The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Delhi police statement on JNU attack

JNU हिंसा मामले की जांच क्राइम ब्रांच करेगा, वायरल वीडियो की छानबीन होगी

दिल्ली पुलिस ने दूसरे दिन FIR दर्ज की थी, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं.

Advertisement
pic
6 जनवरी 2020 (अपडेटेड: 6 जनवरी 2020, 07:47 AM IST)
Img The Lallantop
बाएं से दाएं: JNU कैंपस के बाहर तैनात पुलिस. साउथ-वेस्ट DCP देवेंद्र आर्या.
Quick AI Highlights
Click here to view more

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में 5 दिसंबर की शाम जमकर बवाल हुआ. कुछ नकाब पहने गुंडे लाठियां लेकर हॉस्टल के अंदर घुसे. स्टूडेंट्स को पीटा. टीचर्स को भी पीटा. जमकर तोड़-फोड़ भी की. इसमें करीब 34 स्टूडेंट्स घायल हुए.

लेफ्ट विंग के स्टूडेंट यूनियन का कहना है कि ABVP वालों ने हमला किया है. वहीं ABVP वालों ने इन आरोपों से इनकार किया है और लेफ्ट यूनियन से जुडे़ हुए छात्रों पर आरोप लगाया है.

अब इस पूरे मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है. जांच मिलने के तुरंत बाद ही क्राइम ब्रांच एक्शन में आ गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुल तीन टीमें बनाई गई हैं. सबकी जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है. एक टीम सारे सीसीटीवी फुटेज की जांच में जुटी है. वो टीम कैंपस में मौजूद है और सभी गेट के कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. सारे वायरल वीडियो की भी जांच हो रही है. पुलिस के मुताबिक, ये बेहद अहम सबूत साबित होंगे.

दूसरी टीम को आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने की जिम्मेदारी दी गई है. तीसरी टीम सभी लोगों के बयान दर्ज करेगी. इन लोगों में सुरक्षाकर्मी, पीड़ित छात्र और स्टाफ के लोग, जिनमें प्रोफेसर्स भी शामिल हैं. ये पता लगाने की कोशिश होगी कि क्या किसी ने लोगों को जुटाने के लिए मैसेज किया था? वॉट्सऐप ग्रुप की जांच होगी.

पुलिस ने अब तक क्या-क्या कहा?

5 जनवरी की शाम से ही दिल्ली पुलिस यूनिवर्सिटी कैंपस में तैनात है. JNU केस क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने के पहले ये जानकारी मिली थी कि इस मामले में पुलिस के पास कई सारी शिकायतें आई थीं. लेकिन इन सबको मिलाकर केवल एक FIR ही दर्ज की गई. वो भी हिंसा के दूसरे दिन. साउथ-वेस्ट DCP देवेंद्र आर्या ने जानकारी दी थी कि जांच की जा रही है. सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज को भी जांच में शामिल किया जाएगा. जो कि क्राइम ब्रांच की एक टीम अब कर रही है.

समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, 5 जनवरी की शाम देवेंद्र आर्या ने मीडिया से बातचीत की थी. जानकारी दी थी कि कैंपस के अंदर के हालत कंट्रोल में हैं. सभी हॉस्टल्स की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

इसके बाद रात के वक्त पुलिस ने कैंपस के अंदर फ्लैग मार्च किया था. वहीं दिल्ली पुलिस के PRO एमएस रंधावा ने ITO स्थित पुलिस हेडक्वार्टर में JNU के स्टूडेंट्स और टीचर्स के साथ मीटिंग की. PRO के सामने चार मांगें रखी गई थीं. इनमें से एक मांग ये थी कि घायल स्टूडेंट्स को सही इलाज दिया जाए और हिंसा के पीछे जिनका हाथ है उन्हें गिरफ्तार किया जाए. फेडरेशन ऑफ सेंट्रल यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट राजीब रे ने मीटिंग के बाद जानकारी दी कि पुलिस ने सही जांच करने का आश्वासन दिया है.

इसके अलावा पुलिस की तरफ से अभी तक कोई भी स्पष्ट बयान नहीं आया है. यही कहा जा रहा है कि मामले की जांच की जाएगी. अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं की गई है. पुलिस के ऊपर हिंसा रोकने की कोशिश न करने और ढिलाई बरतने के आरोप भी लगातार लग रहे हैं. खबरों में ये बात भी सामने आई है कि नकाबधारी गुंडों ने एंबुलेंस के ऊपर भी हमला किया था, उस वक्त पुलिस भी वहां मौजूद थी, लेकिन पुलिस ने इस हमले को रोकने में भी ढिलाई बरती.


वीडियो देखें:

Advertisement

Advertisement

()