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आफताब को नहीं है श्रद्धा की हत्या का अफसोस, ऐसे रह रहा था जैसे कुछ किया ही नहीं!

आफताब उसी कमरे में रह रहा था, जहां की थी श्रद्धा की 'हत्या'.

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आफ़ताब और श्रद्धा. (फोटो - आजतक)
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सोम शेखर
14 नवंबर 2022 (अपडेटेड: 14 नवंबर 2022, 06:46 PM IST)
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ट्रिगर वॉर्निंग: हत्या और वीभत्सता

छह महीने पहले श्रद्धा वाकर (Shraddha) नाम की एक युवती की हत्या कर दी गई थी. 18 दिनों तक क़ातिल ने उसके शव के टुकड़े अपनी फ़्रिज में रखे और एक-एक कर दिल्ली के अलग-अलग इलाक़ों में फेंक दिए. आरोप हैं उसके कथित प्रेमी आफ़ताब आमीन पूनावाला (Aaftab) पर. पुलिस ने आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया है. पुलिस का कहना है कि आरोपी को क़त्ल और क़त्ल की वीभत्सता का कोई अफ़सोस नहीं है.

पुलिस जांच में मालूम हुआ है कि श्रद्धा की हत्या के बाद आफ़ताब सामान्य जीवन जी रहा था, ताकि किसी को शक न हो. रोज़ उसी कमरे में सोता था, जिस कमरे में श्रद्धा की हत्या की. आस पड़ोस के लोगों से नहीं मिलता था. पुलिस की जांच में ये भी पता चला है कि आफ़ताब ने शव के टुकड़ों को रखने के लिए लोकल मार्केट से फ्रिज ख़रीदा था.

क्यों की हत्या?

आजतक के अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक़, आफ़ताब और श्रद्धा मुंबई में एक मल्टी-नेशनल कंपनी में साथ काम करते थे. मिलने के कुछ ही समय बाद दोनों रिलेशनशिप में आ गए थे. हालांकि, श्रद्धा के परिवार को ये रिलेशनशिप मंज़ूर नहीं थी. सो दोनों मुंबई से चले गए. बीती 8 मई को दिल्ली आए थे. पहली रात पहाड़गंज के एक होटल में रुके. उसके बाद सैदुलाजाब में एक हॉस्टल में रुके. मोबाइल की पड़ताल से ये जानकारियां मिली हैं, क्योंकि दोनों ने सारी लोकेशन्स गूगल से ढूंढी थी.

18 मई को शादी को लेकर दोनों में नोकझोंक हुई. और, कथित तौर पर आफ़ताब ने श्रद्धा की हत्या कर दी. गिरफ़्तारी से बचने के लिए उसने मृतका के शरीर के कई टुकड़े किए. शव को कई दिनों तक अपने फ़्रिज में रखा और सबूत मिटाने की कोशिश की.

इधर श्रद्धा का परिवार श्रद्धा से संपर्क नहीं कर पा रहा था, तो उन्होंने अगस्त में मानिकपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. श्रद्धा के पिता विकास मदन वाकर अपनी बेटी को ढूंढते हुए दिल्ली भी आए थे, लेकिन वो अपने छतरपुर में फ़्लैट में मिली नहीं. महाराष्ट्र पुलिस ने मामले को दिल्ली पुलिस को सौंप दिया.

फिर 8 नवंबर को महरौली थाने में किडनैपिंग की शिकायत दर्ज कराई गई. मृतका के पिता ने ये भी आरोप लगाए कि आफ़ताब उनकी बेटी के साथ अभद्रता करता था और अक्सर उसके साथ मारपीट करता था. फिर दिल्ली पुलिस ने आफ़ताब को पकड़ लिया. उससे पूछताछ की तो इस पूरे मामले का पता चला. पुलिस ने तब शव के टुकड़ों की तलाश की.

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