कौन है राजेश भारती, जिसे दिल्ली पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है
दिल्ली पुलिस के भी छह जवानों को गोली लगी है.
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पुलिस की गोली से कुल 5 बदमाश मारे गए हैं.
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हर राज्य के पास मोस्ट वॉन्टेड अपराधियों की एक लिस्ट होती है. इस लिस्ट में उस राज्य के सबसे खतरनाक अपराधियों के नाम शामिल होते हैं. ऐसी ही एक लिस्ट दिल्ली पुलिस के भी पास है. इस लिस्ट में गोगी गैंग का 2 लाख रुपये का इनामी जितेंद्र गोगी, एक लाख रुपये का इनामी सुरेंद्र उर्फ समुंदर खत्री, एक लाख रुपये का इनामी बदमाश राजेश भारती, हाशिम बाबा, अशोक प्रधान, कुलदीप फज्जा, संजय लाकरा, राजेश मोगली, जीतेंद्र भंजा और संदीप विद्रोही शामिल हैं. लेकिन 9 जून की दोपहर होते-होते दिल्ली पुलिस की 10 अपराधियों की ये लिस्ट छोटी हो गई. वजह ये थी कि दिल्ली पुलिस ने अपने सबसे बड़े एनकाउंटर में 9 जून की दोपहर में एक लाख रुपये के इनामी बदमाश राजेश भारती और उसके चार साथियों को एनकाउंटर में मार गिराया. इस एनकाउंटर के दौरान दिल्ली पुलिस के 6 जवान भी घायल हो गए हैं.

दिल्ली पुलिस ने राजेश भारती पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था.
राजेश भारती हरियाणा के जिंद का रहने वाला था. पिछले 23 साल से अपराध की दुनिया में सक्रिय था. उसपर हरियाणा के अलावा दिल्ली, पंजाब, यूपी और राजस्थान में भी हत्या और हत्या की कोशिश के अलावा अपहरण, जबरन वसूली और कार चोरी के 28 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे. हरियाणा पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी कर लिया था. इसी साल फरवरी 2018 में जब हरियाणा पुलिस उसे कोर्ट में पेशी पर लेकर जा रही थी, तो वो पुलिस कस्टडी से फरार हो गया. उसके बाद से ही वो लगातार अपराध कर रहा था. लोगों से वसूली के लिए वो एके 47 जैसे हथियार से हत्या करने तक की धमकी देता था. उसने क्रांति गैंग के नाम से भी दहशत कायम कर रखी थी. उसकी धमकी का ऑडियो भी दिल्ली पुलिस के पास था, जिसमें राजेश दिल्ली के एक कारोबारी भूषण से 50 लाख रुपये की फिरौती मांग रहा था. हरियाणा के साथ ही दिल्ली पुलिस को भी राजेश भारती की लंबे समय से तलाश थी. मारे जाने के बाद राजेश भारती का एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो फोन पर किसी को धमकाते हुए बोल रहा है कि दिल्ली, हरियाणा और जयपुर में हमसे ऊपर कोई नहीं है. दुबई में बैठा शकील भी हमसे बात करने के लिए तरस रहा है. पैसे देने ही पड़ेंगे. क्रांति गैंग से हैं हम. किसी से पता कर लेना.
क्या हुआ था 9 जून को?

दिल्ली पुलिस पिछले दो महीने से राजेश भारती और उसके गैंग को पकड़ने की कोशिश कर रही थी.
राजेश भारती पर एक लाख रुपये का इनाम था. इसकी वजह से दिल्ली पुलिस के मुखबिर राजेश को पकड़ने की हर संभव कोशिश कर रहे थे. 9 जून की सुबह ही दिल्ली पुलिस को पता चला कि राजेश भारती और उसका गैंग दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर इलाके के फतेहपुर में चनन होला के खरक गांव के पास कोई वारदात करने जा रहा है. सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने राजेश को पकड़ने के लिए योजना बनाई. जैसे ही दिल्ली पुलिस चनन होला के खरक गांव के फॉर्म हाउस के पास पहुंची, राजेश भारती के गैंग को पुलिस के आने का पता चल गया. हरियाणा नंबर की सफेद एसयूवी में सवार अपराधियों के गैंग ने अपने बचाव में फायरिंग कर दी. लेकिन दिल्ली पुलिस भी तैयार थी. उसने भी जवाबी कार्रवाई की. करीब 15 मिनट तक छतरपुर में गोलियां चलती रहीं. 35 राउंड के बाद जब फायरिंग बंद हुई तो पता चला कि पुलिस ने कुख्यात राजेश भारती को मार गिराया है. इसके अलावा गैंग के और अपराधी कपिल, संजीत बिंद्रो, उमेश डॉन और भीखू को भी दिल्ली पुलिस ने मार गिराया था. संजीत पर भी दिल्ली पुलिस की ओर से एक लाख रुपये का इनाम था, जबकि उमेश पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. वहीं इस एनकाउंटर के दौरान दिल्ली पुलिस के छह जवानों को भी गोलियां लग गईं. इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. वहीं पुलिस के दो और जवान घायल हुए हैं.
दिल्ली की स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद सिंह कुशवाहा के मुताबिक दिल्ली पुलिस करीब तीन महीने से उस फॉर्म हाउस पर नज़र रखे हुए थी. 9 जून की दोपहर में हमें बदमाशों के होने का पता चला था. हमने उन्हें सरेंडर करने के लिए कहा था, लेकिन बदमाशों ने फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में पांच बदमाश मारे गए. पुलिस के मुताबिक बदमाश फोर्ड एंडेवर कार में सवार थे. उनके पास से सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल भी बरामद की गई हैं.
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कौन था राजेश भारती#SpotVisuals
— ANI (@ANI) June 9, 2018
5 criminals and 6 police personnel injured in an ongoing encounter between the Special cell of #Delhi
Police and Rajesh Bharti Gang in #Delhi
pic.twitter.com/NE894JJXEb

दिल्ली पुलिस ने राजेश भारती पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था.
राजेश भारती हरियाणा के जिंद का रहने वाला था. पिछले 23 साल से अपराध की दुनिया में सक्रिय था. उसपर हरियाणा के अलावा दिल्ली, पंजाब, यूपी और राजस्थान में भी हत्या और हत्या की कोशिश के अलावा अपहरण, जबरन वसूली और कार चोरी के 28 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे. हरियाणा पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी कर लिया था. इसी साल फरवरी 2018 में जब हरियाणा पुलिस उसे कोर्ट में पेशी पर लेकर जा रही थी, तो वो पुलिस कस्टडी से फरार हो गया. उसके बाद से ही वो लगातार अपराध कर रहा था. लोगों से वसूली के लिए वो एके 47 जैसे हथियार से हत्या करने तक की धमकी देता था. उसने क्रांति गैंग के नाम से भी दहशत कायम कर रखी थी. उसकी धमकी का ऑडियो भी दिल्ली पुलिस के पास था, जिसमें राजेश दिल्ली के एक कारोबारी भूषण से 50 लाख रुपये की फिरौती मांग रहा था. हरियाणा के साथ ही दिल्ली पुलिस को भी राजेश भारती की लंबे समय से तलाश थी. मारे जाने के बाद राजेश भारती का एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो फोन पर किसी को धमकाते हुए बोल रहा है कि दिल्ली, हरियाणा और जयपुर में हमसे ऊपर कोई नहीं है. दुबई में बैठा शकील भी हमसे बात करने के लिए तरस रहा है. पैसे देने ही पड़ेंगे. क्रांति गैंग से हैं हम. किसी से पता कर लेना.
क्या हुआ था 9 जून को?

दिल्ली पुलिस पिछले दो महीने से राजेश भारती और उसके गैंग को पकड़ने की कोशिश कर रही थी.
राजेश भारती पर एक लाख रुपये का इनाम था. इसकी वजह से दिल्ली पुलिस के मुखबिर राजेश को पकड़ने की हर संभव कोशिश कर रहे थे. 9 जून की सुबह ही दिल्ली पुलिस को पता चला कि राजेश भारती और उसका गैंग दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर इलाके के फतेहपुर में चनन होला के खरक गांव के पास कोई वारदात करने जा रहा है. सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने राजेश को पकड़ने के लिए योजना बनाई. जैसे ही दिल्ली पुलिस चनन होला के खरक गांव के फॉर्म हाउस के पास पहुंची, राजेश भारती के गैंग को पुलिस के आने का पता चल गया. हरियाणा नंबर की सफेद एसयूवी में सवार अपराधियों के गैंग ने अपने बचाव में फायरिंग कर दी. लेकिन दिल्ली पुलिस भी तैयार थी. उसने भी जवाबी कार्रवाई की. करीब 15 मिनट तक छतरपुर में गोलियां चलती रहीं. 35 राउंड के बाद जब फायरिंग बंद हुई तो पता चला कि पुलिस ने कुख्यात राजेश भारती को मार गिराया है. इसके अलावा गैंग के और अपराधी कपिल, संजीत बिंद्रो, उमेश डॉन और भीखू को भी दिल्ली पुलिस ने मार गिराया था. संजीत पर भी दिल्ली पुलिस की ओर से एक लाख रुपये का इनाम था, जबकि उमेश पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. वहीं इस एनकाउंटर के दौरान दिल्ली पुलिस के छह जवानों को भी गोलियां लग गईं. इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. वहीं पुलिस के दो और जवान घायल हुए हैं.
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from the spot: 5 criminals and 6 police personnel injured in an encounter between the Special cell of #Delhi
Police and Rajesh Bharti Gang in #Delhi
's Chhatarpur pic.twitter.com/9miTjTQQpm
— ANI (@ANI) June 9, 2018
दिल्ली की स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद सिंह कुशवाहा के मुताबिक दिल्ली पुलिस करीब तीन महीने से उस फॉर्म हाउस पर नज़र रखे हुए थी. 9 जून की दोपहर में हमें बदमाशों के होने का पता चला था. हमने उन्हें सरेंडर करने के लिए कहा था, लेकिन बदमाशों ने फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में पांच बदमाश मारे गए. पुलिस के मुताबिक बदमाश फोर्ड एंडेवर कार में सवार थे. उनके पास से सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल भी बरामद की गई हैं.
4 criminals killed & 8 policemen have sustained injuries, 6 of these policemen have suffered bullet injuries. We'll give further details in a while: Pramod Singh Kushwah, DCP (Special Cell) on encounter b/w Delhi Police Special cell & Rajesh Bharti Gang in Chhatarpur area #Delhi
— ANI (@ANI) June 9, 2018
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इस खबर के लिए ज़रूरी जानकारियां आजतक के क्राइम रिपोर्टर अरविंद ओझा ने मुहैया करवाई हैं.
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