दिल्ली के LG ने कंपलसरी रिटायमेंट दिया था, अधिकारी ने चैलेंज कर दिया, सस्पेंड हो गया
उपराज्यपाल का कहना है कि अधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप थे, इसलिए निलंबित किया गया
.webp?width=210)
दिल्ली के उपराज्यपाल (Delhi LG) के आदेश पर एक सरकारी अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है. उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक दिल्ली के डीएएसएस ग्रेड 1 के अधिकारी हरीश बजाज पर कमीशन खोरी और चूक के आरोप लगे थे. जिसके बाद उपराज्यपाल ने उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति यानी कंपलसरी रिटायरमेंट दे दिया था.
लेकिन, हरीश ने इस फैसले को चैलेंज कर दिया था. हरीश पर सरकारी और ग्राम सभा के 57 भूखंडो को लोगों को बेंचने के आरोप थे. जिसके लिए अब उपराज्यपाल ने उन्हें निलंबित कर दिया है. उपराज्यपाल कार्यालय के अधिकारियों ने बताया,
'केवल कंपलसरी रिटायरमेंट काफी नहीं था'सरकारी आदेश के खिलाफ हरीश द्वारा दायर अपील के मामले का निस्तारण करते हुए उपराज्यपाल को लगा कि हरीश पर जो आरोप लगे हैं, उनके लिए कंपलसरी रिटायमेंट काफी नहीं है. एक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि बजाज को अपने काम और जिम्मेदारियों में लापारवाही बरतने के लिए दोषी पाया गया था. इस अधिकारी ने आगे कहा,
अधिकारी के मुताबिक हरीश ने अपने ऊपर लगे आरोपों के बचाव में कहा था कि रजिस्ट्रेशन एक्ट 1908 के तहत सब-रजिस्ट्रार अपना काम करते हैं. और रुल 42 के तहत सब-रजिस्ट्रार को इस बात से कोई लेना-देना नहीं होता है कि जमीन किसकी है. और सब-रजिस्ट्रार जमीन के पंजीकरण से पहले जमीन की जांच करने के लिए बाध्य नहीं है. अधिकारी का कहना है कि उपराज्यपाल ने हरीश की दलीलों को भ्रामक करार दिया है, साथ ही उन्होंने कहा कि हरीश ने सरकारी आदेशों की अवहेलना की है.
वीडियो: मास्टर क्लास: केजरीवाल और उप राज्यपाल विनय सक्सेना सुप्रीम कोर्ट में कौन सी लड़ाई लड़ रहे?

.webp?width=60)

