जिस शराब नीति केस में ED ने केजरीवाल समेत बाकियों को गिरफ्तार किया, उसमें सभी आरोपियों को जमानत
दिल्ली हाई कोर्ट ने 17 सितंबर को PMLA से संबंधित एक मामले में बिजनेसमैन अमित अरोड़ा और अमनदीप सिंह ढल को जमानत दे दी. पिछले कुछ महीनों में AAP नेताओं और दूसरे आरोपियों को जमानत मिल चुकी है.

दिल्ली शराब नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया था, उनमें सभी आरोपियों को जमानत मिल गई है. दिल्ली हाई कोर्ट ने 17 सितंबर को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) से संबंधित एक मामले में बिजनेसमैन अमित अरोड़ा और अमनदीप सिंह ढल को जमानत दे दी.
पिछले कुछ महीनों में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी (AAP) नेता मनीष सिसोदिया और संजय सिंह समेत कई आरोपियों को जमानत मिल चुकी है. शराब नीति मामले में आरोप झेल रहे दो लोगों को रेगुलर बेल मिलना बाकी था. उन्हें आज (17 सितंबर) दिल्ली हाई कोर्ट ने राहत दे दी.
मनीष सिसोदिया के सहयोगी को मिली जमानतलाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका मंजूर कर ली. इससे पहले अमित अरोड़ा को अगस्त में स्वास्थ्य कारणों के कारण अंतरिम जमानत दी गई थी. वे गुरुग्राम में एक बड़ी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं. उन्हें ED ने 29 नवंबर, 2022 को PMLA कानून के तहत गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी की माने तो अमित अरोड़ा मनीष सिसोदिया के करीबी हैं. दोनों शराब व्यापारियों से इकट्ठा किए गए अवैध धन के 'प्रबंधन और हेराफेरी' में शामिल थे.
वहीं अमनदीप ढल ब्रिंडको सेल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं. उन्हें 2023 में मार्च की पहली तारीख को ईडी ने गिरफ्तार किया था. ढल पर शराब नीति तैयार करने और आम आदमी पार्टी को रिश्वत मुहैया कराने का आरोप है. ED वाले मामले में तो अमनदीप को जमानत मिल गई है, लेकिन भ्रष्टाचार के मामले में उनकी जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है.
यह भी पढ़ें:दिल्ली का अगला CM चुने जाने के बाद बोलीं आतिशी- 'ये बहुत दुख की घड़ी है...'
और किन्हें मिली है जमानत?शराब नीति मामले में पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे थे. मार्च महीने में ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था. बाद में कोर्ट से केजरीवाल को जमानत मिल गई थी.
केजरीवाल के अलावा इस मामले में अन्य आरोपियों को भी जमानत मिली है. इनमें आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, BRS नेता के कविता, AAP के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर, सांसद मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी के बेटे राघव मगुंटा और अरबिंदो फार्मा के निदेशक सरथ चंद्र रेड्डी, पेरनोड रिकार्ड इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक बिनॉय बाबू, हैदराबाद के व्यापारी अरुण पिल्लई और अभिषेक बोइनपल्ली, शराब कारोबारी समीर महेंद्रु, आप कार्यकर्ता चरनप्रीत सिंह. इनके अलावा चैरियट एडवरटाइजिंग के राजेश जोशी और शिरोमणि अकाली दल के पूर्व विधायक दीप मल्होत्रा के बेटे गौतम मल्होत्रा को भी जमानत दी गई है.
दिल्ली सरकार ने नवंबर 2021 में नई शराब नीति लागू की थी. लेकिन साल भर के भीतर इस आदेश को रद्द करना पड़ा. कारण सरकार पर शराब लाइसेंस धारकों को मनमाने तरीके से फायदा पहुंचाने का आरोप लगा. दिल्ली के तत्कालीन वित्त सचिव नरेश कुमार ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना को रिपोर्ट सौंपी. मामला वित्तीय अनियमित्तता और भ्रष्टाचार दोनों से जुड़ा था, लिहाजा ED और CBI ने इस मामले में अपनी कार्रवाई शुरू की थी.
वीडियो: अमित शाह ने NDA सरकार के सौ दिन पूरे होने पर क्या बोले?

.webp?width=60)

