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5 लोगों को नई जिंदगी दे गई 6 साल की बिटिया, बदमाशों ने सिर में गोली मारी थी

रोली AIIMS की सबसे कम उम्र की ऑर्गन डोनर बन गई है.

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19 मई 2022 (अपडेटेड: 23 मई 2022, 01:41 PM IST)
Delhi roli prajapati
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बीती 27 अप्रैल को नोएडा में एक साढ़े छह साल की बच्ची की हत्या की खबर आई थी. बच्ची का नाम रोली है. कुछ अज्ञात हमलावरों ने उसकी गोली मारकर बेरहमी से हत्‍या कर दी थी. अब उस बच्ची से जुड़ी एक और खबर आई है जिसे पढ़कर आप भावुक हो सकते हैं. इस बच्ची के अंगों की मदद से 5 लोगों को नई जिंदगी मिली है.

इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक रोली प्रजापति (Roli Prajapati) के माता-पिता ने अपनी बेटी के अंगों को दान करने का फैसला लिया था. इसके बाद रोली नई दिल्‍ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की सबसे कम उम्र की ऑर्गन डोनर बन गई है.

एम्स के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. दीपक गुप्ता ने ऑर्गेन डोनेशन को लेकर बताया कि रोली के माता-पिता ने अंगदान का फैसला लिया है. उन्होंने बताया,

साढ़े छह साल की बच्ची रोली 27 अप्रैल को अस्पताल पहुंची थी. उसे सिर में गोली लगी थी. गोली दिमाग में फंसी थी. वो लगभग ब्रेन डेड हालत में अस्पताल पहुंची जिसके बाद बच्ची की मौत हो गई. हमने परिवार के सदस्यों से बात की. हमारी टीम ने बच्ची के माता-पिता के साथ बैठकर अंग दान के बारे में बात की. हमने उनको सलाह दी और उनकी सहमति मांगी कि क्या वे दूसरे बच्चों के जीवन को बचाने के लिए रोली के अंग दान करने के इच्छुक होंगे. रोली प्रजापति के माता-पिता ने अपनी बेटी के अंगों को दान कर दिया.

डॉक्टर गुप्ता ने अंगदान के फैसले को लेकर बच्ची के माता-पिता की तारीफ की. उन्होंने कहा,

'अंगदान के बारे में ज्यादा जानकारी न होने के बावजूद ये कदम उठाने के लिए हम माता-पिता के आभारी हैं, क्योंकि उन्होंने जीवन बचाने के महत्व को समझा. रोली ने 5 लोगों की जान बचाई है.'

रोली के माता-पिता क्या बोले?

आजतक की खबर के मुताबिक अपनी बेटी रोली के ऑर्गन डोनेट करने के बाद पिता हरनारायण प्रजापति इसे लेकर भावुक हो गए. उन्होंने कहा,

डॉ. गुप्ता और उनकी टीम ने हमें अंग दान के लिए सलाह दी कि हमारी बच्ची अन्य लोगों की जान बचा सकती है. हमने इसके बारे में सोचा और फैसला किया कि वो अन्य लोगों के शरीर में जिंदा रहेगी. और उनकी जिंदगी में मुस्कान बिखेरेगी.

रोली की मां पूनम देवी ने कहा कि भले ही उनकी बेटी अब उनके बीच नहीं है, लेकिन वो दूसरे लोगों की जिंदगी बचाने में कामयाब रही है.

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