दिल्ली पुलिस ने योगेंद्र यादव और राकेश टिकैत समेत कई बड़े किसान नेताओं पर FIR दर्ज की
पुलिस ने 37 किसान नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है
Advertisement

दिल्ली पुलिस उपद्रव करने वालों को पहचानने का प्रयास कर रही है. फोटो- PTI
Quick AI Highlights
Click here to view more
मंगलवार को दिल्ली में हुई हिंसा और उपद्रव के मामले में पुलिस ने 37 किसान नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. जिन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है, उनमें राकेश टिकैत, डॉक्टर दर्शनपाल, जोगिंदर सिंह, बूटा सिंह, बलबीर सिंह राजेवाल, राजेंद्र सिंह और योगेंद्र यादव समेत करीब-करीब सभी बड़े किसान नेताओं के नाम शामिल हैं. FIR में कहा गया है कि किसानों ने पुलिस से समझौते के तहत तय किए गए रूट का पालन नहीं किया और वक्त से पहले ट्रैक्टर रैली को शुरू कर दिया.
https://twitter.com/ANI/status/1354406588698615808
ये सभी किसान नेता सरकार के साथ बातचीत से लेकर ट्रैक्टर परेड का रूट तय होने तक में अहम भूमिका निभा रहे थे. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने FIR में किसान नेताओं पर 10 से अधिक धाराएं लगाई हैं. इनमें हथियारों के इस्तेमाल और हत्या का प्रयास जैसी धाराएं भी शामिल हैं.
https://twitter.com/ANI/status/1354372930168262662
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, उपद्रव में 300 से अधिक पुलिसवाले घायल हुए हैं. हिंसा को लेकर पुलिस ने 20 से अधिक FIR दर्ज की हैं और 200 से अधिक उपद्रवियों को पकड़ लिया गया है. पुलिस अब इस मामले में चश्मदीदों के बयान लेने की तैयारी कर रही है. दिल्ली पुलिस उपद्रव करने वालों की पहचान CCTV और ड्रोन की तस्वीरों से कर रही है. वीडियो रिकॉर्डिंग की मॉनिटरिंग भी की जा रही है. वहीं, केंद्रीय गृह मंत्रालय भी हालात पर नजर रखे हुए है. गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मिल कर मामले की पूरी जानकारी ली. साथ ही उन्होंने IB चीफ से भी मुलाकात की.
दो लोगों के नाम सामने आए
दिल्ली में हुए उपद्रव के मामले में अभी तक जो नाम सामने आए हैं, उनमें दीप सिद्धू और लक्खा सिधाना की चर्चा सबसे अधिक हो रही है. इनमें सिधाना का बैकग्राउंड आपराधिक रहा है. वहीं, दीप सिंह सिद्धू उपद्रवियों के लाल किले पर चढ़ते समय उनके साथ मौजूद था. वह पूरी घटना का फेसबुक लाइव भी कर रहा था. उसका नाम सामने आने के बाद किसानों ने सिद्धू जैसे लोगों पर आंदोलन को बदनाम करने का आरोप लगाया है. उधर, सिद्धू ने अपनी सफाई में एक वीडियो जारी किया है. बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने भी एक केस के सिलसिले में उससे पूछताछ की थी. लक्खा सिंह सिधाना का इस उपद्रव में क्या रोल था, इसकी जांच भी की जा रही है. उस पर करीब 26 मामले पहले से दर्ज हैं.
किसान संगठनों का क्या कहना है?
ट्रैक्टर रैली में हिंसा को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि दीप सिद्धू जैसे असामाजिक तत्व इस आंदोलन में शामिल हो गए और साजिश को अंजाम दिया. संयुक्त किसान मोर्चा में 41 किसान यूनियन शामिल हैं, जिन्होंने इसी मुद्दे पर एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई. उसके बाद मोर्चे की ओर से जारी बयान में आरोप लगाया गया कि दीप सिद्धू और कुछेक संगठनों ने किसानों के इस आंदोलन को रास्ते से भटकाने का प्रयास किया है. कहा गया कि साजिश के तहत कुछ संगठनों और लोगों ने किसानों से रिंग रोड पर मार्च करने और लाल किले पर झंडा फहराने को कहा. इन लोगों ने तय वक्त से दो घंटे पहले ही मार्च करना शुरू कर दिया, जो किसान आंदोलन को फेल करने की साजिश थी. संयुक्त किसान मोर्चा ने अपने बयान में किसानों से कहा कि वे धरनास्थलों पर बने रहें और शांतपूर्वक प्रदर्शन को जारी रखें.

