दिल्ली हिंसा: ताहिर हुसैन सरेंडर करने कोर्ट गए थे, पुलिस ने दबोच लिया
ताहिर पर IB कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या और दंगे भड़काने का आरोप है.
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ताहिर हुसैन ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में खुद को निर्दोष बताया है.
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ताहिर हुसैन. आम आदमी पार्टी का पूर्व पार्षद. दिल्ली हिंसा में तीन मामलों का आरोपी. 5 मार्च को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ताहिर को गिरफ्तार कर लिया. ताहिर ने राउज एवेन्यू कोर्ट में सरेंडर की अर्जी लगाई है. लेकिन कोर्ट ने याचिका ठुकरा दी. जज ने कहा कि सरेंडर अर्जी पर सुनवाई का उनका जुरीडिक्शन नहीं बनता है. इसके बाद ताहिर को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
इससे पहले सरेंडर अर्जी पर सुनवाई के दौरान ताहिर हुसैन के वकील ने कहा कि कोर्ट या तो कोई आर्डर कर दे या फिर किसी दूसरी कोर्ट में अर्जी को ट्रांसफर कर दे. जज ने कहा कि यह हमारे जुरीडिक्शन में नहीं आता है. इसके बाद ताहिर जैसे ही कोर्ट की पार्किंग में गया, उसे क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया.
इससे पहले न्यूज चैनल आजतक से बातचीत में ताहिर ने खुद को बेगुनाह बताया.
सरेंडर में देरी के सवाल पर ताहिर हुसैन ने कहा कि मैं अपने दुष्प्रचार से डर गया था. वकीलों ने बताया कि जमानत की अर्जी लगाते हैं. पिछले शुक्रवार को सरेंडर करना जा रहा था, लेकिन समय खत्म हो गया था. फिर हम सोमवार को याचिका लगाने वाले थे. इस बीच कुछ और मामलों में मेरा नाम दर्ज किया गया, इसलिए मैंने सोचा कि सरेंडर करना ही मेरे पास आखिरी विकल्प है.
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ताहिर हुसैन ने कहा कि 24 फरवरी को पुलिस के आला अधिकारियों की मौजूदगी में अपने परिवार से साथ वहां से निकल गया था. उसके बाद उस बिल्डिंग से कोई मतलब नहीं है. 25 फरवरी की शाम को यह वारदात हुई है. तमाम तरह के आरोप मुझ पर लगाए जा रहे हैं. मैंने 24 को पुलिस को फोन किया था. पुलिस ने मुझे निकाला था. पुलिस ने मेरे घर की तलाशी ली थी. मैंने उस समय ही कहा था कि मेरे मकान का कोई भी गलत इस्तेमाल कर सकता है. अंकित की हत्या पर क्या बोला ? आईबी यानी इंटेलिजेंस ब्यूरो कर्मचारी अंकित शर्मा की मौत के सवाल पर ताहिर हुसैन ने कहा कि ये तो जांच का विषय है. अंकित की मौत से दुखी हूं. मैं उनके दुख में शामिल हूं, लेकिन मैं 24 तारीख की शाम को ही वहां से निकल गया था और पुलिस ने बिल्डिंग को अपने हैंडओवर में ले लिया था. कहां से वहां सामान पहुंचा, ये तो पुलिस की तहकीकात में सामने आएगा. मैं वहां पर नहीं था. मैं नहीं था और न ही मेरे परिवार का सदस्य कोई था. वायरल वीडियो पर क्या कहा? वायरल वीडियो पर ताहिर हुसैन ने कहा कि वो 24 तारीख की वीडियो है. 24 को दरवाजा तोड़कर लोग उपर चढ़े हैं. मैंने पुलिस को फोन किया था. उस समय मेरे हाथ में डंडा था, जिससे लोगों को भगाने की कोशिश कर रहा था. 24 तारीख को ऐसी कोई वारदात नहीं हुई, जिसमें किसी तरह का नुकसान हुआ. खतरनाक वारदात 25 तारीख को हुई है. मैं 24 तारीख को ही पुलिस को बिल्डिंग हैंडओवर करके चला गया था. ताहिर हुसैन ने कहा कि मैं वहां 1997 से रह रहा हूं. मैं वर्तमान स्थिति के लिए कसूरवार नहीं हूं. मैंने खुद अपनी जान की भीख मांगी है. पुलिस को 5 से 6 बार फोन किया. हमारी पार्टी के तीनों नेताओं ने डीसीपी से भी बात कराई थी. मैं खुद पुलिस के आला-अधिकारी के साथ घर से निकल गया था. उसके बाद जो भी वारदात हुई, वह 25 तारीख को हुई है.Delhi: Suspended AAP Councillor Tahir Hussain through his lawyer Mukesh Kalia has moved a surrender plea before Additional Chief Metropolitan Magistrate (ACMM) Vishal Pahuja. https://t.co/dOuMSvyqVP
— ANI (@ANI) March 5, 2020
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