गांजा और भांग राखी सिस्टर हैं. ऐसा विनय सुल्तान ने बताया. हमने पूछा था. क्योंकिहमारे पास एक खबर आई. गांजा सप्लाई वाली. फिर फेंस के उस तरफ के वर्क स्टेशन परबैठे फैजल ने बताया. पौधा होता है. उससे गांजा बनता है.फिर केतन ने समझाया कि जैसे होमोसेपिएंस होते हैं. एक नर होता है और एक मादा. वैसेही कैनबिस फैमिली में दो तरह के होते हैं. एक गांजा और एक भांग. गांजे की पत्तीसुखा देते हैं. रोल करते टाइम बीज निकाल देते हैं. वर्ना चुट्ट-चुट्ट हो जाते हैं.माने जब आप फूंक रहे होते हैं तो फटाक से फूट जाता है. ढीला रोल होता है तो ज्वाइंटखुल भी जाता है.गांजे का धंधा अवैध रूप से देश भर में चलता है.फिर विनय चरस बनाने की प्रक्रिया समझाने लगे. बताया- गांजे के पौधे की पत्तियों केऊपर काली मोमनुमा चीज जम जाती है. जैसे मदार के पेड़ पर सफेद वैक्स लगी रहती है.फिर उसे सरसों के तेल के साथ हाथ में लगाते हैं. उसके बाद काली पत्ती को रगड़तेहैं. तो बेसिकली चरस मैल होती है. गोला बना लेते हैं. मैंने पूछा, गोला भांग काहोता है. तो जनता ने कहा. अरे मत खाइए गोला. उसे लंबा कर लीजिए. रोल बन जाएगा. फिरबताया गया ये फर्क. कि गांजा खाते नहीं फूंकते हैं. अर्थात पीते हैं. क्योंकि धुंआभीतर जाने को खाने नहीं पीने की श्रेणी में रखा जाता है. क्यों रखा जाता है.क्योंकि गैस और लिक्विड फ्लो करता है. ये हमको बिलकुल समझ नहीं आया. अगर ठोस खातेहैं. लिक्विड पीते हैं. तो गैस ग्रहण के लिए भी एक नई क्रिया ईजाद होनी चाहिए. होनीचाहिए कि नहीं होनी चाहिए मितरों.ये सब लिखने के बाद हमने जी अमित जी से पूछा. ये सब लिखना गैरकानूनी तो नहीं. जी नेकहा. ये सब कौन से माहिर हैं. चिलांटू हैं. गांव-गांव के लोगों तक को पता होता हैये सब.भांग का गोला ना देखा हो तो देख ल्यो.एक आखिरी चीजः भांग बनाते समय उसकी पत्ती को तांबे का सिक्का डाल उबाला जाता है.इससे इसका जहर निकल जाता है. फिर ये भांग बाजार में बिकती है. सरकारी दुकान पर.बिकता गांजा भी है. मगर यह गैरकानूनी है. इसलिए जो इसे बेचता है या सप्लाई करता है,उसे पुलिस वाले अंकल-आंटी पकड़ लेते हैं. फिर वो लोग गोल-गोल घूम गाना नहीं गाते.अब तो जेल में जाना पड़ेगा. वो काम कोर्ट सरकार का होता है.इसी कार से हो रही थी गांजे की सप्लाई.तो खबर जा है कि चार बदमास थे. तीन जने और एक महरिया. सातिर इत्ते, कार की सीट मेंबड़ा सा कुलका (छेद) कर लिया था. उसके नीचे बहुत बड़ा खौंचा. जिसमें इत्ती सारीबोरी गांजा छिपा देते थे. दिल्ली पुलिस ने चांप लिया उन सबको. फिर बुरिया तुलवाई तोतौल बैठी 123 किलो. थोक मंडी में इसके 50 लाख मिल जाते. अब मिला ठेंगा और डंडा.कानून का.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें-'जीजाजी छत पर हैं' सीरियल की वो बातें जो किसी को नहीं पता हैं!AAP के लिए कुमार विश्वास से बड़ी मुश्किल आ गई हैकौन है ये पंजाबी लड़की, जिसके यूट्यूब वीडियो देख लोग पागल हो रहे हैंघर में टॉइलेट नहीं था, शौच के लिए बाहर गई और कुत्तों ने नोचकर मार डालाकिसी भी बैंक में आपका अकाउंट है, तो आपके लिए बहुत बुरी खबर हैलल्लनटॉप वीडियो देखें-