The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • delhi liquor policy scam explained aap sanjay singh arrested manish sisodia

दिल्ली शराब घोटाले का पूरा मामला क्या है, जिसमें अब संजय सिंह को अरेस्ट किया गया है?

आरोप हैं कि केस के मुख्य आरोपी दिनेश अरोड़ा ने संजय सिंह के कहने पर ही दिल्ली चुनाव के लिए पार्टी फंड इकट्ठा करने का काम किया था.

Advertisement
pic
5 अक्तूबर 2023 (अपडेटेड: 5 अक्तूबर 2023, 04:05 PM IST)
delhi liquor policy scam explained aap sanjay singh arrested manish sisodia
10 घंटे तक पूछताछ के बाद ED ने संजय सिंह को अरेस्ट किया (फोटो- इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

दिल्ली शराब नीति घोटाला (Delhi Liquor Policy Scam) मामले में आप सांसद संजय सिंह को अरेस्ट कर लिया गया है. उनके और केस के मुख्य आरोपी दिनेश अरोड़ा के बीच कथित कनेक्शन को लेकर. 4 अक्टूबर की सुबह ED ने संजय सिंह के घर पर छापेमारी की, उनसे पूछताछ हुई और फिर 10 घंटे बाद उन्हें अरेस्ट कर लिया गया. ऐसे में, एक बार फिर से दिल्ली शराब घोटाले का मामला चर्चा का विषय बन गया. आखिर यह मामला है क्या? विस्तार से जानते हैं.

संजय सिंह पर क्या आरोप हैं?

दिनेश अरोड़ा दिल्ली शराब केस के मुख्य आरोपी और एक रेस्तरां व्यापारी हैं. मई में ED ने एक शिकायत में संजय सिंह का नाम लिया था और कहा था कि दिनेश अरोड़ा ने सबसे पहले संजय सिंह से ही मुलाकात की थी. और संजय सिंह ने ही दिनेश अरोड़ा की मुलाकात मनीष सिसोदिया से कराई थी. तब संजय सिंह ने ED को एक कानूनी नोटिस भेजा था, जिस पर ED ने जवाब दिया कि संजय सिंह का नाम 'अनजाने में' चला गया.

मई में ही ED ने संजय सिंह के दो सहयोगियों अजीत त्यागी और सर्वेश मिश्रा के घर पर भी छापा मारा था. इसके अलावा मनीष सिसोदिया के खिलाफ दायर की गई  ED की चार्जशीट में भी संजय सिंह का नाम आया. आरोप लगे कि दिनेश अरोड़ा ने संजय सिंह के कहने पर ही दिल्ली चुनाव के लिए पार्टी फंड इकट्ठा करने का काम किया था. इसके लिए संजय सिंह ने कथित तौर पर दिनेश अरोड़ा को फोन किया और कहा था,

"चुनाव आने वाले हैं, और पार्टी को पैसे के जरूरत हैं. कुछ रेस्तरां वालों से संपर्क करिए."

आरोप हैं कि अरोड़ा ने कई रेस्तरां मालिकों से बात की थी. उनके संपर्क से पैसा इकट्ठा किया था. 82 लाख रुपये का एक चेक भी सिसोदिया को सौंपा. ED ने ये भी आरोप लगाया है कि संजय सिंह ने दिनेश अरोड़ा का आबकारी विभाग से जुड़ा एक मुद्दा भी सुलझाया था.

आरोप है कि दिनेश ने संजय सिंह की मुलाकात और कुछ व्यवसायियों से कराई, जिसमें प्रमुखता से अमित अरोड़ा नाम के व्यक्ति का नाम लिया जा रहा है. फिर एक मीटिंग हुई मनीष सिसोदिया के आवास पर. इसमें थे मनीष सिसोदिया, दिनेश अरोड़ा, अमित अरोड़ा और संजय सिंह. इस मीटिंग में सिसोदिया ने कथित तौर पर कहा कि वो दिल्ली की शराब पॉलिसी में बदलाव करेंगे. इसके एवज में संजय सिंह के करीबी विवेक त्यागी को अमित अरोड़ा के बिजनेस में हिस्सेदारी मिलती.  

बता दें, दिल्ली शराब पॉलिसी मामले में दो केस चल रहे हैं. एक केस CBI ने दर्ज किया है और एक केस ED ने. दिनेश को साल 2022 में सबसे पहले CBI ने अरेस्ट किया. दिनेश ने कोर्ट में कहा कि वो इस मामले में सरकारी गवाह बनना चाहते हैं. राऊज एवेन्यू कोर्ट ने ये बात स्वीकार कर ली. बाहर आ गए. फिर जुलाई 2023 में दिनेश को ED ने अरेस्ट कर लिया. और संजय सिंह पर छापा पड़ने के ठीक एक दिन पहले यानी 3 अक्टूबर को दिनेश अरोड़ा ED केस में भी सरकारी गवाह बन गए थे.

कब-कैसे-क्या पता चला? 

नवंबर 2021 में दिल्ली की केजरीवाल सरकार नई आबकारी नीति लागू की थी. कुछ महीने बाद ही दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) वीके सक्सेना ने AAP सरकार की नई आबकारी नीति पर रिपोर्ट तलब की. 8 जुलाई, 2022 को दिल्ली के मुख्य सचिव ने रिपोर्ट उपराज्यपाल को सौंपी. रिपोर्ट में नई आबकारी नीति बनाने में नियमों के उल्लंघन और टेंडर प्रक्रिया में खामियों का जिक्र किया गया था.

मुख्य सचिव की रिपोर्ट में नई शराब नीति में GNCTD एक्ट 1991, ट्रांजैक्शन ऑफ बिजनेस रूल्स (टीओबीआर) 1993, दिल्ली एक्साइज एक्ट 2009 और दिल्ली एक्साइज रूल्स 2010 का प्रथम दृष्टया उल्लंघन बताया गया. मुख्य सचिव ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि नई पॉलिसी के जरिए शराब लाइसेंसधारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया. लाइसेंस देने में नियमों की अनदेखी की गई. टेंडर के बाद शराब ठेकेदारों के 144 करोड़ रुपये माफ किए गए. रिपोर्ट के मुताबिक नई नीति के जरिए कोरोना के बहाने लाइसेंस की फीस माफ की गई. रिश्वत के बदले शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाया गया.

ये भी पढ़ें- दिल्ली सरकार की नई शराब नीति में क्या 'झोल' था?

रिपोर्ट के आधार पर जुलाई 2022 में वीके सक्सेना ने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के खिलाफ CBI जांच के निर्देश दे दिए. CBI जांच के आदेश के कुछ दिन बाद ही केजरीवाल सरकार ने नई आबकारी नीति पर रोक लगा दी. 1 सितंबर 2022 से नई को हटाकर फिर पुरानी नीति लागू कर दी गई.

वीडियो: संजय सिंह के करीबियों के घर ED की रेड, सांसद ने बड़ी बात बोल दी

Advertisement

Advertisement

()