केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा भाई की डेड बॉडी लाने अस्पताल गए थे, पुराने नोट आड़े आए
मंगलवार को जॉन्डिस से उनकी मौत हो गई थी.
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फोटो - thelallantop
खबर है कि नोटबंदी की मार कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा को भी पड़ी है. गौड़ा के भाई भास्कर गौड़ा मैंगलोर के कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे. वहां उनका जॉन्डिस का इलाज चल रहा था. मंगलवार को उनकी मौत हो गई. भास्कर गौड़ा के इलाज में कुल 13 लाख रुपये खर्च हुए. जिनमें से ढाई लाख अस्पताल को एडवांस पे कर दिया गया था.
अस्पताल को ड्यू बैलेंस नहीं मिला था. इसलिए उनलोगों ने उनके भाई की डेड बॉडी देने से मना कर दिया था. सदानंद गौड़ा ने अस्पताल वालों से कहा, 'जब आप सेंट्रल मिनिस्टर के साथ ऐसा कर रहे हैं तो आम आदमी के साथ कैसा सलूक करते होंगे.' खिसियाए गौड़ा ने हॉस्पिटल अथॉरिटी से पुराने नोटों वाले नियम को न मानने की जिद्द को लिखित में मांगा. पर अस्पताल ने देने से मना कर दिया.
बाद में अस्पताल ने मंत्री जी से पूछा कि क्या वो इस बात की श्योरिटी देते हैं कि बैंक इन पुराने नोटों को 25 नवंबर के बाद भी जमा करेगा. इस पर मंत्री जी के मुंह से चूं तक नहीं निकली. इतना बवाल कटने के बाद अस्पताल ने चेक से बाकी का पेमेंट ले लिया. और उनके भाई की बॉडी को आखिरी संस्कार के लिए दे दिया.
बाद में गौड़ा ने इलाके के बीजेपी लीडर कृष्णा पालेमार से एक रिपोर्ट जमा करने को कहा है. जो ये बताए कि प्राइवेट अस्पताल में लोगों को पुराने नोट के चलते कितनी दिक्कत हो रही है. एक और रिपोर्ट अस्पताल के खिलाफ भी रचने को कहा है.
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