The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • delhi Mercedes Hit-And-Run: Accused Teen A 'Repeat Offender', Say Police

मर्सिडीज केस: पुलिस रिमांड पर भेजा गया नाबालिग के पापा

दिल्ली: 4 अप्रैल को हुए हादसे में गई थी युवक की जान. पुलिस को कोर्ट से मिली एक दिन की पुलिस रिमांड.

Advertisement
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
pic
विकास टिनटिन
9 अप्रैल 2016 (अपडेटेड: 9 अप्रैल 2016, 12:31 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
दिल्ली के सिविल लाइंस में मर्सिडीज कार से एक्सीडेंट केस अब नए मोड़ पर है. कार चलाने वाला नाबालिग जेल जाने से भले ही बच गया हो. लेकिन अब पुलिस की गिरफ्त में नाबालिग के पिता आ गए हैं. पुलिस ने शुक्रवार रात नाबालिग के पिता और कार के मालिक मनोज अग्रवाल को गैर इरादतन हत्या के आरोप में अरेस्ट कर लिया है. पुलिस मनोज अग्रवाल को कोर्ट में शनिवार को पेश किया. कोर्ट ने मनोज अग्रवाल को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. 4 अप्रैल को मनोज अग्रवाल के नाबालिग बेटे की तेज रफ्तार मर्सिडीज से टक्कर लगने से 35 साल सिद्धार्थ शर्मा की मौत हो गई थी. हालांकि नाबालिग इस शुक्रवार को 18 साल का हो रहा है, इस वजह से जेल जाने से बच गया. पुलिस के मुताबिक, नाबालिग हमेशा से तेज रफ्तार में गाड़ी चलाता था. बीते साल भी खतरनाक तरह से ड्राइविंग करने की वजह से पुलिस ने नाबालिग का 3 बार चालान काटा था. पुलिस नाबालिग को जुवेनाइल बोर्ड को पेश करेगी, जिसके बाद ये तय होगा कि नाबालिग के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए. पुलिस हादसे की रात सीसीटीवी फुटेज की जांच करेगी. पुलिस का कहना है कि मनोज अग्रवाल को पता था कि उसका बेटा तेज रफ्तार में गाड़ी चलाता था, फिर भी मनोज ने कभी अपने बेटे को नहीं रोका. शुरुआती जांच में ये साफ है कि नाबालिग तेज रफ्तार में कार चलाता था. कौन थे सिद्धार्थ बॉलीवुड डायरेक्टर हैं योगेश मित्तल. सिद्धार्थ उनके साले थे. इनके पापा हेमराज शर्मा, रिटायर्ड नेवी अफसर हैं. वो बताते हैं कि सिद्धार्थ बहुत तेज दिमाग का लड़का था. मुंबई से दिल्ली आने के बाद बहुत एक्साइटेड था. अपने फ्यूचर के लिए ढेर सारे सपने देख रखे थे. इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी की डिग्री थी. भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर के लिए भी दो महीने काम किया था. उनके क्लोज फ्रेंड नितिन नारायण ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि बढ़िया स्टूडेंट थे सिद्धार्थ. लोगों को जल्दी से इंप्रेस करने में माहिर. बिजनेस स्ट्रैटजी सेट करने में उनका बहुत मन लगता था. लेकिन इस हादसे से सब खत्म हो गया. सारे सपने चूर हो गए.

Advertisement

Advertisement

()