दिल्ली के सिविल लाइंस में मर्सिडीज कार से एक्सीडेंट केस अब नए मोड़ पर है. कारचलाने वाला नाबालिग जेल जाने से भले ही बच गया हो. लेकिन अब पुलिस की गिरफ्त मेंनाबालिग के पिता आ गए हैं. पुलिस ने शुक्रवार रात नाबालिग के पिता और कार के मालिकमनोज अग्रवाल को गैर इरादतन हत्या के आरोप में अरेस्ट कर लिया है. पुलिस मनोजअग्रवाल को कोर्ट में शनिवार को पेश किया. कोर्ट ने मनोज अग्रवाल को एक दिन कीपुलिस रिमांड पर भेज दिया है. 4 अप्रैल को मनोज अग्रवाल के नाबालिग बेटे की तेजरफ्तार मर्सिडीज से टक्कर लगने से 35 साल सिद्धार्थ शर्मा की मौत हो गई थी. हालांकिनाबालिग इस शुक्रवार को 18 साल का हो रहा है, इस वजह से जेल जाने से बच गया. पुलिसके मुताबिक, नाबालिग हमेशा से तेज रफ्तार में गाड़ी चलाता था. बीते साल भी खतरनाकतरह से ड्राइविंग करने की वजह से पुलिस ने नाबालिग का 3 बार चालान काटा था. पुलिसनाबालिग को जुवेनाइल बोर्ड को पेश करेगी, जिसके बाद ये तय होगा कि नाबालिग के खिलाफक्या कार्रवाई की जाए. पुलिस हादसे की रात सीसीटीवी फुटेज की जांच करेगी. पुलिस काकहना है कि मनोज अग्रवाल को पता था कि उसका बेटा तेज रफ्तार में गाड़ी चलाता था,फिर भी मनोज ने कभी अपने बेटे को नहीं रोका. शुरुआती जांच में ये साफ है कि नाबालिगतेज रफ्तार में कार चलाता था. कौन थे सिद्धार्थ बॉलीवुड डायरेक्टर हैं योगेशमित्तल. सिद्धार्थ उनके साले थे. इनके पापा हेमराज शर्मा, रिटायर्ड नेवी अफसर हैं.वो बताते हैं कि सिद्धार्थ बहुत तेज दिमाग का लड़का था. मुंबई से दिल्ली आने के बादबहुत एक्साइटेड था. अपने फ्यूचर के लिए ढेर सारे सपने देख रखे थे. इन्फॉर्मेशनटेक्नॉलजी की डिग्री थी. भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर के लिए भी दो महीने काम किया था.उनके क्लोज फ्रेंड नितिन नारायण ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि बढ़िया स्टूडेंटथे सिद्धार्थ. लोगों को जल्दी से इंप्रेस करने में माहिर. बिजनेस स्ट्रैटजी सेटकरने में उनका बहुत मन लगता था. लेकिन इस हादसे से सब खत्म हो गया. सारे सपने चूरहो गए.