पकड़े गए इस गैंग के पास बड़ी संख्या में 2000 के नोट और सौ, पचास, बीस और दस के भी कलर फोटोस्टेट वाले नकली नोट मिले. हैदराबाद से 35 किलोमीटर दूर इब्राहिमपटनम में इन नकली नोटों के नटवरलालों का खेल चल रहा था. 8 में से 6 आरोपी पकड़े गए हैं.https://twitter.com/ani_news/status/802554500829487110
पुलिस ने इस गिरोह के पास से 2000 रुपए के 105 नकली नोट पकड़े हैं. इनके पास से 2 लाख 22 हजार 310 रुपए के नकली नोट मिले हैं, जिनमें से 2 लाख 10 हजार के नोट केवल 2000 के हैं. पुलिस ने दो कलर जेरॉक्स मशीनें भी जब्त कीं. राचाकोंडा के पुलिस कमिश्नर महेश भागवत ने बताया कि "इस गैंग के लोग पहले हजार, पांच सौ और दूसरे नकली नोट छापते थे और पर नोटबंदी के बाद से मार्केट में आए 2000 रुपए के नकली नोट छापने लगे."

पुलिस कस्टडी में नकली नोटों के गुर्गे
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक गैंग के लोग 2000 के नकली नोटों को मार्केट में खपाने के फिराक में थे. गैंग का मुखिया 28 साल का एक कसाई है, जिसका नाम जमालपुर साईनाथ है. साईनाथ नकली नोटों का गोरखधंधा जी अनजैया, सी सत्यनारायण, के श्रीधर गौड़, एस रमेश और ए विजय कुमार के साथ मिलकर करता था.
किसी मुखबिर से खबर मिलने के बाद पुलिस ने रमेश के घर छापा मारा और नकली नोटों के साथ 6 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि दो गुर्गे कल्याण और श्रीनाथ फरार हो गए. कमिश्नर ने बताया कि लोग आसानी से नकली नोट पहचान सकते हैं. इसके लिए नए नोटों की कुछ बारीकियों को ध्यान से देखना पड़ेगा, जैसे नोट के बीच वाला धागा, नोट का कलर, नेत्रहीनों वाला निशान और गांधी वाटरमार्क.

.webp?width=60)

